Tuesday, September 1, 2026

Dr Shroff’s Charity Eye Hospital, Delhi team members visit the JNMCH Ophthalmology Department


एएमयू जेएन मेडिकल कालिज और डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के                    बीच नेत्र बैंकिंग को मजबूत करने पर सहमति

अलीगढ़, 31 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जवाहल लाल नेहरू मेडिकल कालिज के नेत्र विज्ञान संस्थान और नई दिल्ली दरियागंज स्थित डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल ने नेत्र बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने, प्रशिक्षित नेत्र बैंक परामर्शदाताओं को तैयार करने तथा कौशल हस्तांतरण और क्षमता निर्माण की दिशा में सहयोग के लिए एएमयू के साथ कदम बढ़ाए हैं। इसका उद्देश्य कॉर्निया से होने वाले अंधत्व की रोकथाम में योगदान देना है।
इस प्रस्तावित सहयोग को लेकर डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज एएमयू के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. नइमा खातून, सह-कुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान और कुलसचिव प्रो. आसिम जफर से मुलाकात कर विश्वविद्यालय में नेत्रदान और नेत्र बैंकिंग गतिविधियों को मजबूत करने पर चर्चा की।
कुलपति ने एएमयू नेत्र बैंक को प्रशिक्षित शोक परामर्शदाता उपलब्ध कराने के लिए डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के प्रस्ताव की सराहना की। उन्होंने कहा कि संभावित नेत्रदाताओं के परिवारों से संवेदनशील तरीके से बातचीत करने और उन्हें नेत्रदान के लिए प्रेरित करने में ऐसे परामर्श की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
बैठक में नेत्र विज्ञान संस्थान की निदेशक एवं विभागध्यक्ष प्रोफेसर सीमी ज़का उर रब, प्रो. अब्दुल वारिस, प्रोफेसर ज़िया सिद्दिकी और डा मोहम्मद साकिब भी उपस्थित रहे। बैठक में तय किया गया कि नेत्र बैंकिंग सेवाओं, परामर्शदाता प्रशिक्षण, कौशल हस्तांतरण और क्षमता निर्माण में सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए एएमयू और डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के बीच समझौता पर हस्ताक्षर भी किये जाएंगे।
नई दिल्ली से आए प्रतिनिधिमंडल की एएमयू यात्रा के दौरान जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नेत्र विज्ञान संस्थान में ‘कॉर्निया संक्रमण और कॉर्निया से होने वाले अंधत्व की रोकथाम’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चल रहे नेत्रदान पखवाड़े के तहत आयोजित हुई।
डॉ. मनीषा आचार्य और राखी नथालिया ने दिल्ली स्थित अस्पताल की ओर से कार्यशाला में भाग लिया। एएमयू नेत्र बैंक की ओर से प्रोफेसर जिया सिद्दीकी और डॉ. मोहम्मद साकिब ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सिमी जका उर रब के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यशाला में विभिन्न मामलों के अध्ययन, चिकित्सकीय निर्णय लेने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से कॉर्निया संक्रमण की पहचान और उपचार पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने दृष्टि हानि को रोकने के लिए संक्रमण की समय रहते पहचान और उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया।
आई बैंक के असिस्टेन्ट इंचार्ज डॉ. साकिब ने बताया कि कार्यशाला में कॉर्नियल संक्रमण के निदान एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें केस-आधारित चर्चा, क्लिनिकल निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण को प्रमुखता दी गई। भारत में कॉर्नियल अंधत्व रोकी जा सकने वाली दृष्टि हानि के प्रमुख कारणों में से एक है। कॉर्नियल संक्रमण का समय पर निदान और उचित उपचार दृष्टि हानि को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रस्तावित सहयोग से क्षेत्र में नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण की व्यवस्था को मजबूत करने तथा कॉर्निया से होने वाले अंधत्व की रोकथाम में एएमयू की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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