Tuesday, August 16, 2022

AMU CELEBRATES 76TH INDEPENDENCE DAY WITH PATRIONIC ZEAL AND FERVOUR


एएमयू ने हर्षाेल्हास से मनाया स्वतंत्रता दिवस

 भारत के एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में एक शताब्दी का तीन चौथाई भाग पूरा करने और राष्ट्रव्यापी ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और कई अन्य गतिविधियों का जश्न मनाने के साथ, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने स्ट्रैची हॉल के समक्ष राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और मेहमानों को संबोधित किया।
76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में प्रोफेसर तारिक मंसूर ने महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों और बलिदानों को याद करने और स्वशासन हासिल करने की दिशा में भारतीय राष्ट्र की कठिन यात्रा को याद करने का आह्वान किया।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अन्य महान दूरदर्शी स्वतंत्रता सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणाश्रोत हैं। मैं स्वतंत्रता संग्राम में अलीगढ़ आंदोलन के महान सपूतों के उत्कृष्ट योगदान से विशेष रूप से सम्मानित और विनम्र महसूस करता हूं।
उन्होंने कहा कि जब आजादी के नारे बुलंद हो रहे थे तो इस संस्था के दर-ओ-बाम भी इन नारों से गूंज उठे। स्वतंत्रता आंदोलन के कई चमकते नाम जैसे फ्रंटियर गांधी, खान अब्दुल गफ्फार खान; हमारे तीसरे राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन और क्रांतिकारी उर्दू कवि हसरत मोहानी, जिन्होंने आजादी की मशाल जलाई थी, हमारे छात्र रहे हैं।
हाल ही में विश्वविद्यालय ने एमएओ कॉलेज की अग्रिम पंक्ति के एक महत्वपूर्ण ओल्ड बॉय राजा महेंद्र प्रताप सिंह को सम्मानित किया है।
आज ऐतिहासिक एएमयू सिटी स्कूल का नाम राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर रखे जाने से इस स्कूल के सभी पूर्व छात्र गौरान्वित महसूस कर रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि हम दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्रों में से एक हैं और हमारी लोकतांत्रिक परंपराएं अपराज्य रही हैं। कानून के शासन के प्रति हमारी अडिग प्रतिबद्धता, लोगों के लिए एक उदाहरण है जिसे पूरी दुनिया देख रही है।
प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है और हम विश्व बाजार के एक बड़े हिस्से पर अपनी पकड़ रखते हैं और एक बढ़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था हैं। हमारे पास अंतरिक्ष में भेजे गए उपग्रह हैं, हमारे जहाज और पनडुब्बियां महासागरों को भेद रही हैं और भारतीय प्रवासी अपनी प्रभावशाली प्रतिभा के साथ दुनिया के मंच पर विशिष्ट स्थान बनाये हुए हैं। अगर हमारे घरेलू शिक्षण संस्थानों से निकले सुंदर पिचाई, सत्या नडेला और इंद्रा नूयी जैसी प्रतिभाएं नहीं होतीं, तो कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां गरीब हो जातीं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की नीतियां और कार्यक्रम हमेशा मानवता की भलाई के पक्ष में रही हैं। हमारा ध्यान शिक्षा में समानता, समावेशिता और समता पर है। हमारे एजेंडे में लैंगिक समानता महत्वपूर्ण है और हम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व देते हैं। भारत विश्व गुरु बनने के लिए वह सब कुछ प्रदान करता है, जिसकी दुनिया को युद्ध, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक वायरल महामारी से सुरक्षा के लिए समय की जरूरत है।
कुलपति ने कहा की मुझे विश्वास है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा प्रदान किया गया ढांचा भारत को वैश्विक शिक्षा नेतृत्व की भूमिका हासिल करने के करीब ले जाएगा। एनईपी 2020 के ऐसे विषयों जैसे बहु-विषयक उच्च शिक्षा, अकादमिक डिपॉजिटरी और डिजिलॉकर और अनुसंधान के लिए अकादमिक ईमानदारी की सराहना की जानी चाहिए और इसे लागू किया जाना चाहिए। तेजी से बदलते उच्च शिक्षा के माहौल में हमारे शैक्षणिक मानकों और समग्र प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है।
उच्च शिक्षा, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण के लिए एएमयू के योगदान पर बोलते हुए, कुलपति ने कहा कि हमने नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, नए पेटेंट दर्ज कराये हैं और अपनी आउटरीच गतिविधियों का विस्तार किया है। ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के विषयों के अनुरूप, हमारे छात्र नए विचारों, संकल्प, कार्य और उपलब्धियों से भरे हुए हैं।



