Prof. M. Rizwan Khan, Dr. Bandit Aroman (Alig), Prof. Asfar Ali Khan, Prof. Syed Ali Nawaz Zaidi, Dr. Syed Kaleem Afrough Zaidi and others with students during the Indo–Thai Academic and Cultural Exchange programe
एएमयू में भारत-थाईलैंड शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित
अलीगढ़, 21 अक्टूबरः सर सैयद फाउंडेशन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र, भारत में थाई विद्यार्थी संघ की अलीगढ़ शाखा और एएमयू पूर्व छात्र संघ, थाईलैंड के सहयोग से मौलाना आजाद पुस्तकालय के सांस्कृतिक सभागार में भारत-थाईलैंड शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया। “आसियां और उससे आगे: युवाओं की भागीदारी से शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाना” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 100 लोगों ने भाग लिया, जिनमें एएमयू के 25 थाई विद्यार्थी, शिक्षक और शिक्षाविद शामिल हुए।
थाईलैंड के क्रिर्क विश्वविद्यालय में सुरक्षा एवं शांति प्रबंधन के निदेशक और राजनीति विज्ञान कार्यक्रम के प्रमुख तथा एएमयू पूर्व छात्र संघ, थाईलैंड के महासचिव डॉ. बंडित अरोमन ने मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत और थाईलैंड के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत बनाए रखने में शैक्षणिक साझेदारी, युवाओं की भागीदारी और पूर्व छात्रों के नेटवर्क के महत्व पर प्रकाश डाला।
थाईलैंड के कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय में पूर्व अधिकारी और एएमयू पूर्व छात्र संघ, थाईलैंड के उपाध्यक्ष बूनसेर्म सुकपिन्यो ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में पूर्व छात्रों के संपर्क और पेशेवर संवाद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कला संकाय के अधिष्ठाता एवं सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक प्रो. एम. रिजवान खान ने कहा कि शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से अंतर्राष्ट्रीय समझ विकसित होती है, संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत होती है तथा संयुक्त अध्ययन और शोध के नए अवसर मिलते हैं।
एएमयू के कुलपति के विशेष कार्याधिकारी प्रो. असफर अली खान ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने बौद्धिक दृष्टिकोण को व्यापक बनाने और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।
सम्मानित अतिथियों में एएमयू के विधि विभाग के प्रोफेसर एवं अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों के पूर्व सलाहकार प्रो. सैयद अली नवाज जैदी तथा मिंटो सर्किल स्थित एसटीएस स्कूल के प्रधानाचार्य फैसल नफीस शामिल थे। उन्होंने युवाओं को परस्पर जुड़ी दुनिया के लिए तैयार करने में समावेशी शैक्षणिक वातावरण, सांस्कृतिक समझ, विद्यार्थी विकास और आपसी सम्मान की भूमिका को रेखांकित किया।
सर सैयद फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. सैयद कलीम अफरोग जैदी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विभिन्न देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में शिक्षा और युवाओं की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। एएमयू के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के आमंत्रित वक्ता और विश्वविद्यालय वाद-विवाद एवं साहित्यिक क्लब से जुड़े मार्गदर्शक गुफरान अहमद ने नेतृत्व क्षमता और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित करने में संवाद, आलोचनात्मक चिंतन तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए एएमयू के 25 थाई विद्यार्थियों और सर सैयद फाउंडेशन के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. निशात फातिमा, थाईलैंड की पूर्व छात्रा नदरीन, सहायक विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. मुनव्वर, एएमयू पूर्व छात्र संघ, थाईलैंड के कार्यकारी सदस्य, एसटीएस स्कूल के सैयद मुदस्सिर अली रिजवी सहित शिक्षक, शोधार्थी और थाई विद्यार्थी समुदाय के सदस्य मौजूद रहे।
सर सैयद फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष नवेद आलम, महासचिव अबू दाऊद, उपाध्यक्ष एमडी कामरान तथा सचिव मोहम्मद रियाज, हसन मुस्तफा, अदीबुर रब, शाहीन कलाम, इब्राहिम, सरीम और अफ्फान उपस्थित रहे। विद्यार्थी प्रशिक्षु जाफिर, अयान, सुफियान और अली सहित फाउंडेशन के अन्य सदस्य एवं स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
नावेद आलम ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि एएमयू की एमबीए की छात्रा युसरा जैदी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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