Thursday, September 4, 2025

AMU ABK High School (Boys) Holds Investiture Ceremony

 


AMU ABK High School (Boys) Holds Investiture Ceremony with Dignity and Enthusiasm Dr. Samina addressing the Investiture Ceremony at AMU ABK High School Boys on 




AMU ABK High School (Boys) Holds Investiture Ceremony with Dignity and Enthusiasm

 एएमयू एबीके हाई स्कूल (ब्वॉयज) में गरिमा और उत्साह के साथ पद ग्रहण समारोह आयोजित

अलीगढ़, 3 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एबीके हाई स्कूल (ब्वॉयज) में पद ग्रहण समारोह (इंवेस्टिचर सेरेमनी) बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य छात्रों में जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना उत्पन्न करना था। इस अवसर पर नवनिर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों ने विद्यालय की प्रतिबद्धताआत्मविश्वास और योग्यता के मूल्यों को निभाने की शपथ ली।

मुख्य अतिथि प्रो. कुदसिया तहसीनउप निदेशकस्कूल शिक्षा निदेशालय (डीएसई)एएमयूऔर विशिष्ट अतिथियों डॉ. सालेहा जमाल और मोहम्मद अब्दुल कादिरसहायक निदेशकडीएसईएएमयू शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल शिक्षा निदेशालय के निर्देशन में किया गया।

प्रधानाचार्य डॉ. समीना ने समन्वयकों रईस अहमद और निदा उस्मानी के साथ अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. समीना ने नेतृत्व के महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को निष्ठाईमानदारी और समर्पण के साथ नेतृत्व करने की सलाह दी।

प्रो. कुदसिया तहसीन ने अन्य विशिष्ट अतिथियों और प्रधानाचार्य के साथ मिलकर छात्र परिषद के सदस्यों को बैज पहनाए और हाउस इंचार्जकप्तानों व उप-कप्तानों को झंडे सौंपे। पद की शपथ रईस अहमद ने दिलाई। इस अवसर पर छात्रों ने अनुशासित मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

नवनिर्वाचित परिषद सदस्यों में हेड ब्वॉय दानियाल अली और डिप्टी हेड ब्वॉय अनंत भारद्वाज शामिल हैं। सीनियर सेक्शन के हाउस इंचार्ज इमरान (ब्लू हाउस)मुनीर अहमद (ग्रीन हाउस)फराह नज्म (रेड हाउस) और हैदर अली (येलो हाउस) हैं। प्राथमिक सेक्शन के हाउस इंचार्ज लक्ष्मी तुरेहा (ब्लू हाउस)फौजिया खान (ग्रीन हाउस)हिना खान (रेड हाउस) और हुमैरा अनवर (येलो हाउस) हैं।

सीनियर सेक्शन के कप्तान और उप-कप्तान मोहम्मद आहिल और मोहम्मद हसीन (ब्लू हाउस)विश्वेन्द्र सिंह तोमर और यश कुमार (ग्रीन हाउस)अर्शिल खान और अली खान (रेड हाउस)इजरान खान और मोहम्मद इंस (येलो हाउस) हैं।

अपने संबोधन में प्रो. तहसीन ने अनुशासनटीम वर्क और धैर्य जैसे मूल्यों को रेखांकित करते हुए छात्रों को प्रतिबद्ध नेता और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। डॉ. सालेहा जमाल और मोहम्मद अब्दुल कादिर ने परिषद सदस्यों को बधाई दी और विद्यालय की सराहना की कि वह छात्रों में नेतृत्व गुणों का विकास कर रहा है।

कक्षा 10 के मेधावी छात्रों के अभिभावकों को भी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। हेड ब्वॉय दानियाल अली ने अपने भाषण में विद्यालय की गरिमा को बनाए रखने और सहपाठियों को प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन गौसिया ने किया और आभार ज्ञापन फराह नज्म ने प्रस्तुत किया।

कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने आधे घंटे तक साइकिल चलाई

 



JMI celebrates National Sports Day 2025 to mark the birth anniversary of the legendary hockey player Major Dhyan Chand

जेएमआई ने मनाया महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस – 2025

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के खेल एवं क्रीड़ा विभाग ने भारत के महान हॉकी खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त से 31 अगस्त, 2025 तक "राष्ट्रीय खेल दिवस (एनएसडी)-2025" मनाया। इस वर्ष का विषयखेल की शक्ति के माध्यम से एक स्वस्थसमावेशी और सक्रिय भारत के निर्माण के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता हैजिसकी टैगलाइन है "एक घंटा खेल के मैदान में"।

