Prof. F.S. Sherani preforming the role during the play Zabaan Daraaz at Jamia Hamdard
Prof. F.S. Sherani, Muzammil Hayat Bhawani, Rishabh Rajput, Prof. Khurshid Ahmad AnsariCol. Tahir Mustafa with drama team members at Jamia Hamdard
एएमयू के टी4 थिएटर ने जामिया हमदर्द में उर्दू व्यंग्य नाटक से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
अलीगढ़, 18 फरवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के टी4 थिएटर दल ने जामिया हमदर्द में आयोजित यूनानी दिवस समारोह 2026 के अंतर्गत एक उर्दू हास्य-व्यंग्य नाटक का सफल मंचन किया। यह प्रस्तुति जामिया हमदर्द के यूनानी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विद्यालय द्वारा आयोजित की गई थी।
“जबान दराज” शीर्षक इस नाटक की कहानी मिर्जा लिसान संभालवी नामक एक भाषा-प्रेमी व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बेटों के साथ कल्पनाओं की दुनिया में खोया रहता है। उनकी व्यवहारिक सोच रखने वाली पत्नी उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना कर जीविका कमाने की सलाह देती है। हास्य और व्यंग्य के माध्यम से नाटक में पारिवारिक संबंधों की झलक के साथ उर्दू भाषा और संस्कृति की समृद्धि को दर्शाया गया।
नाटक की रचना प्रो. एफ. एस. शेरानी, अध्यक्ष, यूनानी चिकित्सा, तिब्बिया कॉलेज, एएमयू ने की। उन्होंने ही मिर्जा लिसान संभालवी की मुख्य भूमिका निभाई। निर्देशन मुजम्मिल हयात भवानी ने किया तथा ऋषभ राजपूत सहायक निर्देशक रहे। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. खुर्शीद अहमद अंसारी थे।
इस अवसर पर जामिया हमदर्द के यूनानी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अनवर हुसैन खान, कुलसचिव कर्नल ताहिर मुस्तफा, जनसंचार विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. फरहाद बशीर तथा विदेशी छात्र सलाहकार प्रो. जीनत इकबाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नाटक में अरीबा अकील (बेगम), यमन (राजी), फलक रजा (शोभा), नबील मुस्तफा (जीलानी), अमित कुमार (इकबाल), जमीर बख्श (कुर्बान), अब्दुल्ला फैजुल (रुश्दी), अरीब जुबैरी (सूफी), आकाश (कैमरामैन) और सुफिया मिर्जा (शमा) ने अभिनय किया। फलक रजा ने निर्माण प्रमुख की जिम्मेदारी भी निभाई, जबकि जनसंपर्क की जिम्मेदारी गीतिका शर्मा के पास रही। निर्माण दल में फाकिहा खान, आकाश, मोहम्मद साद सुजा और अरीब जुबैरी शामिल रहे।
कर्नल ताहिर मुस्तफा ने टीम को प्रमाणपत्र प्रदान कर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि फरवरी माह में टी4 थिएटर की यह तीसरी प्रस्तुति थी, जो समूह की सक्रिय सांस्कृतिक भागीदारी को दर्शाती है।
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