Dr. Seema Pandey addressing the National PG TrainingProgramme in Infertility and Reproduction at Department of Obstetrics and Gynaecology on dais Prof. Naima Khatoon, Prof. Mohsin Khan........
एएमयू के जेएन मेडिकल कालिज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने बांझपन और प्रजनन चिकित्सा पर राष्ट्रीय स्नातकोत्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
अलीगढ़, 8 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने बांझपन और प्रजनन चिकित्सा पर राष्ट्रीय स्नातकोत्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातकोत्तर चिकित्सकों के ज्ञान और प्रजनन चिकित्सा से संबंधित चिकित्सकीय कौशल को बढ़ाना था।
कार्यक्रम की परिकल्पना भारतीय प्रजनन चिकित्सा सोसायटी की अध्यक्ष प्रोफेसर सुनीता तेंदुलवाड़कर ने की थी। इसमें जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, एटा मेडिकल कॉलेज और तिब्बिया कॉलेज के लगभग 100 स्नातकोत्तर रेजीडेंट चिकित्सकों और शिक्षकों ने भाग लिया। शैक्षणिक सत्रों में बांझपन के उपचार के आधुनिक तरीकों, सहायक प्रजनन तकनीकों तथा प्रयोगशाला में निषेचन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
उद्घाटन कार्यक्रम में एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून, सहकुलपति प्रोफेसर मोहसिन ख़ान, चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर मोहम्मद खालिद, प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अंजुम परवेज तथा मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश भारतीय प्रजनन चिकित्सा सोसायटी की सचिव डॉ. सीमा पांडे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समन्वय विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जहरा मोहसिन, आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर शाहीन तथा आयोजन सचिव डॉ. दीबा खानम ने विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग से किया।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रोफेसर जहरा मोहसिन ने विश्व स्तर पर बढ़ती बांझपन की समस्या और प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर शाहीन ने युवा चिकित्सकों के लिए निरंतर सीखने और अपने कौशल को बेहतर बनाने के महत्व पर जोर दिया।
कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून ने आयोजकों को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सहकुलपति प्रोफेसर मोहसिन खान ने कहा कि युवा चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देने से प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। प्रोफेसर मोहम्मद खालिद और प्रोफेसर अंजुम परवेज ने भी स्नातकोत्तर शिक्षा और रोगी सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की।
उत्तर प्रदेश भारतीय प्रजनन चिकित्सा सोसायटी की सचिव डॉ. सीमा पांडे और उत्तर प्रदेश भारतीय प्रसूति एवं स्त्री रोग अल्ट्रासाउंड एवं प्रसवपूर्व तकनीक सोसायटी की सचिव डॉ. नेहारिका मल्होत्रा ने बांझपन, सहायक प्रजनन तकनीकों और प्रयोगशाला में निषेचन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। डॉ. सीमा पांडे ने कहा कि प्रजनन चिकित्सा के प्रशिक्षण को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बढ़ती बांझपन की समस्या को देखते हुए स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उन्नत प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. दीबा खानम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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