Sunday, August 16, 2026

AMU Celebrates 80th Independence Day

Prof Naima Khatoon along with Prof M Mohsin Khan, Prof Aasim Zafar and Prof Athar Ansari during the 80th Independence Day celebration

AMU Celebrates 80th Independence Day with Patriotic Fervour Focusing on Youth Power and Viksit Bharat 2047


एएमयू ने युवा शक्ति और विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ देशभक्ति के उत्साह से 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया

                                                                                                                                                                                         अलीगढ़, 15 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने आज देशभक्ति के उत्साह के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने युवाओं से अपनी ऊर्जा को ज्ञान, क्षमता और सार्थक कार्यों में बदलकर वर्ष 2047 तक विकसित और मानवीय भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
ऐतिहासिक स्ट्रेची हॉल में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रो. नइमा खातून ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘विकसित भारत 2047 के लिए युवा शक्ति’ देश की विकास यात्रा के केंद्र में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की पहली पीढ़ी के सामने यह सवाल था कि देश आजाद कैसे होगा, जबकि आज की पीढ़ी को यह सवाल पूछना चाहिए कि वह इस आजादी का उपयोग कर देश को कैसा बनाएगी।
विश्वविद्यालयों की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसके युवा नागरिकों का बौद्धिक विकास होगा। उन्होंने युवाओं में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, कल्पनाशक्ति, नैतिक निर्णय क्षमता और उन समस्याओं को हल करने का साहस विकसित करने की आवश्यकता बताई, जिनका समाधान पिछली पीढ़ियां नहीं कर सकीं।
सर सैयद अहमद खान की शिक्षा संबंधी दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए प्रो. खातून ने कहा कि एएमयू को ऐसा संस्थान बनना होगा जो विद्यार्थियों को केवल रोजगार पाने के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर पैदा करने के लिए भी तैयार करे। उन्होंने इसे युवा ऊर्जा से युवा नेतृत्व और सक्रिय भागीदारी की ओर बढ़ने की प्रक्रिया बताया।
एएमयू की शैक्षणिक और व्यावसायिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आज अपनी समृद्ध परंपराओं और भविष्य की नई संभावनाओं के संगम पर खड़ा है। विश्वविद्यालय के योगदान का विस्तार जनसेवा और शोध से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस विज्ञान, साइबर सुरक्षा, उन्नत चिकित्सा अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, भू-स्थानिक अनुसंधान, अक्षय ऊर्जा और हरित परिसर जैसी पहलों तक है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कई लाख रोगी ओपीडी पहुंचे, 1 लाख से अधिक मरीज भर्ती हुए और 32 हजार से अधिक बड़ी एवं छोटी शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं की गईं। अंतर्विषयक बाल हृदय केंद्र में 200 हृदय संबंधी शल्य चिकित्सा एवं अन्य प्रक्रियाएं भी की गईं।
प्रो. खातून ने कहा कि विकसित भारत केवल तकनीकी रूप से उन्नत ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी टिकाऊ होना चाहिए। गलत सूचनाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से बौद्धिक स्वतंत्रता विकसित करने तथा किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पढ़ने, जांचने, तुलना करने और तथ्यों की पुष्टि करने की आदत डालने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि एएमयू को ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहां युवा नई सोच के साथ जोखिम उठाकर प्रयोग कर सकें और नवाचार केवल कभी-कभार होने वाली गतिविधि न रहकर संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बने। उन्होंने ऐसे एएमयू स्नातकों की कल्पना की जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ काम करते हुए मानवीय बुद्धिमत्ता को नजरअंदाज न करें, ऐसे वैज्ञानिक जो समाज को समझें, ऐसे उद्यमी जो अपनी जिम्मेदारियों को समझें, ऐसे विद्वान जो विश्वविद्यालय की सीमाओं से आगे की दुनिया को जानें और ऐसे नागरिक जो बिना नफरत के असहमति व्यक्त कर सकें तथा ईमानदारी से समझौता किए बिना सफलता हासिल करें।
प्रो. खातून ने अपने संबोधन का समापन ऐसे भारत के निर्माण के आह्वान के साथ किया जो केवल विकसित ही नहीं, बल्कि ‘गहराई से मानवीय’ भी हो। उन्होंने एएमयू समुदाय से अतीत को याद रखने, लेकिन उसमें बंधे न रहने तथा अपने मूल्यों से जुड़े रहते हुए भविष्य को अपनाने का आह्वान किया।                                                                                                             कार्यक्रम का संचालन एएमयू के कुलसचिव प्रो. आसिम जफर ने किया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलपति के साथ सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एम. अथर अंसारी, प्रॉक्टर प्रो. एम. नावेद खान सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। कुलपति ने सर सैयद हॉल के दक्षिणी और उत्तरी परिसर के लॉन में पौधे लगाए तथा विश्वविद्यालय स्वास्थ्य सेवा में बीमार विद्यार्थियों को फल वितरित किए।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय की प्रमुख इमारतों, जिनमें प्रशासनिक भवन, मौलाना आजाद पुस्तकालय, विक्टोरिया गेट, विश्वविद्यालय पॉलिटेक्निक सभागार, बाब-ए-सैयद और कला संकाय भवन शामिल हैं, को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत उर्दू विभाग ने 14 अगस्त की पूर्व संध्या पर विश्वविद्यालय पॉलिटेक्निक के असेंबली हॉल में काव्य संध्या का भी आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान ने की। उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. सैयद सिराज अजमली ने अतिथियों का स्वागत किया और कुलपति प्रो. नइमा खातून का संदेश पढ़कर सुनाया।
अलीगढ़ के बाहर से आए शायरों में प्रो. अहमद महफूज, अमीर इमाम, डॉ. अदनान कासिम और एम. आर. कासमी अलीग के अलावा स्थानीय शायरों ने भी अपनी प्रभावशाली रचनाएं प्रस्तुत कीं।
उर्दू अकादमी के निदेशक प्रो. जुबैर शादाब ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि कला संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद रिजवान खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह ने स्वतंत्रता, बौद्धिक स्वाधीनता, सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्रीय विकास और आपसी सौहार्द के मूल्यों के प्रति एएमयू की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया।


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