प्रोफेसर मंसूर ने जोर देकर कहा कि एएमयू प्रशासन छात्रों और शिक्षकों को शैक्षणिक उन्नति के लिए सभी उपलब्ध सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों से व्यक्तित्व विकास के लिए आवासीय हॉल / संकाय / विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने जुलाई 2022 में विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय इंटरवर्सिटी टूर्नामेंट जीतने के लिए एएमयू रोलर स्केटिंग टीम को बधाई दी।
प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान हमने अपने कई प्रियजनों को खो दिया, लेकिन हमारा लचीलापन अनुकरणीय है। आज, फिर से व्यक्तिगत कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों में कार्य प्रारम्भ हो चुका है। हमारे खेल मैदान, रीडिंग रूम्स और छात्रावास छात्र गतिविधियों से गुलजार हैं। फिर भी, कोविड के समय में जिस तरह से ऑनलाइन शिक्षण कार्य आयोजित किए गए थे, उसे अब नया सामान्य माना जाता है। यह डिजिटल इंडिया के मिशन के अनुरूप है।
कुलपति ने कहा कि मैं सभी संबंधित लोगों को सावधान करना चाहता हूँ कि कुछ असामाजिक और स्वार्थी तत्व कभी-कभी परिसर के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से और देश के कानून के अनुसार ऐसे आपराधिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे महान संस्थापक, सर सैयद अहमद खान के दिल में अपने देश के लिए बहुत प्यार और जुनून था। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और मेहमानों से संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए, अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करते हुए और अमुवि संस्थापक को याद करते हुए और उनकी विरासत को कायम रखते हुए देश की स्वतंत्रता की रक्षा करने का प्रयास करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि एएमयू राष्ट्र निर्माण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है और देश के सभी गौरवशाली रूपों में अपनी सांस्कृतिक, भाषाई, धार्मिक और जातीय विविधता का एक जीवंत उदाहरण है। मैं एक बार फिर आपको भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर हार्दिक बधाई देता हूं।
प्रातः 9.11 बजे ध्वजारोहण के बाद एनसीसी सीनियर डिवीजन कैडेट्स ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बाद में, कुलपति ने इस अवसर को चिह्नित करने के लिए डॉ हमीदा तारिक, प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ (प्रो वाइस चांसलर) और प्रोफेसर एजाज मसूद (रजिस्ट्रार) के साथ सर सैयद हॉल (उत्तर और दक्षिण) के परिसर में पौधे लगाए और यूनिवर्सिटी हैल्थ सर्विस में दाखिल बीमार छात्रों को फल वितरित किये।
प्रोफेसर मुजाहिद बेग (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर), प्रोफेसर मोहम्मद वसीम अली (प्रॉक्टर), प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान (वित्त अधिकारी) और डॉ मुजीब उल्लाह जुबेरी (परीक्षा नियंत्रक) और विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भी ध्वजारोहण समारोह हर्षाेल्लास एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। सभी आवासीय हालों के प्रोवोस्टों ने अपने-अपने प्रोवोस्ट कार्यालयों में ध्वजारोहण किया।
बाद में कुलपति ने मौलाना आजाद पुस्तकालय में ‘फ्रीडम फाइटर्स गैलरी’ का उद्घाटन किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता सेनानी गैलरी दिसंबर 2020 में एएमयू शताब्दी समारोह में माननीय प्रधान मंत्री द्वारा दिए गए भाषण से प्रेरित है जिसमें प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एएमयू को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में शोध करने और उनके योगदान को उजागर करने की सलाह दी थी।

 

JMI celebrates 76th Independence Day with patriotic zeal and fervour

 





