सफल विद्यार्थियों में एक विद्यार्थी ने यूजीसी कनिष्ठ अनुसंधान फेलोशिप के लिए जबकि आठ विद्यार्थियों ने यूजीसी-नेट परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त की है।
विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को उनकी शैक्षणिक क्षमता और मेहनत का परिणाम बताते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. मेहताब आलम अंसारी और शिक्षकों ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं शोध भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विभाग ने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी।
AMU Department of Wildlife Sciences Observes National Wildlife Week at Shekha Jheel
शेखा झील में एएमयू के वन्यजीव विज्ञान विभाग ने मनाया राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह
अलीगढ़, 3 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वन्यजीव विज्ञान विभाग ने अलीगढ़ वन विभाग के सहयोग से शेखा झील पक्षी अभयारण्य में जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत की। राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है।
कार्यशाला में शेखा झील के पारिस्थितिक महत्व तथा आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए वैज्ञानिक चेतना और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर चर्चा की गई। यह सप्ताह महात्मा गांधी की स्मृति और प्रकृति तथा सभी जीव-जंतुओं के प्रति उनके करुणा के संदेश की याद में मनाया जाता है।
वन संरक्षक श्रद्धा यादव मुख्य अतिथि थीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अलीगढ़ के प्रभागीय वन अधिकारी शिवम कुमार ने की। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों, अल-बरकात के विद्यार्थियों, वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित लगभग 80 लोगों ने भाग लिया।
एएमयू के वन्यजीव विज्ञान विभाग के प्रो. उरूस इलियास ने आर्द्रभूमियों और जलपक्षियों के पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक ज्ञान और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। विभाग के डॉ. कलीम अहमद और शोधार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
शोधार्थी अक्सा जसीम ने शेखा झील पर प्रस्तुति दी, जिसमें झील के इतिहास, पारिस्थितिक महत्व, पक्षी अभयारण्य से रामसर स्थल में परिवर्तन, प्रमुख खतरों और संभावित संरक्षण उपायों की जानकारी दी गई। चर्चा में रामसर स्थलों के महत्व, आर्द्रभूमि संरक्षण एवं इनके विवेकपूर्ण उपयोग तथा प्रवासी और स्थानीय जलपक्षियों के महत्व पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला ने वन विभाग के अधिकारियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों को आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़े अपने अनुभव, अवलोकन और विचार साझा करने का मंच प्रदान किया। विद्यार्थियों के लिए शेखा झील, उसकी जैव विविधता और आर्द्रभूमि के सामने मौजूद खतरों पर निबंध लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ।
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