 

इस अवसर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 29 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक कई गतिविधियाँ/ कार्यक्रम आयोजित किए गए। 31 अगस्त 2025 को विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों दोनों के लिए "संडे ऑन साइकिल" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के माननीय कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। साइकिल चालकों ने स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए लगभग आधे घंटे तक साइकिल चलाई और पूरी यात्रा के दौरान "मेजर ध्यानचंद जी की याद मेंएक घंटा खेल के मैदान में" का नारा लगाते रहे। साइकिल यात्रा सुबह 7:00 बजे विश्वविद्यालय के शताब्दी द्वार (गेट संख्या 13) से शुरू होकर  विधि संकाय तक गईइंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय की ओर एक चक्कर लगाया और फिर शताब्दी द्वार (गेट संख्या 13) पर वापस आ गई।

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने भारत के सबसे प्रसिद्ध खेल व्यक्तित्वमेजर ध्यानचंदजिन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता है; के महत्वपूर्ण प्रभाव पर ज़ोर दिया। प्रो. आसिफ़ ने विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियोंदोनों से मोटापे से निपटने के लिए खेल और फिटनेस गतिविधियों में शामिल होकर एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया।

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने राष्ट्रीय खेल दिवस-2025 के उपलक्ष्य में खेल और फिटनेस कार्यक्रमों के आयोजन हेतु खेल एवं क्रीड़ा विभाग द्वारा की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने एक स्वस्थ और तंदुरुस्त जीवनशैली बनाए रखने के लिए दैनिक जीवन में शारीरिक व्यायाम के महत्व पर प्रकाश डाला।

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मानद खेल एवं क्रीड़ा निदेशक प्रो. नफीस अहमद ने राष्ट्रीय खेल दिवस-2025 के आयोजन के संबंध में एक संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कर्मचारियों को खेल और फिटनेस गतिविधियों में शामिल होकर एक स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन और स्थायी जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।

 

29 और 30 अगस्त, 2025 को विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एक वॉलीबॉल टूर्नामेंट और एक क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया गया।

 

इससे पहले 29 अगस्त 2025 को जामिया स्कूल के छात्रों के लिए मेजर ध्यानचंद अंतर-विद्यालय हॉकी टूर्नामेंट की घोषणा की गई थी। जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मल्टी-पर्पस हॉल में स्कूल के खेल-छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मानद खेल निदेशक द्वारा फिट इंडिया मिशन पर एक व्याख्यान भी दिया गया।

 

प्रो. साइमा सईद

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ ओरिएंटेशन सत्र

                         


Dr. Muzamil Mushtaq, Mr. Yerram Mahesh and Mr. Gaurav Gusain, Dr. Rahila Rais and Dr. Mansoor Alam  with students Orientation Session with Azim Premji Foundation

   एएमयू में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ ओरिएंटेशन सत्र आयोजित

अलीगढ़, 4 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस (जनरल) ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए एक इंटरएक्टिव ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को तलाशना और इन क्षेत्रों में छात्रों की संभावित भूमिका को समझना था।

सत्र की शुरुआत में असिस्टेंट टीपीओ (जनरल) डॉ. मुजम्मिल मुश्ताक ने स्वागत भाषण दिया और इस प्रकार के कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित कियाजो छात्रों के करियर दृष्टिकोण को व्यापक बनाती हैं।

फाउंडेशन की ओर से पीपल फंक्शन - कैंपस रिक्रूटमेंट’ टीम के येर्रम महेश और गौरव गुसाईं ने संस्था का परिचय दियाइसके संस्थापक की सोच को साझा किया और भर्ती व चयन प्रक्रिया की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में करियर ग्रोथ और व्यक्तिगत विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

छात्रों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और भर्ती प्रक्रियाकरियर मार्गों और फाउंडेशन के व्यापक मिशन को बेहतर ढंग से समझने के लिए विशेषज्ञों से सवाल पूछे।

