Wednesday, June 22, 2022

ISLAM MAZHAB MEIN NIKAH AASAN AUR TALAQ MUSHKIL HAI

मोहम्मद का़सिम  शिमाली हिन्दुस्तान के सूबे उत्तर प्रदेश के एक छोटे से क़स्बे मे रहते थे ! 

एक दिन घर मे आए और  सहन मे बिछी हुई चारपाई पर बैठ गए 

दोपहर का खाना निकालते हुए बीवी ने बावर्ची ख़ाने से कहा अजी बच्ची की शादी की भी कुछ फिक्र किजिये ! 

बच्ची बावर्ची ख़ाने के चबूतरे पर बैठी दाल धो रही थी 

मोहम्मद क़ासिम ने बच्ची की तरफ नज़र उठा कर देखा 

बीवी अभी खाना निकाल ही रहीं थी 

मोहम्मद क़ासिम उठे और बाहर की तरफ़ चल दिये... 

बीवी ने आवाज़ लगाई खाना तो खाते जाईये ! 

बाहर बैठक मे आकर किसी से कहा कि जाकर अब्दुल्लाह को बुला लाओ! 

अब्दुल्लाह उनके भांजे थे और अभी मदरसे मे पढ़ रहे थे 

करीब ही किराए के कमरे में रहते थे मामू का पैगा़म मिला  तो भागे हुए आए 


वो कपड़े तो साफ सुथरे पहने हुए थे मगर पजामे पर एक खोंचा लगा हुआ था और कुछ लिखने के दौरान दावात पलटने की वजह से कमीज़ पर निशान पड़ गया था 

मोहम्मद क़ासिम ने कहा मिंया तुमने अपनी शादी के बारे मे क्या सोचा है 


मामू के सवाल पर अब्दुल्लाह एक दम सटपटा गए 

बोले बुज़ुर्गो की मौजूदगी मे मैं क्या बोल सकता हूँ 


मोहम्मद क़ासिम बोले :-- इकरामन के बारे मे क्या ख्याल है तुम्हारा 

तुम्हारी मर्ज़ी हो तो तुम दोनो का निकाह पढ़ा दिया जाए 


अब्दुल्लाह ने कुछ देर सोचा फिर कहा आप और अब्बा जी जो फैसला करेंगे उसमे मेरी इंकार की गुंजाइईश नही है


मोहम्मद का़सिम के बहनोई अंसार अली  तिजारत के सिलसिले मे वतन से दूर ग्वालियर मे रहते थे और कह रखा था अब्दुल्लाह का कोई अच्छा रिश्ता देख कर शादी कर देना 

अब्दुल्लाह का जवाब सुनकर उनको वही खड़े रहने का कहकर खुद घर की तरफ गए और बीवी से मुखातिब होकर कहा हमारी इकरामन के लिए मौलवी अब्दुल्लाह के बारे मे क्या ख्याल है 

उनकी बीवी को भी ये रिश्ता पंसद आ गया तो मोहम्मद क़ासिम अपनी बेटी की तरफ आए और पूछा 

बेटी हमने सोचा है मौलवी अब्दुल्लाह से तुम्हारा निकाह पढ़ा दे लेकिन पहले तुम बताओ तुम्हारी मर्ज़ी क्या है 

इकरामन ने कुछ जवाब ना दिया 

मोहम्मद क़ासिम की बीवी ने कहा तौबा है बच्चो से यूं शादी ब्याह की बात करते है 

मोहम्मद क़ासिम :-- क्यो दीन का मामला है दीन के मामले मे क्या शर्म है

मौलवी अब्दुल्लाह की मर्ज़ी तो मालूम हो गई इकरामन की मर्ज़ी और मालूम हो जाए 

जवाब दो इकरामन बेटी.... 

मोहम्मद क़ासिम की बीवी ने कहा अजी बच्ची बा हया है गला फाड़ कर हां कौन कहेगी उसका शर्माना जवाब ना देना ही उसकी

हां है ! 