JMI celebrates 76th Independence Day with patriotic zeal and fervour

Jamia Millia Islamia (JMI) today celebrated 76th Independence Day under the aegis of ‘Azadi Ka Amrit Mahotsav’ (AKAM).  JMI Vice Chancellor Prof. Najma Akhtar and Chief Guest of the function Mr. Ved Mani Tiwari, COO & Officiating CEO, National Skill Development Council (NSDC) hoisted the National Flag at the forecourt of Dr. M.A. Ansari Auditorium of the university. The Chief Guest and the Vice chancellor were welcomed by NCC Officers and cadets on arrival at the flag hoisting ceremony. Hoisting of the National Flag was followed by the singing of the National Anthem by students and staff of the university.

 

 

 

 

 जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने आज आजादी का अमृत महोत्सव


76
वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया। जामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर और समारोह के मुख्य अतिथि श्री वेदमणि तिवारीसीओओ और कार्यवाहक सीईओ]राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद (एनएसडीसी) ने विश्वविद्यालय के डॉ एम ए अंसारी ऑडिटोरियम के लॉन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण समारोह में पहुंचने पर एनसीसी अधिकारियों व कैडेटों ने मुख्य अतिथि व कुलपति का स्वागत किया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रगान गाया गया। 

कुलपति और मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय सभागार में सभा को संबोधित कियाजहां संबोधन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय के छात्रों ने जामिया तराना गाया और जामिया स्कूल के छात्रों ने देशभक्ति गीतकव्वालीभाषण आदि पर अपने प्रदर्शन से सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

इस वर्ष आवासीय कोचिंग अकादमी (आरसीए)] जामिया से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष हासिल करने वालों को समारोह के दौरान कुलपति और मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। हाल ही में नासा समर कैंप में भाग लेने वाले जामिया स्कूल के चार छात्रों को भी सम्मानित किया गया । 

अपने संबोधन के दौरान कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने कहा] जामिया पूरी लगन से देश की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ा रहा है। देश को प्रगतिशीलशक्तिशाली और गौरवशाली बनाए रखने में विश्वविद्यालय अपनी महत्वपूर्ण और अनूठी भूमिका निभा रहा है। हम सभी जानते हैं कि राष्ट्र की प्रगति हम सभी की प्रगति है।" 

उन्होंने आगे कहा कि हमें बहुत खुशी है कि जामिया द्वारा देश की प्रगति के लिए उठाया गया हर कदम हमेशा सरकार की नज़र में भी तारीफ के काबिल रहा है। हम सभी अपनी मेहनत से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ में तीसरा स्थान हासिल किया है और इसका श्रेय आप सभी को जाता है। 

समारोह के मुख्य अतिथि श्री वेदमणि तिवारी ने कहा कि मुझे इस समारोह में शामिल होकर बहुत खुशी हो रही हैजिससे उन्हें स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्रों सहित युवाओं के एक समूह से मिलने का मौका मिला है। जामिया जैसी संस्था के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होना एक बहुत अच्छा एहसास है क्योंकि जामिया स्वतंत्रता संग्राम से पनपा था और वर्तमान में देश का तीसरा शीर्ष विश्वविद्यालय है। यह मेरे संगठन एनएसडीसी के लिए कौशल निर्माण और अन्य क्षेत्रों के लिए जामिया के साथ सहयोग करने का एक अच्छा अवसर और सौभाग्य होगा। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में हम ऐसा होते हुए देखेंगे। श्री तिवारी ने कहा। 

जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. नाज़िम हुसैन जाफ़री ने समारोह के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह के समापन में सभा द्वारा राष्ट्रगान गाया गया। विश्वविद्यालय पिछले कुछ दिनों से जश्न की स्थिति में है क्योंकि राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को पूरा कर रहा है।विश्वविद्यालय ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय के सभी महत्वपूर्ण स्थानों और भवनों पर पहले से ही तिरंगा फहरा दिया है। स्वतंत्रता दिवस से पहले विश्वविद्यालय और जामिया के स्कूल हर घर तिरंगा थीम पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगितातिरंगा यात्रामैराथनझंडा वितरण]पार्टिशन हॉरर्स रिमेम्बरेंस चित्रात्मक और काव्य प्रस्तुति द्वारा ब्रिटिश शासन की भयावहता मादक द्रव्यों के सेवन से मुक्ति पर नुक्कड़ नाटककवि सम्मेलन और मुशायरा और कई अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। 












