Thursday, April 30, 2026

amia Millia Islamia hosts a Delegation from Purbanchal University, Nepal for Capacity Building

 

Jamia Millia Islamia hosts a Delegation from Purbanchal University, Nepal for Capacity Building on Quality Assurance and Governance


जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने क्वालिटी एश्योरेंस और गवर्नेंस पर कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए नेपाल के पूर्बांचल विश्वविद्यालय के एक प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की ।

नई दिल्ली, 29 अप्रैल, 2026

पूर्बांचल विश्वविद्यालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने क्वालिटी एश्योरेंस और एक्रिडेशन (QAA), गवर्नेंस सिस्टम और उच्च शिक्षा में बेस्ट प्रैक्टिसेज पर कैपेसिटी बिल्डिंग और संस्थागत अनुभव कार्यक्रम के लिए कल जामिया मिल्लिया इस्लामिया का दौरा किया ।

नेपाल के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के क्वालिटी एश्योरेंस ढांचे के अनुरूप आयोजित इस दौरे ने पूर्बांचल विश्वविद्यालय के चल रहे शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधारों को समर्थन दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्वांचल विश्वविद्यालयनेपाल के वरिष्ठ शैक्षणिक लीडर्सपरीक्षा अधिकारी और प्रशासक शामिल थे ।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुएअंतर्राष्ट्रीय संबंध की डीन प्रो. उशविंदर कौर पोपली ने जामिया की विरासतशैक्षणिक उत्कृष्टता और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला । शैक्षणिक मामलों की डीन प्रो. तनुजा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचनाउपलब्धियों और समावेशीअनुसंधान-उन्मुख विकास का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया ।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक ने जामिया की बड़े पैमाने परप्रौद्योगिकी-संचालित प्रवेश और परीक्षा प्रणालियों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिसमें दक्षतापारदर्शिता और डिजिटल एकीकरण पर ज़ोर दिया गया । IQAC की निदेशक डॉ. रफ़त परवीन ने विश्वविद्यालय के क्वालिटी एश्योरेंस ढांचे को प्रस्तुत कियाजिसमें एक्रिडेशन प्रक्रियाओंस्टेकहोल्डर फीडबैक सिस्टम्स और निरंतर सुधार की रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया ।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के टीम लीडर प्रो. प्रशांत कुमार लाल ने जामिया के आतिथ्य की सराहना की और इसे क्वालिटी एश्योरेंसएक्रिडेशनपरीक्षा प्रणालियों और डिजिटल शासन के क्षेत्र में एक मानक संस्थान (benchmark institution) बतायासाथ ही AI-एनेबल्ड एकेडेमिक प्रैक्टिसेज के बारे में जानने में भी रुचि व्यक्त की ।

जामिया में हुई इस चर्चा का नेतृत्व वरिष्ठ शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों के एक विशिष्ट समूह ने कियाजो विश्वविद्यालय गवर्नेंस के प्रमुख क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस समूह में अंतर्राष्ट्रीय संबंधशैक्षणिक मामलेअनुसंधान और नवाचारइंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकीमानविकी एवं भाषाजीवन विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान के डीनपरीक्षा नियंत्रक; IQAC के निदेशकमुख्य जनसंपर्क अधिकारीविश्वविद्यालय लाइब्रेरियनप्रशासनवित्तयोजनाकानूनी मामलों तथा स्थापना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे ।

इस संवादात्मक सत्र ने गवर्नेंसपरीक्षा सुधारोंसंकाय विकासडिजिटल प्रणालियों और गुणवत्ता मानकों पर सार्थक विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया। आए हुए प्रतिनिधिमंडल को जामिया के वरिष्ठ शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के ज़रिए जामिया की शैक्षणिक संरचनाअनुसंधान व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे के बारे में पूरी जानकारी मिली ।

इस व्यापक भागीदारी से आए हुए प्रतिनिधिमंडल को जामिया की शैक्षणिक संरचनाअनुसंधान व्यवस्थापरीक्षा प्रणालियोंक्वालिटी एश्योरेंस प्रक्रियाओं और प्रशासनिक ढांचे की पूरी समझ हासिल करने में मदद मिली ।