बीवी का जवाब सुनकर मोहम्मद क़ासिम बाहर बैठक मे चले आये जहां अब्दुल्लाह उनका इंतजार कर रहे थे 

वहां दो चार लोग और बैठे थे.... मौहम्मद क़ासिम ने उन सब से

मुख़ातिब होकर कहा मे मौलवी अब्दुल्लाह का निकाह अपनी दुख्तर /बेटी से कर रहा हूँ.... 

एक आदमी को दो पैसे देकर कहा जाकर नुक्कड़ की दुकान से छुहारे ले आओ! 

वहाँ बैठे दो लोगों को गवाह बनाया और थोड़ी देर मे अपनी लख़्ते जिगर इकरामन का निकाह अपने भांजे मौलवी अब्दुल्लाह से पढ़ा दिया और मौलवी अब्दुल्लाह से कहा जाकर डोली ले आओ अपनी दुल्हन को विदा करा के अपनी सुकूनत पर ले जाओ ! 

फिर घर आए तो बेटी ज़ोहर की नमाज़ पढ़ कर जानमाज़ पर बैठी थी 

कहा अल्लाह के शुक्र से मे तुम्हारे फरीज़े से अदा हो गया बाहर तुम्हारे शौहर खड़े हैं, बेटी अब तुम अपने शौहर के साथ उनके घर जाओ ! 

मोहम्मद क़ासिम की बीवी बोली ऐसी चटपट शादी कर दी मुझे कुछ तो मोहलत दी होती बच्ची के गृहस्थी का सामान है उसके कपड़े है कम से कम निकाह का अच्छा जोड़ा तो होता..... 

मोहम्मद क़ासिम बोले इन कपड़ो मे क्या ऐब है क्या इसमे नमाज़ नही हो सकती वो बोली क्यो नही हो सकती अभी तो नमाज़ पड़ कर बैठी है 

मोहम्मद क़ासिम :-- तो ठीक है जिन कपड़ो मे नमाज़ हो सकती है उससे बेहतर और कौन से कपड़े हो सकते है 

अब्दुल्लाह तुम्हारा बेटा है इकरामन तुम्हारी बेटी है जो दिल चाहे बाद मे देती रहना ! 

माँ ने इकरामन को बुर्क़ा उड़ाया बाप ने सर पर हाथ रखा दुआए दी और डोली मे बिठा दिया 

और एक नोकर के हाथो रोजाना के कपड़े खाना पकाने के कुछ बर्तन भी भिजवा दिये 

दूसरे दिन मोहम्मद क़ासिम ने बेटी दामाद को घर बुलाया और आठ दस लोगो को बुलाकर घर मे जो पका था ये कहकर खिलाया ये मौलवी अब्दुल्लाह का वलीमा है 

इनके अब्बा तो यहां है नही वो तो ग्वालियर मे है गर्मी के मौसम मे आऐंगे 

मौलवी अब्दुल्लाह अपनी वालदा से मिल आऐं छुट्टी मे ! 


दोस्तो ये क़िस्सा है देवबंद के मौलवी मोहम्मद क़ासिम सहब रह0 का यानि बानी ए दारुल उलूम देवबंद हज़रत मौलाना मौहम्मद क़ासिम नानौतवी रह0

मौलवी अब्दुल्लाह उनके भांजे उसी दारूल उलूम देवबंद  मे पढ़ते थे यहा से फारिग़ होकर वो अलीगढ़ गए और सरसैय्यद एहमद ख़ान के करीबी रफीक मे उनका शुमार हुआ और अलीगढ़ कॉलेज के पहले नाज़िम दिनीयात बने ! 


वाक़्यात बताने का मक़सद ये है कि हमारे बुज़र्गाने दीन ने निकाह को कितना आसान करके बताया था लेकिन आज हमने निकाह को कितना मुश्किल बना लिया ।।


दोस्तों आओ फिर से एक मुहिम छेड़े, दहेज के खिलाफ, गैर इस्लामी रसूमात के खिलाफ, जहालत के खिलाफ, ना इत्ताफाकी ना इत्तेहादी के खिलाफ, 

और पलटे अपने सच्चे दीन इस्लाम की तरफ, किताबउल्लाह की तरफ, और प्यारे नबी हज़रत मौहम्मद  (सल्लला हु आलेय ही व सल्लम ) की सून्नत व तालीमात की तरफ, ! 