कार्यक्रम के अंत में असिस्टेंट टीपीओ (जनरल) डॉ. सुहैलिया परवीन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सभी की सहभागिता के लिए सराहना व्यक्त की।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले शिक्षकों में प्रो. नसरीन (शिक्षा विभाग)डॉ. राहिला रईस (हिंदी विभाग)डॉ. मंसूर आलम सिद्दीकी (विमेंस कॉलेज)डॉ. ताहिर और डॉ. आरिफ (सामाजिक कार्य विभाग)डॉ. हैदर हसन जाफरी (भौतिकी विभाग)और डॉ. जुलकरनैन (अर्थशास्त्र विभाग) शामिल थे।


                             ईद मिलाद उन नबी के अवसर पर सीरत प्रदर्शनी एवं कार्यक्रम का आयोजन

 मिलाद उन नबी के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जलसा ईद मिलाद उन नबी और मौलाना आजाद लाइब्रेरी में सीरत प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

5 सितम्बर शुक्रवार प्रातः 10.30 बजे कैनेडी हाल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में दारूल उलूम नदवतुल उलमा के हजरत मौलाना खालिद नदवी साहब गाजीपुरी और वसीका अरबिक कालिज फैजाबादअयोध्या के प्राचार्य हजरत मौलाना मोहम्मद मोहसिन साहब पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन पर तकरीर करेंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के छात्र नात भी प्रस्तुत करेंगे।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी द्वारा ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के उपलक्ष्य में 5-6 सितंबर को सेंट्रल हॉल में पैगंबर मोहम्मद (स.) के जीवन से संबंधित पुस्तकोंपांडुलिपियोंकलाकृतियों और पवित्र स्थानों के चित्रों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदर्शनी का उद्घाटन एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून 5 सितंबर को प्रातः 10 बजे करेंगी।

यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन प्रो. निशात फातिमा ने बताया कि प्रदर्शनी में कई भाषाओं में सीरत (पैगंबर मोहम्मद स.अ.व. की जीवनी) पर एक हजार से अधिक पुस्तकेंदुर्लभ प्रकाशित कुरान और कुरानिक सुलेख के उदाहरण प्रदर्शित किए जाएंगेजिनमें इस्लाम के चैथे खलीफा हजरत अली द्वारा लिखित कुरान की एक प्रति भी शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी 5 सितम्बर को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक तथा 6 सितम्बर को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक आगुंतकों के लिए खुली रहेगी।

प्रदर्शनी का समापन 6 सितंबर को शाम 500 बजे होगा

JMI retains 13th rank in ‘overall’ category


 JMI VC and Registrar at the NIRF Ranking 2025 Award Ceremony function on September 04, 2025

 JMI retains 13th rank in ‘overall’ category and ranked fourth among universities in India; JMI bags 3rd position among SDG Institutions, 5th in Architecture, 8th in Law in the NIRF Ranking 2025

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 'ओवरऑलश्रेणी में 13वां स्थान रखा बरकरार और भारत के विश्वविद्यालयों में चौथा स्थान प्राप्त कियाएनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में जेएमआई ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) संस्थानों में तीसरावास्तुकला में पाँचवां और विधि में आठवां स्थान प्राप्त किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा आज जारी नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) भारत रैंकिंग 2025 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने 'ओवरऑलश्रेणी में अपना 13वां स्थान बरकरार रखा है और 'विश्वविद्यालय श्रेणीमें चौथा स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि इस वर्षशिक्षा मंत्रालय ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) या सतत रैंकिंग की शुरुआत करते हुए 17 श्रेणियों में संस्थानों की रैंकिंग की है। इस श्रेणी मेंजेएमआई ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) वाले संस्थानों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

 

विश्वविद्यालय को उसकी जबरदस्त सफलताविशेष रूप से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) जैसे नए और चुनौतीपूर्ण मापदंडों पर बधाई देते हुएजेएमआई के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ़ ने कहा, "यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि जेएमआई ने देश के शीर्ष 5 संस्थानों में अपना स्थान बरकरार रखा है और एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में समग्र श्रेणी में 13वां स्थान प्राप्त किया है। हमने एसडीजी संस्थानों के बीच बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और हमें उम्मीद है कि हम इंजीनियरिंगप्रबंधन और दंत चिकित्सा के विषयों में अपनी स्थिति और बेहतर कर सकते हैंक्योंकि इन प्रतिष्ठित शाखाओं में हमारे संकाय सदस्यों की समर्पित टीम है।" प्रो. आसिफ़ ने कहा, "इस वर्ष की रैंकिंग हमारे संकाय की कड़ी मेहनत और अकादमिक अनुसंधानआउटरीचउद्योग के साथ सहयोगकौशल-आधारित और मूल्य-आधारित शिक्षा में जामिया की उत्कृष्टता का प्रमाण है। हमें उम्मीद है कि हम अपने रास्ते में आने वाली कुछ चुनौतियों पर काम करेंगे ताकि हम अगले साल अपनी रैंकिंग और बेहतर कर सकें और 105 साल पुराने संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें। एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 अकादमिक दृढ़ता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है क्योंकि हम शिक्षा में नेतृत्व की जामिया की विरासत को कायम रखते हैं।"