प्रतिनिधिमंडल ने जामिया की मुख्य सुविधाओं का भी दौरा कियाजिनमें सेंट्रल लाइब्रेरीसेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटीज़ और सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज़ (CIRBS) शामिल हैंयहाँ उन्हें जामिया का उन्नत बुनियादी ढाँचा और अनुसंधान सहायता प्रणालियाँ देखने को मिलीं ।

विश्वविद्यालय माननीय कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी के निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता हैउनके नेतृत्व में ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ऐसी मेंटरशिप और संस्थागत सहयोग की पहलें लगातार मज़बूत हो रही हैं ।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने इस दौरे को कैपेसिटी बिल्डिंग की एक सार्थक पहल बताया और शैक्षणिक मेंटरशिप तथा सहयोगात्मक साझेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरायाजिससे पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साथ संस्थागत संबंध और भी मज़बूत हुए हैं ।

संगम समिति, जेएनएमसी द्वारा ‘डूडल डॉक’ का आयोजन


Prof. Tamkin Khan Dr. Mohammed Salman Shah Dr. Tabassum Nawab and Dr. Bushra Siddiqui with participants at the Doodle Doc’ to Promote Creativity and Student Well-being programme organized by SANGAM

संगम समितिजेएनएमसी द्वारा ‘डूडल डॉक’ का आयोजन

अलीगढ़, 29 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज की संगम समिति ने शैक्षणिक सत्र के अपने प्रथम आयोजन के रूप में ‘डूडल डॉक’ नामक रचनात्मक डूडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल छात्रों में कल्पनाशीलतासहजता और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना थाताकि वे अपने विचारों को आकर्षक दृश्य रूप में प्रस्तुत कर सकें।

यह समिति जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा संकाय के डीन प्रोमोहम्मद खालिद के नेतृत्व में गठित की गई हैजो खेलकलाकथाखेलकूद और संगीत जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में सह-पाठ्यक्रम सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

प्रतियोगिता में दो-दो छात्रों की टीमों ने भाग लियाजिसमें कुल 33 टीमों ने हिस्सा लिया। ‘डूडल डॉक’ में एमबीबीएसएमडीपैरामेडिकल कार्यक्रमों और कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रथम स्थान माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रेजिडेंट डॉकुनिका बत्रा और पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉशोभित सक्सेना ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान बीएससी नर्सिंग की छात्राओं आयिशा रुफैदा और समीरा साजिद खान को मिलाजबकि तृतीय स्थान एमबीबीएस छात्रों सदफ नाज और मोहम्मद सबूर को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साहऊर्जा और सहजता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इस आयोजन का नेतृत्व संगम समिति की संयोजक डॉतबस्सुम नवाब ने किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन विशिष्ट निर्णायक मंडल द्वारा किया गयाजिसमें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा मेडिकल एजुकेशन यूनिट की समन्वयक प्रोतमकीन खानसामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉमोहम्मद सलमान शाहऔर पैथोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉबुशरा सिद्दीकी शामिल थीं।

कार्यक्रम का संचालन तृतीय वर्ष के मेडिकल छात्रों आर्यन प्रताप सिंह और पलक गुप्ता ने किया। आयोजन की व्यवस्था द्वितीय वर्ष के छात्र स्वयंसेवकों आर्यान तारिक और वारिशा बहार तथा प्रथम वर्ष की छात्रा अलीशरा के सहयोग से सुनिश्चित की गई।

चिकित्सा संकाय के डीन प्रोमोहम्मद खालिद ने इस रचनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन के सफल संचालन के लिए शिक्षकों और छात्रों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। वहींजेएनएमसी के प्राचार्य एवं सीएमएस प्रोअंजुम परवेज ने समिति को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

डूडलिंग एक प्रभावी माध्यम हैजो एकाग्रता बढ़ानेशैक्षणिक तनाव कम करने और रचनात्मक सोच को विकसित करने में सहायक होती हैकृये सभी गुण चिकित्सा शिक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। संगम समिति ऐसे आयोजनों के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समग्र छात्र कल्याण को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

