Sunday, February 1, 2026

Prof M Gulrez addressing the Ambedkar Memorial Lecture at AMU


                             न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह का एएमयू में अंबेडकर स्मृति व्ख्याख्यान                                                                     अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि संकाय और डॉअंबेडकर चेयर फॉर लीगल स्टडीज एंड रिसर्च द्वारा जेएनएमसी ऑडिटोरियम में “भारत में सबसे गरीब और हाशिए पर रहने वाले वर्गों में सुरक्षा की भावनाः संवैधानिक गारंटी और न्यायपालिका की भूमिका” विषय पर डॉअंबेडकर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह ने व्याख्यान देते हुए कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है जब गरीब और वंचित वर्ग सशक्त होंक्योंकि वह राष्ट्र की रीढ़ हैं। उन्होंने वास्तविक समानता पर जोर देते हुए सामाजिक सुधारों को न्यायसंगत और संतुलित बनाने की आवश्यकता जताई तथा छात्रों के साथ विभिन्न विधिक विषयों पर संवाद भी किया।

प्रारंभिक वक्तव्य में प्रोजफर अहमद खानचेयर प्रोफेसरअंबेडकर चेयरएएमयू ने चेयर के उद्देश्यों तथा डॉभीमराव आंबेडकर के दृष्टिकोण और दर्शन पर किए जा रहे शैक्षणिक कार्यों की जानकारी दी।

स्वागत भाषण में विधि संकाय के डीन प्रोशकील अहमद ने एएमयू की समृद्ध शैक्षणिक विरासत और प्रतिष्ठित वकीलोंन्यायाधीशोंराज्यपालों एवं लोकसेवकों को तैयार करने में इसकी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में गरिमासमानता और सुरक्षा जैसे प्रश्नों की पड़ताल के लिए डॉआंबेडकर की विरासत से बेहतर वैचारिक आधार नहीं हो सकता।

अतिरिक्त आयुक्तसीजीएसटीइलाहाबादमहफूरहमान ने डॉआंबेडकर के जीवनभर चले संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विशेष रूप से अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी।

बांदा के अतिरिक्त जिला जज गगन भारती ने कहा कि सार्थक सामाजिक परिवर्तन के लिए समाज की सोच में बदलाव जरूरी हैजिसे केवल शिक्षा से हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने वंचित वर्गों के प्रति सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीशअलीगढ़पंकज कुमार अग्रवाल ने जाति आधारित भेदभाव को कम करने में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि न्यायिक हस्तक्षेप सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में मील के पत्थर साबित हुए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकनीरज कुमार जादौन ने कहा कि प्रभावी शासन और कानून व्यवस्था के लिए जनता का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों और प्रशासन के बीच पारस्परिक विश्वास को सामाजिक सुरक्षा की आधारशिला बताया।

अध्यक्षीय संबोधन में एएमयू के पूर्व कुलपति प्रोमोहम्मद गुलरेज ने व्याख्यान के विषय की सराहना करते हुए डॉआंबेडकर के वंचितों के लिए किए गए अथक प्रयासों को याद किया। उन्होंने बेरोजगारी को सामाजिक उत्थान में बड़ी बाधा बताया और शिक्षा को जीवन एवं समाज में

...

No comments:

Popular Posts