 

जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वीजो कुलपति प्रो. आसिफ़ के साथ राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एनआईआरएफ के विमोचन के विशेष कार्यक्रम में शामिल हुएउन्होंने इस उपलब्धि पर पूरे जामिया परिवारशिक्षकोंकर्मचारियोंछात्रों सहित आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन (आईक्यूएसी) प्रकोष्ठ को बधाई दी। प्रो. रिज़वी ने कहा, "एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 दर्शाती है कि जामिया शिक्षण और लर्निंग के सभी मानदंडों और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर है। एसडीजी संस्थानों में तीसरा स्थान प्राप्त करना एक मील का पत्थर है जो हमें समाज में योगदान देनेअपने पर्यावरण की रक्षा करने और एक हरित और टिकाऊ परिसर बनाने के लिए सार्थक तरीकों से एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।“

 

'वास्तुकला और योजनाश्रेणी मेंजामिया को सभी प्रतिभागी संस्थानों में 5वां स्थान और विधि में 8वां स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय को दंत चिकित्सा में 17वां और सभी शोध संस्थानों में 20वां स्थान प्राप्त हुआ है। इंजीनियरिंग मेंजामिया को 24वां और प्रबंधन में 28वां स्थान प्राप्त हुआ है।

शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षकों को बधाई देते हुएजामिया के कुलपति प्रो. आसिफ ने संकाय सदस्यों से कहा कि वे युवा मस्तिष्कों को प्रोत्साहित और प्रेरित करके राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर ज्ञान और सद्भाव के प्रतीक के रूप में चमकने वाले भारत के निर्माण के लिए काम करते रहें।“ उन्होंने शिक्षकों से एनआईआरएफ के 11वें संस्करण में जामिया की समग्र रैंकिंग को और बेहतर बनाने का संकल्प लेने का भी आग्रह किया।

 

इस वर्ष की रैंकिंग 17 श्रेणियों में जारी की गई है- ओवरऑलविश्वविद्यालयकॉलेजशोध संस्थानइंजीनियरिंगप्रबंधनफार्मेसीचिकित्सादंतचिकित्साविधिवास्तुकला और प्लानिंगकृषि और संबद्ध क्षेत्रमुक्त विश्वविद्यालयकौशल विश्वविद्यालयराज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालय और सतत विकास लक्ष्य संस्थान।

 

एनआईआरएफ रैंकिंग निम्नलिखित मानदंडों पर संस्थानों का मूल्यांकन करती है: शिक्षणअधिगम और संसाधनशोध और व्यावसायिक पद्धतिस्नातक परिणामआउटरीच, इन्क्लूसिविटी और पर्सेप्शन। यह एनआईआरएफ का दसवां एडीशन है।

Monday, September 1, 2025

Eye donation at at 104 RAF Battalion By AMU Aligarh

 


M Saquib sensitising personnel about corneal blindness and the significance of pledging for eye donation at at RAF Battalion in Aligarh

104 बटालियन आरएएफ में एएमयू के नेत्र विज्ञान संस्थान द्वारा नेत्रदान जागरूकता अभियान

अलीगढ़, 1 सितम्बरः नेत्रदान पखवाड़ा के तहत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालिज के नेत्र विज्ञान संस्थान के नेत्र बैंक की ओर से सोमवार को 104 बटालियन आरएएफरामघाट रोड पर नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट विनोद कुमार के सहयोग से हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने कॉर्नियल अंधत्व की रोकथाम और नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला।

जेएनएमसी के आप्थलमोलोजी विभाग के डॉ. एम. साक़िब ने बताया कि एक नेत्र दाता की बदौलत दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिल सकती है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर कॉर्निया सुरक्षित किया जा सकता है और इससे मृतक के चेहरे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। नेत्र बैंक की टीम चौबीसों घंटे सक्रिय रहती है ताकि शपथ लेने वाले व्यक्ति के निधन पर समय से नेत्र प्राप्त किए जा सकें।