JMI celebrates 76th Independence Day with patriotic zeal and fervour

 



Jamia Millia Islamia (JMI) today celebrated 76th Independence Day under the aegis of ‘Azadi Ka Amrit Mahotsav’ (AKAM).  JMI Vice Chancellor Prof. Najma Akhtar and Chief Guest of the function Mr. Ved Mani Tiwari, COO & Officiating CEO, National Skill Development Council (NSDC) hoisted the National Flag at the forecourt of Dr. M.A. Ansari Auditorium of the university. The Chief Guest and the Vice chancellor were welcomed by NCC Officers and cadets on arrival at the flag hoisting ceremony. Hoisting of the National Flag was followed by the singing of the National Anthem by students and staff of the university

Sunday, August 14, 2022

DELHI REUNION OF AMU GIRLS ALLUMNI

 




अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की पूर्व छात्राओं की मीट का आयोजन

नई दिल्ली, 7 अगस्त: नई दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाली अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की पूर्व छात्राओं की एक सभा इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित की गई। दुनिया के कोरोना महामारी से प्रभावित होने के लगभग दो साल से अधिक समय के बाद लोगों के एक साथ आने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर था। पूर्व छात्राओं की इस मीट का उद्देश्य अपनी मातृ संस्था को याद करना] एक दूसरे के संपर्क में रह कर एक-दूसरे को सहयोग करना और उत्साहपूर्वक विश्वविद्यालय का गुण गान करना था।
कार्यक्रम के आयोजकों में से एक] सुश्री हुमा खलील ने कहा कि इस कार्यक्रम में 150 से अधिक पूर्व छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें 1960 से पिछले वर्ष तक की पूर्व छात्राएं भी शामिल थीं। जामिया मिलिया इस्लामिया की कुलपति पद्मश्री डॉ. नजमा अख्तर] अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय विमेंस कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर नईमा गुलरेज और प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हमीदा तारिक ने मानद अतिथि के रूप में भाग लिया। उक्त तीनों विशिष्ठ महिलाएं एएमयू की पूर्व छात्राएं हैं और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही हैं।
सुश्री हुमा खलील ने कहा कि इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों की पूर्व छात्राएं शामिल हुईं] जिनमें सुश्री शीबा जैराजपुरी (किजिन क्यूरेटर)]फरयाल शादाब (गोल्फर)] हुमा खलील (लेखक और फिल्म निर्माता)] साइमा कामरान (डिजाइनर)] मुशर्रफ ताज (शिक्षक)] अल्बिना अब्बास (शैक्षणिक निदेशक] एएएफटी] फिल्म सिटी, नोएडा)] निदा खानम (सीएचआरओ कार्यकारी कोच)] सीरत रेहान (डिजाइनर) और सबीना कमल (मुख्य डिजिटल अधिकारी] पेटीएम) के नाम महत्वपूर्ण हैं।
सुश्री हुमा खलील ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में रहने वाली एएमयू की पूर्व छात्राओं की एक डायरेक्टरी भी तैयार की जा रही है जो सभी पूर्व छात्राओं को उनके पेशे और रुचि के अनुसार एक दूसरे से जुड़ने में मदद करेगी।


AZADI KA AMRAT MAHOTSAV IN JAMIA MILLIYA ISLAMIA DELHI

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) मनाने और 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। जामिया की कुलपति प्रो नजमा अख्तर 13 अगस्त, 2022 को सुबह 10.00 बजे कुलपति कार्यालय के लॉन से एक तिरंगा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी जो परिसर और आसपास के क्षेत्रों को कवर करेगी। छात्र और कर्मचारी सदस्य भारत की स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष अवसर पर लोगों को इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आस-पास के इलाकों में राष्ट्रीय ध्वज वितरित करेंगे। 