चला सीधी राह पर जिन पर तेरा इनाम हूआ 

ना के उन की राह पर जिन पर तेरा अज़ाब हूआ

Wednesday, June 15, 2022

AFSOS! BUMS ki 64 seats par Students ne admission kyon nahi liya?

UP mein 5 round ki councilling ke bad bhi AYUSH colleges ki 481 seaton par BAMS-335, BHMS -82. BUMS -64 seats par kisi ne dakhila nahin liya.

12 Ayurvedic College-501 seat,  Pvt.58 College-5010 seat

9 Homeopathic colleges-828 seats, Pvt 4 colleges-200 seats

2 Unani Colleges-128 seats, Pvt.18 colleges-670 seats                                                                                   

Govt. seats par sab ne Admission le liye

Pvt. Colleges mein 481 seat khali kyon reh gayin?

 

Agar pvt. Colleges mein 481 Students ne Admission nahin liys to College ke Principal apne Teachers ko salary kahan se denge. Infrastucture kaise maintain kerenge.

Hota yeh hai ki bogus Students MBBS ke layaq to study karte nahin, apne parents ko blackmail karte hain ki BUMS mein to dakhila lenge nahin, Sharam aati hai aur  drop kar next year phir lakhon Rs. Coaching par kharch kar MBBS ki tayyari karne lagte hain jo ki ghalat hai. Waqt aur paise  dono ki barbadi hai.

Hamari tajweez yeh hai ki BUMS mein hi admission le lena chahiye aur further tayyari karte rahen.

Note- agar seat chhorhte rahe to next budget mein Unani colleges ko Budget bhi kam ho jayega aur seat bhi kam kardi jayengi jiski wajeh se Unani System of Medicine ka nuqsan hoga.


AFSOS! BUMS ki 64 seats par Students ne admission kyon nahi liya?

 

UP mein 5 round ki councilling ke bad bhi AYUSH colleges ki 481 seaton par BAMS-335, BHMS -82. BUMS -64 seats par kisi ne dakhila nahin liya.

12 Ayurvedic College-501 seat,  Pvt.58 College-5010 seat

9 Homeopathic colleges-828 seats, Pvt 4 colleges-200 seats

2 Unani Colleges-128 seats, Pvt.18 colleges-670 seats                                                                                    

Govt. seats par sab ne Admission le liye

Pvt. Colleges mein 481 seat khali kyon reh gayin?

 

Agar pvt. Colleges mein 481 Students ne Admission nahin liye to College ke Principal apne Teachers ko salary kahan se denge. Infrastucture kaise maintain kerenge.

Hota yeh hai ki bogus Students MBBS ke layaq to study karte nahin, apne parents ko blackmail karte hain ki BUMS mein to dakhila lenge nahin, Sharam aati hai aur  drop kar next year phir lakhon Rs. Coaching par kharch kar MBBS ki tayyari karne lagte hain jo ki ghalat hai. Waqt aur paise  dono ki barbadi hai.

Hamari tajweez yeh hai ki BUMS mein hi admission le lena chahiye aur further tayyari karte rahen.

Note- agar seat chhorhte rahe to next budget mein Unani colleges ko Budget bhi kam ho jayega aur seat bhi kam kardi jayengi jiski wajeh se Unani System of Medicine ka nuqsan hoga.

agar MBBS mein admission nahin mila to students ko chahiye ki woh Admission form bharte waqt hi

Graduation ki Para Medical Course ke bhi form bharden eg. Bachelor degree in Pathology, Dentistry, Radiology, Anaesthesia,  Optemetry, Operation Theatre, Dialysis, Diatician, 

Bsc Nursing, Bsc. Physiotherapy, Bsc Biochemistry, Bsc Pharmacology, Bsc Fisheries, Bsc Biotechnology etc. 

mundarja bala courses mein bhi taraqqi ke bahut chances hain aur ek achchhi baat yeh hai ki incourses mein JOB Govt. ya Pvt, mein asanai se mil jaata hai. self employement mein bhi kamyabi milti hai.  