कार्यक्रम में 50 से अधिक आरएएफ कर्मियों की आंखों की जांच की गई। उन्हें विभिन्न नेत्र रोगों और उनके बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई। यह अभियान विभागाध्यक्ष प्रो. ए.के. अमितावा और प्रो. जिया सिद्दीकी (नेत्र बैंक प्रभारीनेत्र विज्ञान संस्थान) के नेतृत्व में संचालित हो रहा है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व 25 अगस्त को एएमयू नेत्र बैंक ने देहदान संस्था के सहयोग से विशेष मदर टेरेसा शेल्टर होम में नेत्रदान एवं नेत्र-जांच शिविर लगाया। इस शिविर का संचालन डॉ. अमनडॉ. नदीमडॉ. हर्षितडॉ. सृष्टि और डॉ. शशांक ने किया।

कार्यक्रम में जेएनएमसीएच के स्नातक छात्रों आर्यन प्रताप सिंहअभिनव कुमारखदीजा फ़ातिमापलक गुप्ता और मोहम्मद सबूर ने नेत्रदान पर एक सड़क नाटक प्रस्तुत कियाजिसे मौजूद लोगों ने खूब सराहा। अंत में डॉ. साकिब ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Sultan Jahan Public School


Prof Uzma Iram with his team during the Swachhata Pakhwada Awareness Programme at Sultan Jahan Public School

एएमयू सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अलीगढ, 1 सितम्बरः स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गतअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा सुल्तान जहां पब्लिक स्कूलशमशाद मार्केट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य छात्रों में स्वच्छतास्वास्थ्य और साफ-सफाई की आदतें विकसित करना था।

कार्यक्रम में तीन विषयों हाथ धोना और व्यक्तिगत स्वच्छतामासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधनऔर सफाई कर्मचारियों की सेवाओं का सम्मान के बारे में छात्रों को बताया गया।

डॉ. आमिर अय्यूब और डॉ. राज युवराज सिंह ने हाथ धोने के महत्व को समझाया और विद्यार्थियों को सही तरीके से हाथ धोने की प्रैक्टिस कराई।

डॉ. समीना अहमद और डॉ. चंद्रमौली मित्रा ने कक्षा 4 और 5 की छात्राओं को मासिक धर्म से संबंधित बदलावसैनिटरी पैड का प्रयोगसुरक्षित निस्तारण और स्वच्छता पर जानकारी दी। उन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया।

स्कूल की प्राचार्या आयशा नवाज़ की मौजूदगी में सफाई कर्मचारियों को प्रो. उज़मा इरम और डॉ. नेमा उस्मान ने सम्मानित किया।

यह कार्यक्रम छात्रों को व्यवहारिक सीख और जागरूकता के साथ सक्षम बनाने और समुदाय के कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान जगाने में सफल रहा।

Prof. Syed Ziaur Rahman


Prof. Syed Ziaur Rahman, Dr Arun S. Kumar, Dr Priya Gupta, and Dr Monica with students during the Academic Tour to AMU JNMC Pharmacology Department

 जेएनएमसी फार्माकोलॉजी विभाग में श्री साईं आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण

अलीगढ, 1 सितम्बरः श्री साई आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के 36 द्वितीय वर्ष (प्रोफेशनल) बीएएमएस छात्रों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के फार्माकोलॉजी विभाग का शैक्षणिक दौरा किया। उनके साथ डॉ. अरुण एस. कुमारडॉ. प्रिया गुप्ता और डॉ. मोनिका भी थीं।

विभागाध्यक्ष प्रो. सैयद जिया-उर-रहमान के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को क्लिनिकल फार्मेसीक्लिनिकल फार्माकोलॉजीप्रायोगिक फार्माकोलॉजीफाइटोविजिलेंसफार्माकोविजिलेंस और मैटेरियोविजिलेंस जैसे विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

विद्यार्थियों ने विभाग की विशेष प्रयोगशालाओं में इंटरैक्टिव सत्रों में भाग लियाजिनका संचालन विशेषज्ञों ने किया। इनमें डॉ. शमी़र पी.एस.डॉ. अहमर हसनडॉ. शारिक अहमद आजमीडॉ. सैयद जिया-उर-रहमानश्री गुफ़रान अली और डॉ. रशाद अहमद खान शामिल थे।

