Wednesday, July 1, 2026

एएमयू ने प्रो. मोहम्मद गुलरेज को सेवानिवृत्ति पर दी भावभीनी विदाई

 


Prof Naima Khatoon in presence of Prof Mohd Gulrez, Prof M Mosin Khan, Prof Aasim Zafar and others addressing the Farewell function


Reserch scholar of department of West Asian and North African Studies pressing the memento to Prof Mohd Gulrez in presence of Prof Naima Khatoon


एएमयू ने प्रो. मोहम्मद गुलरेज को सेवानिवृत्ति पर                                                                                दी भावभीनी विदाई

अलीगढ़, 30 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पश्चिम एशियाई एवं उत्तर अफ्रीकी अध्ययन विभाग, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के प्रोफेसर तथा पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज विश्वविद्यालय में शिक्षक, विद्वान और प्रशासक के रूप में अपनी दीर्घ एवं विशिष्ट सेवाएं देने के बाद आज सेवानिवृत्त हो गए।

उनके सम्मान में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय में आयोजित विदाई समारोह में शिक्षकों, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने विश्वविद्यालय के साथ उनके लंबे जुड़ाव तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक योगदान को याद किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. नईमा खातून, सह कुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान, रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद आसिम जफर, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रो. आफताब आलम सहित वरिष्ठ शिक्षक, शोधार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रो. गुलरेज ने 2 अप्रैल, 2023 से 22 अप्रैल, 2024 तक एएमयू के कार्यवाहक कुलपति तथा 22 जून, 2022 से 2 अप्रैल, 2023 तक प्रति कुलपति के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त वे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, पश्चिम एशियाई एवं उत्तर अफ्रीकी अध्ययन विभाग के अध्यक्ष, कॉन्फ्लिक्ट रिजॉल्यूशन एंड पीस स्टडीज प्रोग्राम के संस्थापक समन्वयक तथा सेंटर फॉर साउथ अफ्रीकन एंड ब्राजीलियन स्टडीज के संस्थापक निदेशक भी रहे।

कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कहा कि प्रो. गुलरेज के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि उनका नेतृत्व प्रशासनिक परिपक्वता, संस्थागत प्रतिबद्धता और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उन्नति के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके कुलपति कार्यकाल के दौरान बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक नेता सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने एएमयू के कॉलेज ऑफ फार्मेसी भवन के निर्माण के लिए उदार आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

पूर्व डीन प्रो. मोहम्मद अजहर ने क्षेत्रीय अध्ययन, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और शांति अध्ययन के विकास में प्रो. गुलरेज के योगदान को रेखांकित किया। जनसंपर्क कार्यालय की सदस्य प्रभारी प्रो. विभा शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने सभी दायित्वों का निर्वहन गरिमा, संतुलन और स्पष्टता के साथ किया तथा संस्थागत संचार और जनसंपर्क को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सर सैयद अकादमी के निदेशक एवं पूर्व डीन प्रो. शाफे किदवई ने पश्चिम एशिया अध्ययन, संघर्ष समाधान और वैश्विक शासन के क्षेत्र में उनके विद्वत्तापूर्ण योगदान की सराहना की। धर्मशास्त्र संकाय के पूर्व डीन प्रो. तौकीर आलम फलाही ने उनकी विनम्रता, ईमानदारी और समावेशी दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के प्रति उनकी सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी। सतत एवं प्रौढ़ शिक्षा तथा विस्तार केंद्र के निदेशक डॉ. शमीम अख्तर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप केंद्र को पूर्ण विभाग का स्वरूप देने के प्रस्ताव की तैयारी में उनके योगदान का उल्लेख किया। प्रो. गुलरेज की शैक्षणिक रुचियों में वैश्विक शासन, अंतरराष्ट्रीय संबंध, बहुसांस्कृतिकता, तुलनात्मक राजनीति, शांति एवं सतत विकास, विशेष रूप से दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया तथा उप-सहारा अफ्रीका से जुड़े अध्ययन शामिल हैं। उन्होंने सात पुस्तकों एवं मोनोग्राफ का लेखन एवं संपादन किया है तथा 40 से अधिक शोध-पत्र, लेख और विश्वकोश प्रविष्टियां प्रकाशित की हैं। उन्होंने बड़ी संख्या में पीएच.डी. एवं एम.फिल. शोधार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबो (श्रीलंका) में आईसीसीआर विजिटिंग चेयर, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ रवांडा में विजिटिंग प्रोफेसर तथा रवांडा सरकार की पॉवर्टी रिडक्शन स्ट्रैटेजी पेपर परियोजना में गुड गवर्नेंस विषयक सलाहकार एवं शोधकर्ता के रूप में कार्य किया। उन्होंने अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, ब्रिटेन, सऊदी अरब, श्रीलंका, कतर, कुवैत और तुर्किये सहित अनेक देशों में आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और सम्मेलनों में भाग लिया।

अपने विदाई संबोधन में प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने कुलपति, सहकर्मियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एएमयू उनकी शैक्षणिक और व्यक्तिगत यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहा है तथा विभिन्न दायित्वों में विश्वविद्यालय की सेवा करना उनके लिए गौरव की बात रही। उन्होंने शिक्षकों से शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत अनुशासन और छात्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रौनक शाही ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पश्चिम एशियाई एवं उत्तर अफ्रीकी अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. रक्षंदा एफ. फाजली ने प्रस्तुत किया।

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