Prof. Irfan Habib with the prestigious Rajwade Lifetime Achievement Award
84वें इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस सत्र में एएमयू के विद्वानों की उल्लेखनीय भूमिका
अलीगढ़, 5 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विद्वानों ने केरल के कन्नूर जिले के थालास्सेरी स्थित गवर्नमेंट ब्रेन्नन कॉलेज में आयोजित इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस (आईएचसी) के 84वें सत्र में अकादमिक और संगठनात्मक स्तर पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब को ऐतिहासिक अनुसंधान, इतिहासलेखन और इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस में उनके आजीवन योगदान के सम्मान में प्रतिष्ठित राजवाड़े लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करने वाली पट्टिका का अनावरण किया। प्रसिद्ध इतिहासकार विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े के नाम पर स्थापित यह पुरस्कार भारतीय इतिहास के क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है।
कांग्रेस के दौरान एएमयू के कई इतिहासकारों का प्रमुख पदों पर चयन या मनोनयन हुआ। प्रो. इरफान हबीब को इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का उपाध्यक्ष चुना गया, जबकि सेवानिवृत्त प्रो. इशरत आलम, निवर्तमान सचिव प्रो. सैयद अली नदीम रेजावी और डॉ. शमीम अख्तर को कार्यकारी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। सेवानिवृत्त प्रो. सैयद जाबिर रजा को मध्यकालीन भारत अनुभाग का अध्यक्ष चुना गया, जबकि पूर्व एएमयू छात्र डॉ. इनायतुल्लाह खान को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया।
इसके अतिरिक्त, एएमयू के दो दर्जन से अधिक शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने विभिन्न सत्रों में शोध पत्र प्रस्तुत किए और अकादमिक विचार-विमर्श में भाग लिया। इनमें प्रो. इशरत आलम, डॉ. शमीम अख्तर, प्रो. शादाब बानो, डॉ. अर्शिया शफकत, डॉ. फराह आबेदीन, डॉ. लुबना इरफान, डॉ. गुलरुख खान, डॉ. सिद्धांत और डॉ. असरा अल्वी प्रमुख रहे। शोधार्थियों में जैनब नकवी, सहरिश हिलाल, विलायत और मुजतबा ने भी शोध पत्र प्रस्तुत किए।
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