Monday, November 2, 2026

JMI Celebrates 151st Birth Anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel


 JMI Celebrates 151st Birth Anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel with Enthusiastic Participation in ‘Run for Unity’ and Pledge-taking Ceremony

जामिया ने 'रन फॉर यूनिटी' में उत्साहपूर्ण भागीदारी और शपथ ग्रहण समारोह के साथ मनाई सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती

 

नई दिल्ली, 2 नवंबर, 2026

 

'राष्ट्रीय एकता दिवस-2026' के अवसर पर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के खेल-कूद एवं क्रीड़ा विभाग ने 31 अक्टूबर, 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल (भारत के लौह पुरुष) की 151वीं जयंती मनाने के लिए एक शपथ ग्रहण समारोह और 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया।

 

जेएमआई के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ़ ने शपथ दिलाई और सुबह 9:00 बजे 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कुलपति की धर्मपत्नी, जेएमआई की छात्र कल्याण डीन प्रो. नीलोफर अफजल और खेल-कूद एवं क्रीड़ा विभाग के निदेशक प्रो. नफीस अहमद भी नवाब मंसूर अली खान पटौदी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मौजूद थे। इस कार्यक्रम ने जामिया बिरादरी को एकजुटता और राष्ट्रीय अखंडता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

 

इस कार्यक्रम में जेएमआई की छात्र कल्याण डीन प्रो. नीलोफर अफजल, विधि संकाय के डीन प्रो. गुलाम यज़दानी, दंत चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. नदीम यूनुस, ललित कला संकाय के डीन प्रो. शाह अबुल फैज़, मुख्य प्रॉक्टर प्रो. मो. असद मलिक, सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप के निदेशक डॉ. रिहान खान सूरी, फारसी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मोहसिन अली के साथ-साथ संकाय सदस्य, गैर-शिक्षण कर्मचारी, छात्र और स्थानीय समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति और संस्थागत एकजुटता की सामूहिक भावना देखने को मिली। भारत के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल का दृष्टिकोण इस अटूट विश्वास पर टिका था कि किसी राष्ट्र की असली ताकत उसकी पूर्ण एकता और अखंडता में निहित है। 562 से अधिक रियासतों को एक साथ जोड़कर, 'भारत के लौह पुरुष' ने एक ऐसा मजबूत और एकजुट गणतंत्र बनाया, जो क्षेत्रीय, भाषाई और सांप्रदायिक विभाजनों से ऊपर था। उनकी विरासत हमें हमेशा यह याद दिलाती है कि आंतरिक सुरक्षा, सामूहिक राष्ट्रीय पहचान और आपसी सद्भाव ही राष्ट्र-निर्माण की मुख्य नींव हैं।

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति, प्रो. मजहर आसिफ़ ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने न केवल एक राष्ट्र का नक्शा तैयार किया, बल्कि उसकी विविध आत्मा को एक एकल पहचान में पिरो दिया। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में, जामिया मिलिया इस्लामिया की यह जिम्मेदारी है कि वह इस मशाल को आगे ले जाए। यह 'रन फॉर यूनिटी' आज फिनिश लाइन पर खत्म नहीं होनी चाहिए—इसे समावेशिता, बौद्धिक विकास और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में एक निरंतर चलने वाली यात्रा बनना चाहिए। हमारे छात्र कल के भारत के निर्माता हैं, और आज उनका संकल्प यह साबित करता है कि हमारी एकता अटूट है।

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार, प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी ने 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के अवसर पर संदेश देते हुए कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, बशर्ते हम सब राष्ट्र के प्रति एक साझा संकल्प से जुड़े हों। आज, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिवार एक साथ आगे बढ़ रहा है, तो हम एकजुटता, संस्थागत अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मूल मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हमारे टीचिंग स्टाफ, नॉन-टीचिंग स्टाफ और छात्रों की भारी भागीदारी उस सौहार्दपूर्ण भावना को दर्शाती है जो जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पहचान है। आइए, हम हर दिन एकजुट होकर काम करने का संकल्प लें और एक समावेशी, प्रगतिशील और मजबूत भारत के निर्माण में योगदान दें।

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के खेल निदेशक, प्रो. नफीस अहमद ने कहा कि खेलों में लोगों को जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है, और आज मैदान पर दिख रही ऊर्जा हमारे राष्ट्र की सामूहिक ताकत को बखूबी दर्शाती है। एक साथ दौड़ने का अर्थ यह है कि भले ही हमारे रास्ते अलग-अलग हों, लेकिन हमारी मंजिल एक मजबूत, स्वस्थ और एकजुट भारत है। सच्ची फिटनेस केवल शारीरिक नहीं होती; यह हमारे सामूहिक संकल्प की मजबूती है कि हम एकजुट रहें, अनुशासित रहें और देश की प्रगति के प्रति समर्पित रहें।"

 

सीपीआरओ  कार्यालय                                                                                                                      जामिया मिल्लिया इस्लामिया


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