14 अगस्त, 2022 को सुबह 10.00 बजे विश्वविद्यालय के एमएके पटौदी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से एक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। जामिया की कुलपति प्रेमचंद आर्काइव्स एंड लिटरेरी सेंटर में उसी दिन सुबह 11.30 बजे 'रिकॉलिंग द हॉरर्स ऑफ द ब्रिटिश रूल इन पिक्टोरियल एंड पोएटिक एफ्लेक्शन्स' शीर्षक से एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगी। 

प्रदर्शनी में प्रमुख घटनाओं को जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी का आगमन, 1857 का विद्रोह, भारतीयों के गिरमिटिया मजदूरों के रूप में प्रवास, मद्रास प्लेग, बंगाल अकाल, मैसूर, बंगाल, पंजाब और दिल्ली की दुखद घटनाओं और भारत के विभाजन की भयावहता तथा कई भारतीय क्रांतिकारियों जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्लाह खान, रामप्रसाद बिस्मिल और कई अन्य लोगों के बलिदान, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं उन्हें चित्रात्मक और काव्यात्मक पैनल के माध्यम से याद किया जाएगा। 

राष्ट्रीय ध्वजरोहण 15 अगस्त, 2022 को सुबह 09.30 बजे डॉ. एम.ए. अंसारी सभागार के प्रांगण में होगा, इसके बाद, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय, सभागार जामिया में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। AKAM के क्रम में, एक 'अखिल भारतीय मुशायरा और कवि सम्मेलन' भी आज विश्वविद्यालय द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया जा रहा है। प्रो. शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित, कुलपति, जेएनयू समारोह के मुख्य अतिथि होंगी और इसकी अध्यक्षता जामिया की कुलपति प्रो नजमा अख्तर करेंगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. सैयद फारूक होंगे। 

विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग ने भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में और भारत सरकार की नशामुक्ति पहल "जीवन को हाँ, नशीली दवाओं को ना" के समर्थन में आज 'मादक द्रव्यों के सेवन से मुक्ति' पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के डॉ एम ए अंसारी स्वास्थ्य केंद्र ने आज केंद्र के संगोष्ठी कक्ष में अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष - 2023 के भाग के रूप में 'पोटेंशियल ऑफ़ मिलेट्स' पर टॉक-II का आयोजन किया। यह वक्तव्य मैक्स हेल्थकेयर की सुश्री रितिका सम्मादार ने दिया।

जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने गुरुवार, 11 अगस्त, 2022 को आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए "तहरीक-ए-आज़ादी में उर्दू सहाफ़त का किरदार" विषय पर एक इंटर स्कूल भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। जामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जामिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल और जामिया मिडिल स्कूल के 20 से अधिक छात्रों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। विश्वविद्यालय के मुशीर फातिमा नर्सरी स्कूल के टिनी-टॉट्स ने AKAM के क्रम में आज स्कूल द्वारा आयोजित तिरंगा के साथ प्रभात फेरी, सेल्फी मोमेंट, कला गतिविधि और खाद्य गतिविधि जैसी कई गतिविधियों में भाग लिया।


 

Thursday, July 28, 2022

Droupadi Murmu elected 15th President: 1st citizen of India

Droupadi Murmu was elected India’s 15th president on Thursday after she defeated opposition’s Yashwant Sinha with an impressive margin. The first tribal president, also the youngest president in the history of India, will be the new resident of the Rashtrapati Bhavan after she takes the oath on July 25. Outgoing President Ram Nath Kovind’s tenure will end on July 24. According to reports, he will move into a post-retirement bungalow on 12 Janpath. Here are 10 things to know about the President of India’s salary, perks and retirement benefits 1. The salary of the Indian president is ₹5 lakh per month. It was raised in 2016 by 200% from ₹1.5 lakh. 2. Once a president retires, he or she gets a pension of ₹1.5 lakh. The spouses of presidents get secretarial assistance of ₹30,000 per month. 3. The president gets free housing and medical care and ₹1 lakh annually for office expenditures. 4. Rashtrapati Bhavan is the official residence of the President of India. It has 340 rooms and a floor area of 2,00,000 square feet. 5. The president has two official retreats where he or she can go on vacation. One is in Shimla’s Mashobra the other is in Hyderabad’s Bolarum. 6. The president gets to travel free by train and plane anywhere in the world. 7. The president gets a custom-built Black Mercedes Benz S600 (W221) Pullman Guard. A heavily armoured stretch limousine is also reserved for the president’s official visits. 8. The details of the President of India’s cars are never revealed because of security reasons. Also, these cars do not have a licence plate and instead display the national symbol. 9. The President’s Bodyguard is responsible for the security of the President of India. 10. Apart from the pension, there are some other post-retirement benefits for the President of India, including one furnished rent-free bungalow, two free landlines and a mobile phone, fiver personal staff, ₹60,000 a year for the expenses of the staff, and free travel with a companion by train or air.

