Thursday, July 9, 2026

अपना डॉक्युमेंट चेक करने और वक्त रहते सही कराने की बात करता हूं समझिए।

 


मैं क्यूं आप लोगों को अपना डॉक्युमेंट चेक करने और वक्त रहते सही कराने की बात करता हूं समझिए।

सन् 2002 में मैं जब आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली युनिवर्सिटी आया तो दिल्ली युनिवर्सिटी के टीचर्स और कर्मचारियों ने मेरा एडमिशन रेजेक्ट करने की हर मुमकिन कोशिश की । सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन काउंटर पर बैठे कर्मचारियों और टीचरों ने पहले यह कहकर फायल वापस कर दी कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में तो बारहवीं होता ही नहीं है । काफी बहस और तर्क वितर्क के बाद वह मेरा फाइल देखना शुरू किए । चंद मिनटों के बाद उन्होंने मेरी फाइल फिर वापस कर दी । इस बार उन्होंने बताया कि आपके दसवीं और बारहवीं के सर्टिफिकेट पर जो नाम अंग्रेजी में लिखा है उसके स्पेलिंग में फर्क़ है । मेरे दसवीं के सर्टिफिकेट पर WAZHUL लिखा था जबकि बारहवीं में WAJHUL लिखा है। दरअसल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सर्टिफिकेट पर हाथों से नाम लिखा जाता है कैलीग्राफी में और लिखने वाले ने बिना कानूनी परेशानी का गुमान करते हुए मेरे नाम के उच्चारण को सही कर दिया। और नियमानुसार जो दसवीं में स्पेलिंग है वही बाहरवीं से लेकर हर सर्टिफिकेट में होना चाहिए था । फिर भी मैंने बहुत रिक्वेस्ट किया। लेकिन वह नहीं मानें। हारकर फिर मैं प्रिसिंपल से मिला। प्रिसिंपल साहब ने मुझे दो दिन का समय दिया कि अगर मैं दो दिन के अंदर नाम में करेक्शन करवा कर ले आता हुं तो वह मेरा एडमिशन ले लेंगे । मैं फौरन अलीगढ़ के लिए निकल गया । और यह अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी ही था जिसने सिर्फ दो घंटे में मेरा सर्टिफिकेट करेक्शन करके दे दिया। मैं दो घंटे रजिस्ट्रार ऑफिस के अंदर लैब के बाहर खड़ा रहा और मुझे मेरा मार्कशीट और सर्टिफिकेट दुबारा प्रिंट करके मिल गया । मेरा दावा है कि दुनिया के किसी युनिवर्सिटी के लोग एक छात्र का कैरियर बचाने के लिए इतनी फास्ट सर्विस नहीं देगा जो अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी ने मुझे दिया था । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का यह अहसान मैं पूरी ज़िंदगी नहीं भुल सकता । अल्लाह इस युनिवर्सिटी को हर आफात व बला से महफूज़ रखे। आमीन । इसलिए आप लोगों से दरख़्वास्त है कि आप लोग अपने बच्चों का जिस दिन दसवीं या बारहवीं का रिजल्ट आए उसी दिन सर्टिफिकेट चेक करें और कोई ग़लती नज़र आए तो फौरन सही करा लें। ताकि भविष्य में कहीं एडमिशन या नौकरी में आपके बच्चों को दिक्कत न हो।
See less

No comments:

Popular Posts