Monday, May 30, 2022

AMU RCA student qualifies UPSC Exam, interview

 AMU RCA student qualifies UPSC Exam, interview

Aligarh, May 30: Mohd Shabir, a postgraduate student

of the Department of Zoology, Aligarh Muslim University (AMU) enrolled at the Residential Coaching Academy (RCA) qualified the Union Public Service Commission (UPSC) Examination 2021 with the All India 419th rank.

He was among eight RCA, AMU students short-listed to appear for the UPSC Examination interview recently.

AMU Vice Chancellor, Prof Tariq Mansoor congratulated Shabir for his success and expressed the hope that the results will further improve in the future.

“Shabir joined RCA in the 2019-20 session after completing MSc (Zoology) in 2018 and BSc (Zoology) in 2016. The AMU community stands proud of Shabir’s success”, said Prof Saghir Ahmad Ansari (Director, RCA) in a congratulatory message.

Public Relations Office

Aligarh Muslim University

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List of Muslim Candidates Qualified UPSC 2021 By Shaikh Akhlaque

 

BIJNOR KI bETI KO MUBARAKBAD

May 30, 2022 ! List of Muslim Candidates who Qualified UPSC Exam 2021.

The Union Public Service Commission (UPSC) declared the Civil Services Final Result today 30 May 2022.
The UPSC/CSE preliminary exam was held on 10 October 2021, and the results of the examination were released on 29 October. The Main examination was conducted between 7 to 16, January 2022, and its results were declared on 17 March 2022. The Interview was the last round of the examination which began on April 5 and was shortlisted on May 26. The interview was conducted at UPSC at Dholpur House, Shahjahan Rd, New Delhi.
The recruitment drive will fill up 712 posts in the organization out of which 22 vacancies are reserved for persons with disability.
Shruti Sharma has secured all India Rank 1 in the final result. All the top three positions have been secured by girl candidates this year. Shruti is an alumnus of St Stephens College & Jawaharlal Nehru University & has been preparing for the UPSC Civil Services exam at Jamia Millia Islamia Residential Coaching Academy.
Following Muslim Candidates cracked the UPSC.

1) 109 AREEBA NOMAAN
2) 125 MOHD SUBOOR KHAN
3) 162 SYED MUSTAFA HASHMI
4) 274 AFNAN ABDU SAMED
5) 276 ARSHAD MUHAMMED
6) 279 MOHD SAQUIB ALAM
7) 287 ASRAR AHMAD KICHLOO
8) 305 ASHIK ALI
9) 309 MOHAMMED ABDUL RAWOOF SHAIK
10) 344 NAZISH UMAR ANSARI
11) 364 FAISAL KHAN
12) 368 SHUMAILA CHOUDHARY
13) 386 MAVIS TAK
14) 414 MD QAMARUDDIN KHAN
15) 419 MOHD SHABIR
16) 441 FAISAL RAZA
17) 457 MASOOM RAJA KHAN
18) 464 ASHIF A
19) 474 MUSKAN DAGAR
20) 482 TAHSEENBANU DAWADI
21) 496 SHAIKH MOHD ZAIB ZAKIR
22) 516 MOHAMMED SIDDIQ SHARIFF
23) 545 MOHAMMED SHAUKATH AZEEM
24) 575 MAKAKMAYUM HOSNI MUBARAK
25) 600 ANWAR HUSSAIN

The list is not final, Final list will be updated later.

Shaikh Akhlaque is an educationist and he can be contacted at sakhlaque@ymail.com

 


Modi ji ne “Beti bachao Beti parhao” Islam Mazhab se seekha – Shaista Ambar

 

Muslim Pesonal Law Board, Lucknow, UP ki Presdient Shaista Ambar se interview lete hue SEWA Trust ke Secratary Shaikh Rais (Anoopshahar) aur President Dr. Masood Ahmad

Modi ji ne “Beti bachao Beti parhao” Islam Mazhab se seekha – Shaista Ambar

 Women’s Muslim Pesonal Law Board, Lucknow UP ki President Mohtarma Shaista Amber ne Badar Bagh Aligarh mein SEWA Trust ke Secretary Shaikh Rais aur president Dr. Masood Ahmad ko ek interview mein bataya ki Prime Minister of India shri Modi ji ki BJP Sarkar ne “Beti bachao Beti parhao” ki yojna aur slogan “Islam Mazhab” ke messanger hamare piyare Nabi Mohammad Mustafa S.A.W. ki Sunnat “Beti bachao Beti parhao” se seekha hai.