उन्हें भारतीय फार्माकोपिया आयोग के दो राष्ट्रीय कार्यक्रमोंफार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया और मैटेरियोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के बारे में भी बताया गया। ये कार्यक्रम दवाओं के दुष्प्रभाव और चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा पर नज़र रखते हैं।

इस शैक्षणिक दौरे ने विद्यार्थियों को फार्माकोलॉजी और विजिलेंस विज्ञान के व्यवहारिक पहलुओं से जोड़ा और उनकी कक्षा शिक्षण को और प्रासंगिक बनाया।

प्रो. सैयद जिया-उर-रहमान ने छात्र दाल के साथ पधारे शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

JMI’s Sarojini Naidu Centre for Women’s Studies

 

JMI’s Sarojini Naidu Centre for Women’s Studies oranizes a Lecture on ‘Transgressive Love as an example of Historical Pluralism in South Asia’

 

The Sarojini Naidu Centre for Women’s studies organised an online lecture by eminent scholar Professor Inderpal Grewal on the topic ‘Transgressive Love as an example of Historical Pluralism in South Asia’ on 31st August 2025. The session was attended by scholars across universities and subjective fields and proved to be a great success.

 

The event was moderated by Phd scholar Preeti Maurya and commenced with introductory remarks by Dr. Amina Hussain. The welcome address was given by Prof. Nishat Zaidi, Honorary director of SNCWS who emphasized the importance of engaging with themes of post-modern imaginations of solidarity, especially within feminist studies.

 

In her thought-provoking lecture, Prof. Grewal examined transnational histories of plural societies and the mobility of people across geographical boundaries. Drawing on pre-modern love narratives such as Heer-Ranjha, she illustrated how these stories evoke memories of a pluralistic world that existed prior to the emergence of borders and nation-states—offering hope for renewed transnational solidarity in contemporary times.

 

The insightful session was followed by an intriguing set of questions from the audience around the themes of queer love, feminism in conflicted areas, and the re-invention of female solidarity in the current era. The lecture was officially ended with a vote of thanks given by Arushi Poddar, MA scholar at sncws.

 

  

Prof. Saima Saeed

Chief Public Relations Officer

Anti-Ragging Sensitization


Mohd Imran, Prof Ikram Ahmad, Dr Mohd Tahir, Dr Mohd Arif with others faculty members during the Orientation on Anti-Ragging Sensitization and Leadership Development for Social Work Students

 एएमयू में समाज कार्य के छात्रों के लिए एंटी-रैगिंग जागरूकता और नेतृत्व विकास पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

अलीगढ़, 1 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग द्वारा मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास और एंटी-रैगिंग जागरूकता विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में एएमयू के रजिस्ट्रार मोहम्मद इमरानआईपीएस ने नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल एक पद नहींबल्कि ईमानदारीसहानुभूतिअनुशासन और दूसरों का मार्गदर्शन करने की क्षमता से जुड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़नेसामाजिकराजनीतिक और आर्थिक घटनाओं से अपडेट रहने और प्रभावी संवाद कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने समय प्रबंधन और आत्ममंथन को अनुशासितआत्मविश्वासी और जिम्मेदार पेशेवर बनने के लिए आवश्यक बताया। उनका प्रेरणादायक संबोधन छात्रों को समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने वाले नेताओं के रूप में विकसित होने की प्रेरणा देता है।

इससे पूर्व प्रोक्टर प्रो. एम. वसीम अली ने छात्रों को एंटी-रैगिंग उपायों और परिसर की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने एंटी-रैगिंग अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी और बताया कि रैगिंग किसी भी रूप में दंडनीय अपराध हैजिसकी कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्यवाही होती है। उन्होंने पूर्व मामलों का हवाला देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय और यूजीसी ने शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई की है और जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है। उन्होंने एंटी-रैगिंग समितियों की भूमिकाशिकायत निवारण प्रणाली और परस्पर सम्मानअनुशासन और गरिमा बनाए रखने की अपील की। प्रो. अली ने नए छात्रों को मेहनतईमानदारी और जिम्मेदारी को सफलता की कुंजी बताया।

कार्यक्रम में प्रो. इकराम हुसैनडीनसंकाय सामाजिक विज्ञानप्रो. नसीम अहमद खान (सेवानिवृत्त) और समाज कार्य विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहम्मद आरिफ खान ने कियाजबकि डॉ. मोहम्मद उज़ैर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और वक्ताओं के बहुमूल्य विचारों की सराहना की।

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