Saturday, July 23, 2022

MR. INDAR VIKRAM SINGH, D.M. ALIGARH (CHIEF GUEST) RELEASING THE BOOK "NEERAJ JI KE GEET". Report By SAMAN KHAN, Sub Editor SALAMEVATAN

  MR. INDAR VIKRAM SINGH, DISTRICT MAGISTRATE, ALIGARH (CHIEF GUEST),   RELEASED THE BOOK  "NEERAJ JI KE GEET" 

WRITTEN BY SON OF NEERAJ JI MR. MILAN PRABHAT GUNJAN. PROGRAME WAS CONDUCTED BY SHRI RAKESH SAXENA AND PROF. SHAMBHU NATH TIWARI

Rt. to Lt. Dr. MASOOD AHMAD, EDITOR OF SALAMEVATAN, MR. GOVIND AGARWAL (EX D.I.G. of POLICE), CHIEF GUEST, MR. SHAURAJ JEEVAN, MR. VIVEK BANSAL SECRETARY OF AICC, MR. JOHNY FOSTER, MUSIC TEACHER OF AMU ALIGARH, JAVED SAID (NAWAB CHHTARI), MR. RAKESH SAXENA, SHRI MILAN PRABHAT GUNJAN ETC WELCMED TO CHIEF GUEST EX DIG SHRI GOVIND AGARWALP  ETC.


Prof. SAGHEER IFRAHEEN (EX- CHAIRMAN, DEPT OF URDU), ALIGARH MUSLIM UNIVERSITY  DELIVERING LECTURE ON "RESEARCH WORK ON NEERAJ JI IN URDU"





                
                                                                                             

                                                                                                                SAMAN KHAN; L.LM

                                                                                                                Sub- Editor, SALAMEVATAN


Monday, July 18, 2022

APPLICATION WANTED FOR ORAL AND MAXILOFACIAL SURGERY TRANING- PROF. G S HASHMI

 



ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में नैदानिक प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित

अलीगढ़, 15 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डॉ जेड ए डेंटल कॉलेज के ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में 1 अगस्त से शुरू होने वाले ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में अवलोकन आधारित अल्पकालिक नैदानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अगले बैच के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

मौखिक और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर गुलाम सरवर हाशमी ने कहा कि भारतीय दंत चिकित्सा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) स्नातकजिन्होंने दो साल के भीतर अपनी इंटर्नशिप पूरी कर ली हैकार्यक्रम के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। वेबसाइट से डाउनलोड किए गए विधिवत भरे हुए आवेदन पत्र www.amu.ac.in  को 25 जुलाई, 2022 तक sarwarhashmi1@gmail.com और chairperson.om@amu.ac.in  पर मेल किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पहले आओ पहले पाओ के आधार पर कार्यक्रम के लिए तीन अभ्यार्थियों का चयन किया जाएगा।

                                                                Report By SAMAN KHAN, Sub Editor, Salamevatan

NIRF-2022: JMI EMERGES AS 3RD TOP UNIVERSITY OF THE COUNTRY: REPORT BY SAMAN KHAN, Sub Editor, SALAMEVATAN

 






NIRF-2022: JMI emerges as 3rd  top university of the country

 

Jamia Millia Islamia (JMI), a NAAC A++ accredited university, secured 3rd rank among all the universities in the Ministry of Education’s National Institutional Ranking Framework (NIRF)-2022 Rankings released by the Hon’ble Education Minister Shri Dharmendra Pradhan today.  JMI significantly improved its position from 6th last year in the NIRF. The Ministry of Education, Government of India had initiated ranking of higher educational institutions in the country in 2016.