Shaista Ambar ne kaha ki Islam Mazhab ke urooj se pehle log apni betion ko zinda zameen mein garh dete the. Kyonki betion ki wajeh se hi jang hoti then, qatal qital hote the aur khandan ki beizzati ho jati thee.

Hamare piyare Nabi Mohammad Mustafa S.A.W. ne farmaya

1-jis ke ghar mein beti paida hogi woh Sunnate Rasool hogi, us ghar mein Barkat hogi, karobar achchha hoga, Khushian mayassar hongi.

2 –Jis ne 2 ya 2 se zyadah larhkion ki parwarish ki, Taleemo Tarbiayat ki aur unka Nikah karaya to  Hamare piyare Nabi Mohammad Mustafa S.A.W. unke waliden ko Jannat dilaenge.

3 –Islam Mazhab mein Larhki ko peehar mein aur sasural mein dono jageh Virasat mein hissedari di gayi hai. Use kisi bhi halat mein akela baghair sarparasti ke lawaris nahin chhorha hai. Larhki ko paida hone se marne tak usko maan w samman, arthik khushhali se nawaza gaya hai. Yahan tak ki agar koi rishtedar n ho to Zakat Baitumaal mein bhi “Misakeen” mein unka hissa hai

4 -Islam Mazhab mein Larhki ko uski pasand se shohar chunne, uski razamandi, aur yahi nahin nikah se pehle qubooliyat mein bhi use pehle qubool karne ka hukm hai. Larhki ke qubool karne ke baad hi larhke se qubool karaya jaata hai.

5 -Nikah se pehle larhki ko muashi, arthik, Finencial Empowerment dene ke liye samjhote mein MEHAR muqarrar karne ki sahooliyat di hai. Taki woh financially strong rahe.

6 -Larhki ko mardon ke muqable ek bahut barha nayab tohfa “ Maan ke pair tale Jannat” ki dunia hi mein Basharat dee gayi hai.

7 - Quraan mein jahan mardon se khitab kiya gaya hai wahin khawateen ko bhi khitaab kiya gaya hai. For example har musalman mard wa aurat ko Ilm ka janna farz qarar diya gaya hai. Larhke ki tareh larhki bhi

In Legislatur mein Begam Hazrat Mahal, Begam Sultan Jahan, Razia Khan, Chaand Bibi, Assam ki 8th CM Anwara Taimoor,  Pakistani PM Benazeer Bhuttoo 1988 to 1990, Turkish PM Tansu Ciller, Bangla Desh PM Khalida Zia aur Shaikh Haseena, Singapur PM Halimah Yaqoob

  Dr., Engr., Judge (Justice Fatima), IAS, PCS, Journalist (Arifa Khanam), Nazneen Yasmeen ISRO mein select hui hain, Spotrts mein Sania Mirza, eg qabile tareef misaalen hain.

Ham keh sakte Hain ki Islam Mazhab ne Larhki, Khatoon, Wife, Mother, Sister, Daughter har Rishhte aur stage par usko hifazat aur sahara, maan samman ki nazron se dekha hai.

 Shaista Ambar ne bataya ki aajkal mein apne husband “Ambar Behraichi”  ki likhi tehreeron, sahitey, ghazlon, kahanion, mazamoon ko kitab ki shakal mein print karakar shai karane ki koshish kar rahi hoon. Aap sab se Duaaon ki darkhwast hai.