संगम समिति के सदस्यों डॉनेमा उस्मान (सहायक प्रोफेसरएनाटॉमी), डॉशाहना अली (सहायक प्रोफेसरएनेस्थीसिया), डॉदीबा खानम (सहायक प्रोफेसरप्रसूति एवं स्त्री रोग), डॉसमरीन जहीर (सहायक प्रोफेसररेडियोथेरेपी), डॉहिबा सामी (सहायक प्रोफेसरमाइक्रोबायोलॉजीऔर डॉसमीना अहमद (सहायक प्रोफेसरसामुदायिक चिकित्साने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कर छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

 

Wednesday, April 29, 2026

AMU Women’s College History Study Circle Hosts ‘Historia’ Two-Day National Conference

 


AMU Women’s College History Study Circle Hosts ‘Historia’ Two-Day National Conference Showcases Student Research and Historical Inquiry

वीमेन्स कालिज हिस्ट्री स्टडी सर्किल द्वारा हिस्टोरिया’ का आयोजन

अलीगढ़,29 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीमेन्स कॉलेज के इतिहास अध्ययन मंडल (डब्लूसीएचएससीद्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘हिस्टोरिया’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य ऐतिहासिक अध्ययन के प्रति गहन रुचि विकसित करना तथा विभिन्न संस्थानों के छात्रों एवं शोधार्थियों में आलोचनात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना था।

सम्मेलन का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ हुआजिसमें इतिहास विभागएएमयू की प्रोशादाब बानो ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। सत्र का विवरण डब्लूसीएचएससी की अध्यक्ष नाज खान द्वारा प्रस्तुत किया गया।

मुख्य वक्तव्य देते हुए इतिहास विभागएएमयू के प्रोसैयद अली नादिम रेजावी ने मध्यकालीन मुगल भारत को धार्मिक समन्वय और साम्प्रदायिक सौहार्द का काल बताया। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि विभिन्न समुदाय आपसी सम्मान और समझ के साथ सह-अस्तित्व में रहते थे।

अपने व्याख्यान में प्रोरेजावी ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम विभाजन मध्यकालीन चेतना का हिस्सा नहीं थाबल्कि यह मुख्यतः औपनिवेशिक काल की निर्मिति है।

सत्र की अध्यक्षता इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोहसन इमाम ने कीजिन्होंने छात्रों को ऐसे शैक्षणिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

सम्मेलन में चार अकादमिक सत्र आयोजित किए गएजिनमें “औपनिवेशिक शासनकानून एवं संस्थागत शक्ति, “अर्थव्यवस्थापर्यावरण एवं कृषक प्रतिरोध, “इतिहासलेखनपहचान एवं सांस्कृतिक कथाएँ” तथा “लैंगिकतासमाज एवं जीवनानुभव” जैसे विषय शामिल थे। इन सत्रों में छात्राओं के विविध शोध-पत्र और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए गए।

इन सत्रों की अध्यक्षता क्रमशः डॉसलीम जावेदडॉफराह सैफ आबेदीनडॉलकी खान और डॉशिवांगिनी टंडन ने की।

सत्रों में सानियानजरा अदीलनगमा यूसुफगुंजन खरवारस्वर्णिमा भारतीरेशमा खातूनशिजा शोएबउजमा गुलअसावरी शर्माशाजिया अस्मतसमाहीरअफलहाइल्मा यूसुफमरियम खानलीजा कमाल और फरवाह सहित कई छात्राओं ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।

समापन सत्र में प्रोशादाब बानो ने मुख्य वक्तव्य दियाजिसकी अध्यक्षता डॉसलीम जावेद ने की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआजिसे डब्लूसीएचसएससी की उपाध्यक्ष जैनब फायजा इस्लाम ने प्रस्तुत किया।

सम्मेलन का आयोजन शिक्षक-प्रभारी डॉजफर मिन्हाज के मार्गदर्शन में किया गया। इतिहास अध्ययन मंडल की छात्र पदाधिकारियों अध्यक्ष नाज खानउपाध्यक्ष जैनब फायजा इस्लाम तथा सचिव तहूरा शकील ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एएमयू में श्वसन रोग निदान में प्रगति पर एक्सटेंशन लेक्चर आयोजित


Prof Naima Khatoon Prof Rajendra Prasad, Prof Asim Zafar, Prof Mohd Shamim and others at the extension lecture at JN Medical College