JMI Vice Chancellor Prof. Najma Akhtar received the award from the Hon’ble Education Minister Shri Dharmendra Pradhan today at an impressive function organised by the ministry to declare the rankings.


Expressing her delight on the landmark achievement, Vice-Chancellor Prof. Najma Akhtar said, “By the grace of Almighty JMI has been climbing up the ladder persistently. The university has been making consistent efforts to improve the quality of teaching, learning and research. In NIRF rankings we have progressed from 83rd rank in 2016 to 6th rank in 2021 and now figures among three top universities of the nation. This remarkable achievement was possible because of the relevant & focused research of highest quality and teaching by the dedicated & devoted faculty members of the university”.


Prof. Akhtar further said that the university is committed to realize the vision of the government and will continue to strive for further improvement in our national and international rankings.


The Vice Chancellor also attributed the achievement to the improved perception about the university with regard to teaching, placements, research etc. The university has become one of the sought after institutions by the students and the increase in the number of applications is a testimony to it. “We hope to do better in the coming years”, said the Vice Chancellor.


It is worth mentioning that the university has improved its position significantly in the 'research' category where it secured 19th rank improving its position from 30th in NIRF 2021. The university also improved its position in Architecture, Engineering, Dental and Management category and maintained its position in Law.



SUB EDITOR SAMAN KHAN

SYED AKBARUDDIN, FORMER PERMANENT REPRESENTATIVE OF INDIA TO THE UNITED NATIONS DELIVERED SIR SYED MEMORIAL LECTURE

REPORT BY SAMAN KHAN, SUB EDITOR SALAMEVATAN

ALIGARH MUSLIM UNIVERSITY VICE CHANCELLOR TARIQ MANSOOR IS AWARDING A MOMENTO TO MR. SYED AKBARUDDIN.

 


ALIGARH MUSLIM UNIVERSITY TEACHING STAFF, STUDENTS AND ALIGARIAN ATTENDING SIR SYED MEMORIAL LECTURE. 

 पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन ने दिया सर सैयद मेमोरियल लेक्चर

अलीगढ़, 16 जुलाईः एक बदली हुई दुनिया में जहां चीन वैश्विक व्यवस्था को फिर से आकार देने के लिए अधिक उत्सुक लगता हैभारत ने कूटनीति की अपनी पारंपरिक शैली को त्याग दिया है। भारत ने 2014 के बाद से अधिक गतिशीलसक्रियसाहसी और जोखिम लेने वाला कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाया हैऔर अपने पड़ोसियों सहित विभिन्न देशों के साथ संबंध विकसित किए हैंजैसा पहले कभी नहीं हुआ।

यह विचार सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि श्री सैयद अकबरुद्दीन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की सर सैयद अकादमी द्वारा आयोजित वार्षिक सर सैयद मेमोरियल लेक्चर 2022 में व्याख्यान के दौरान व्यक्त किये।

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज सभागार में श्री अकबरुद्दीन ने भारत की वैश्विक कूटनीति का बदलता चेहरा’ विषय पर बोलते हुए अपने लंबे राजनियिक करियर और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनुभवों से कई उदाहरण प्रस्तुत किये। उन्होंने कहा कि बदली हुई विश्व व्यवस्था में और साइबर स्पेसजलवायु परिवर्तन के मुद्देऊर्जा की जरूरतें और मुद्रास्फीति के कारण विदेश नीति अब शुद्व विदेशी नहीं रह गई है और कई स्थानीय मुद्दे भी कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री अकबरुद्दीन ने कहा कि हम एक वैश्विक उथल-पुथल देख रहे हैं जो हाल के दिनों में कभी नहीं देखा गया हैअमेरिका का एक ध्रुवीय प्रभुत्व समाप्त हो गया है और चीन हरित प्रौद्योगिकीचिकित्सा और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। चीन के बाजार में अपर्याप्त पहुंचसीमा पर झड़पें और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बेल्ट एंड रोड पहल से पता चलता है कि भविष्य में भारत और चीन के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं।