 

 



Saturday, May 28, 2022

Mayor Mohammad Furqan ne Makhdoomganj ka survey kiya -Dr. Masood Ahmad ki report

 Mayor Mohammad Furqan ne Makhdoomganj ka survey kiya



 

28 May 2022 ko Aligarh ke Mayor Mohammad Furqan sb ne Haddi godam, Makhdoomganj ka survey kiya aur wahan ki nai bani sarhkon ka muayena kiya aur kuchh aisi sarhken bhi dekhin Jahan 1 foot gehri daldal mein logon ka chalna phirna bhi namumkin tha.

Haji Anwar sb ke office mein ek meeting hui jismein Parshad Murad Bachchan, Parshad Akram aur Parshad Nadeem Khan ne aur muqami logon ne Mayor Furqan sb ka Istaqbal kiya aur Mayor sb ke zariye kiye vikas ko bataya aur shukriya ada kiya. Unhon ne elaqe ka survey karaya aur gaddhe wa nalion ka pani bhara dikhaya. Mayor sb ne unhen banwane ka wayeda kiya.

Meeting mein Haji Anwar, Haji Islam, Achchhey Miyan, Parshad Murad Bachchan, Parshad Akram aur Parshad Nadeem Khan, Haji Shakeel, Wasiullah, Zabih Ullah, Rais Qureshi, Kafeel , Haji Kaleem, Danish, Shafi Ullah, Haji Laloo aur kafi tadad mein logon ne shirkat farmai.

 

 

Tuesday, May 24, 2022

Musalmanon ki Taleemo Taraqqi mein meel ka patthar tha Madarsatul Uloom ka qayam- Dr. Masood Ahmad, CEC Member AMU Old Boys (Alumni) Association


 

Manlo ! ki Aurangzeb ne torh phorh kee thee, To kya Sarkar bhi Aurangzeb ki tareh kaam karegi -Prof. Irfan Habib

 

Manlo ki Aurangzeb ne torh phorh kee thee, To kya Sarkar bhi Aurangzeb ki tareh kaam karegi-Prof. Irfan Habib

Aligarh Muslim University ke Emeritus aur mash hoor International fame ke Historian Professor Irfan Habib ne kaha ki jis tareh Mughal Badshah Aurangzeb ne Mandir torhkar ghalat kaam kiya tha, to kya usi tareg ab sarkar bhi ghalat karegi ?

Kashi aur Mathura ke mandir Raja Veer Singh Bundela ne Jahangeer ke shasan kal mein banwaya tha. Yeh itihas mein darj hai.

Prof. Irfan Habib ne kaha ki Gyanvapi mein Shivling milne ki baat kahi ja rahi hai, lekin jo yachika dakhil kee gayi thee, usmein is baat ka koi zikr nahin tha.

Shivling banana ka ek tareeqa hota hai, har cheez ko shivling nahin bata sakte. Ab shivling ko mudda banaya ja raha hai.

Unhon ne kaha ki jab mandir torhe gaye the to unke patthar masjidon mein bhi istemal kiye gaye the. Bahut si masjidon mein hindoo pirteekon ke patthar istemal  kiye gaye the.

Bahut se mandiron mein BODH mazhab ke istemal kiye hue patthar mil jayenge.

 

Rarha Kumbha dwara Chittorh mein banwai gayi Meenar ke ek patthar par Arbi mein “Allah” likha hai lekin use ham Masjid nahin keh sakte.

Kya itne bhar se Musalman keh sakte hain ki yeh yeh Masjid hai aur hamein de di jaye?

Prof. Habib ne kaha ki 1992 mein Ayodhya mein Babri Masjid torhi gayi the aur ise Ram Mandir banane ka rasta saaf ho gaya tha. Unhon  ne kaha ki Aurangzeb ne Mandir torhe the us zamane mein chhipkar kaam nahin hote the’

Itihas mein mandir torhne ki ghatna darj hai.

Gyanvapi mamle me Prof. Irfan Habib ne kaha ki “jab bhi purane waqt mei aise Masjid ya Mandir bane hain to un mein Bodhvihron ke patthar mile hain, to kya mandiron ko torh diya jaye.”

 Yeh bewaqoofi bhari baten hain. Aur aisi isthti mein bahut se mandir toot jayenge?

 

 


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