 एएमयू में श्वसन रोग निदान में प्रगति पर एक्सटेंशन लेक्चर आयोजित

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएनएमसीएचके रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा जेएनएमसीएच ऑडिटोरियम में एक एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। यह विस्तार व्याख्यान लखनऊ के इरा मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूपी चैप्टरके अध्यक्ष प्रोराजेंद्र प्रसाद द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में एएमयू की कुलपति प्रोनइमा खातून और सहकुलपति प्रोएममोहसिन खान ने भाग लिया और प्रोराजेंद्र प्रसाद को सम्मानित किया।

इनसाइड  चेस्टः फ्रॉम शैडो टू डायग्नोस्टिक” विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रोराजेंद्र प्रसाद ने श्वसन रोगों के आधुनिक नैदानिक दृष्टिकोण और जांच पद्धतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से चेस्ट एक्सरे की व्याख्या और उसके क्लिनिकल संबंधों को समझाने पर जोर दिया। अपने व्यापक अनुभव साझा करते हुए उन्होंने रेडियोलॉजिकल निष्कर्षों के व्यवस्थित मूल्यांकन के माध्यम से शीघ्र और सटीक निदान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया समझाई।

इस अवसर पर चिकित्सा संकाय के डीन प्रोमोहम्मद खालिद और प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोअंजुम परवेज ने श्वसन रोगों में शीघ्र निदान के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उन्होंने भारत में पल्मोनोलॉजी और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रोराजेंद्र प्रसाद के योगदान की सराहना की।

रेस्पायरेटरी मेडीसिन के अध्यक्ष प्रोमोहम्मद शमीम ने कहा कि यह कार्यक्रम विभाग की अकादमिक उत्ष्टता और सतत चिकित्सा शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्य अतिथि का परिचय भी कराया।

कार्यक्रम का संचालन डॉलुबना ने किया। इसमें रेस्पिरेटरी मेडिसिन और अन्य संबंधित विभागों के चिकित्सकस्नातकोत्तर छात्र और इंटर्न्स शामिल हुए। सत्र के दौरान इंटरैक्टिव चर्चा और केस-आधारित शिक्षण ने प्रतिभागियों के क्लीनिकल ज्ञान को समृद्ध किया।

Tuesday, April 28, 2026

Top Leaders Guide Students on Career Growth at AMU’s “Spectrum 2.0”

Networking In the Age Of AI: Top Leaders Guide Students on Career Growth at AMU’s “Spectrum 2.0”

Aligarh, April 27: The Training and Placement Office (General), Aligarh Muslim University organized SPECTRUM 2.0, at the Kennedy Auditorium, to provide a vital platform for students to engage with corporate leaders on the shifting paradigms of professional branding and Artificial Intelligence.

The programme commenced with a welcome address by Dr. Suhalia Parveen, Assistant TPO (General). Dr. Muzamil Mushtaq Assistant TPO (General) outlined the event's objectives, stressing the importance of aligning student skill sets with the rapidly evolving demands of the global market.

Mr. Saad Hameed, convener of the event felicitated the guests and the experts from the industry.

The Chief Guest, Prof. Mohammad Gulrez, Department of West Asian and North African Studies, AMU, emphasized the importance of shifting mindsets from merely seeking jobs to creating opportunities and becoming job providers. He encouraged the students to develop entrepreneurial thinking and contribute to employment generation in the economy.

The Guest of Honour, Mr. Neeraj Kumar, SSP Aligarh, shared his professional journey and motivated the students to remain persistent and curious, famously echoing the “stay hungry, stay foolish” philosophy.

The first technical segment focused on “Personal Branding and Network Mastery,” moderated by Dr. Saim Khan, Department of commerce.

Industry experts including Mr. Mohammad Shohaib, Schneider Electric, and Mr. Altaf Hussain, ITC Ltd., provided a deep dive into the difference between simple networking and genuine relationship building.

Alongside, Ms Namita Pandey, Mr. Srijan India, and Ms Shradha D from Teach for India, addressed students’ concerns regarding visibility within the university.

The experts stressed that while visibility is essential, it must be anchored in competence and honesty, with a warning that oversharing on digital platforms can often undermine professional credibility.