भारत की विदेश नीति में बदलाव की व्याख्या करते हुएसंयुक्त राष्ट्र के पूर्व दूत ने कहा कि चुनाव परिणामों के निहितार्थ और प्रभाव होते हैंजो हमारी वर्तमान विदेश नीति में परिलक्षित होते हैं। अब हमारी नीति बड़ा सोचोसाहसिक कार्य करो और जोखिम लो’ पर आधारित है। श्री अकबरुद्दीन ने कहा कि 2015 मेंभारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में 54 देशों के नेताओं ने भाग लिया, 2018 में गणतंत्र दिवस परेड में 10 आसियान नेताओं को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था और आई2यू2 जो भारतइजराइलसंयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका का एक गठबंधन है हमारी विदेश नीति में इस मौलिक बदलाव को दर्शाते हैं।

श्री अकबरुद्दीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार बार यूएई का दौरा किया है जबकि पिछले 30 वर्षों में किसी भी पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री ने उक्त देश का दौरा नहीं किया। संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ विदेश व्यापार समझौते और यूरोपीय संघ के देशोंब्रिटेन आदि के साथ साझेदारी ने दुनिया के अग्रणी देशों के साथ हमारे राजनयिक और आर्थिक संबंधों को आकार देने में मदद की है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से भारत की सॉफ्ट पावर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। यह निश्चित रूप से एक मजबूत विदेश नीति में मदद करता है।

पूर्व राजनयिक ने सर सैयद अहमद खान की प्रशंसा की और कहा कि सर सैयद का भावनाओं में बह जाने के बजाय असामान्य रूप से संतुलित रवैया था। लचीली मानसिकताराजनीतिक जागरूकतासतर्क दिमाग और बातचीत के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त करने की समझ सर सैयद के प्रमुख गुण थेजो आधुनिक समय की कूटनीति के लिए आवश्यक हैं।

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत विश्व स्तर पर अधिक सक्रिय हैउन्होंने एएमयू के छात्रों से संतुलन बनाए रखनेउच्च लक्ष्य रखने और देश के लिए विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया।

अध्यक्षीय सम्बोधन में एएमयू कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने कहा कि विदेश नीति एक लचीला विषय है। अफगानिस्ताननेपाल और श्रीलंका आदि को भारत की मानवीय सहायताभारत को पड़ोस और वैश्विक मामलों में और अधिक सक्रिय बनाने का उदाहरण है। हाल के दिनों में खाड़ी देशोंविशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के साथ भारत के संबंधों में काफी सुधार हुआ है।

प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि चीन वैश्विक व्यवस्था के लिए एक सुरक्षा खतरा है और वह क्षेत्र के अन्य पड़ोसी देशों की कीमत पर दक्षिण चीन सागर पर हावी होने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद पर भारत के रुख की सभी देशों ने सराहना की है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा के हम आधुनिकता और प्राच्यवाद का मिश्रण हैं और हम भविष्य की ओर सकारात्मक तरीके से देख रहे हैं।

प्रो. मंसूर ने विचारोत्तेजक व्याख्यान के लिए श्री सैयद अकबरुद्दीन की प्रशंसा की और आशा व्यक्त की कि एएमयू के साथ उनके निरंतर जुड़ाव से छात्रों और शिक्षकों को लाभ होगा।

इससे पूर्व सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. अली मोहम्मद नकवी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एएमयू ने विशेष रूप से इस्लामी दुनिया के साथ देश के मजबूत संबंध स्थापित करने में मदद की है। प्रोफेसर नकवी ने सर सैयद अकादमी की गतिविधियों का भी परिचय कराया।

सर सैयद अकादमी के उप निदेशक डॉ. मुहम्मद शाहिद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ फायजा अब्बासी ने कार्यक्रम का संचालन किया।

इस अवसर पर एएमयू के सहकुलपति प्रोफेसर मुहम्मद गुलरेज के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र व्याख्यान के दौरान मौजूद रहे।


A REPORT BY SAMAN KHAN, SUB EDITOR SALAMEVATAN




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