The second segment transitioned into the high-stakes world of Artificial Intelligence, moderated by Dr. Asif Akhtar, Department of Business Administration. The discussion demystified the fear of AI-driven job loss.

Mr. Athar Ali of Yes Bank and Mr. Haris Khan of Mindtel Global emphasized that AI is a tool for disruption that rewards those who adapt. The panel, which included Arpit Goliya of Hexaview Technologies and Mr. Mohammad Yasir Iftekhar of Cambay Solutions, provided a technical roadmap for students, suggesting a focus on Python and the “4 D’s” framework.

Complementing the technical advice, Ms. Shahnaz Hussain of Career Plan B highlighted the longevity of human-led soft skills, particularly in fields like sales and strategic negotiation.

The panel discussions were followed by enriching interactive sessions between the industry experts and the students.

The event reached its conclusion with the felicitation of the organizing committee members and TPO volunteers by Prof. Naved Khan, Proctor, AMU, in recognition of their dedicated efforts in making the event a grand success and to encourage students for their active participation and contribution.

Ms. Nosheen Shah proposed a vote of thanks.

Jamia Millia Islamia Excels in Times Higher Education Asia University Rankings 2026; Secures 160th Position

JMI Pic
JMI Excels in Times Higher Education Asia University Rankings 2026; Secures 160th Position

Jamia Millia Islamia Excels in Times Higher Education Asia University Rankings 2026; Secures 160th Position

Jamia Millia Islamia (JMI) has achieved a significant milestone by securing the 160th position in the prestigious Times Higher Education Asia University Rankings 2026. This marks a notable improvement over the previous year, reaffirming the university’s growing academic excellence and global reputation.

 

Expressing his happiness and satisfaction on this achievement, the Honorable Vice Chancellor of JMI, Prof. Mazhar Asif, congratulated the entire Jamia fraternity for their dedication and collective efforts that ensured such a high rank for JMI. He emphasized that this recognition reflects the university’s continuous commitment to quality education, impactful research, and global engagement.

 

Prof. Md. Mahtab Alam Rizvi,  Registrar, JMI, also extended his heartfelt congratulations to faculty members, students, staff, and IQAC. He highlighted that such accomplishments are the result of sustained institutional efforts and teamwork across all departments, centres, offices, and units of the university.

 

Prof. Rafat Parveen, Hony. Director of IQAC, conveyed her congratulations on behalf of the Internal Quality Assurance Cell (IQAC) team. She noted that the improved ranking is a testament to JMI’s unwavering focus on quality benchmarks, academic innovation, and institutional excellence.

 

This achievement further strengthens JMI’s position among Asia’s leading universities and serves as a motivation to scale greater heights in the years to come.


जामिया मिल्लिया इस्लामिया टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में चमका; 160वां स्थान किया हासि

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में 160वां स्थान हासिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। यह पिछले वर्ष की तुलना में एक उल्लेखनीय सुधार हैजो विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक उत्कृष्टता और वैश्विक प्रतिष्ठा की पुष्टि करता है ।

इस उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुएमाननीय कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने जामिया परिवार के सभी सदस्यों को उनके समर्पण और सामूहिक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह सम्मान गुणवत्तापूर्ण शिक्षाप्रभावशाली अनुसंधान और वैश्विक जुड़ाव के प्रति विश्वविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

माननीय रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) मो. महताब आलम रिज़वी ने भी संकाय सदस्योंछात्रोंकर्मचारियों और IQAC को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऐसी उपलब्धियाँ सभी विभागों में निरंतर संस्थागत प्रयासों और टीम वर्क का परिणाम हैं।

उत्सव के इस माहौल में शामिल होते हुए, IQAC की मानद निदेशक प्रो. रफ़त परवीन ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की ओर से भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि रैंकिंग में हुआ यह सुधार गुणवत्ता मानकोंशैक्षणिक नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता पर जेएमआई  के अडिग ध्यान का प्रमाण है।

यह उपलब्धि एशिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के बीच जेएमआई की स्थिति को और मज़बूत करती हैऔर आने वाले वर्षों में और भी ऊँचाइयाँ छूने के लिए प्रेरणा का काम करती है।

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