Wednesday, March 4, 2026

amia’s Premchand Archives & Literary Centre, JMI, hosts the First Prof. Gopi Chand Memorial Lecture

 


Jamia’s Premchand Archives & Literary Centre, JMI, hosts the First Prof. Gopi Chand Memorial Lecture

जामिया के प्रेमचंद आर्काइव्स एवं लिटरेरी केंद्र ने किया पहला प्रो. गोपी चंद स्मृति व्याख्यान आयोजित

 

जामिया के प्रेमचंद आर्काइव्स एवं लिटरेरी केंद्र, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को पहला प्रो. गोपी चंद नारंग स्मृति व्याख्यान आयोजित किया। यह स्मृति व्याख्यान प्रो. कौसर मज़हरी, अध्यक्ष, उर्दू विभाग, जेएमआई ने दिया और इसकी अध्यक्षता प्रो. खालिद महमूद, पूर्व अध्यक्ष, उर्दू विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली ने की।

 

इस मौके पर, आर्काइव्स के डायरेक्टर प्रो. शहज़ाद अंजुम ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और जेएमआई के माननीय वाइस चांसलर प्रो. मज़हर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी को आर्काइव्स में ऐसी अकादमिक गतिविधियों को सपोर्ट और संरक्षण देने के लिए धन्यवाद दिया, जिससे स्कॉलर्स, छात्र और फैकल्टी मेंबर्स के बीच बहस और चर्चा का स्तर बढ़ता है। उन्होंने जाने-माने लेखक, स्कॉलर, आलोचक और कवि, जेएमआई के उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. कौसर मज़हरी को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने सत्र की अध्यक्षता करने का उनका न्योता स्वीकार किया और 'मत और क़िरात का बहमी रिश्ता' टॉपिक पर अपनी एक्सपर्टीज़ से छात्रों को जानकारी दी, क्योंकि उर्दू नज़्म और साहित्य आलोचना में उनके वृहत योगदान के लिए उन्हें बहुत प्रसिद्धि और पहचान मिली। उन्होंने अपनी इंटेलेक्चुअल ईमानदारी, क्रिटिकल गहराई, बोलने के आसान तरीके और टॉपिक पर अपनी पकड़ से दर्शकों को प्रभावित किया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएमआई के उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. खालिद महमूद ने की, जिन्होंने जेएमआई के उर्दू विभाग में प्रो. गोपी चंद नारंग के साथ सहकर्मी के तौर पर काम किया था। उन्होंने ऑडियंस के साथ प्रो. गोपी चंद नारंग के साथ अपने करीबी रिश्ते और लंबे अनुभव भी साझा किए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बताया कि प्रो. नारंग ने उर्दू विभाग में एकेडमिक कल्चर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, साथ ही कहा कि उन्होंने जेएमआई में स्कॉलरशिप के इंटेलेक्चुअल दायरे को बड़ा किया और स्कॉलर्स की एक पीढ़ी को कम्पेरेटिव और क्रिटिकली सोच के लिए प्रोत्साहित किया।

 

स्मृति व्याख्यान के दौरान जेएमआई के मानविकी एवं भाषा संकाय के डीन प्रो. इक्तिदार मोहम्मद खान भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने आर्काइव्स में गोपी चंद नारंग मेमोरियल लेक्चर आयोजित करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमारे पैट्रन्स और शुभचिंतकों की सेवाओं और योगदान को नहीं भूलना चाहिए।

 

कार्यक्रम को डॉ. सैयद मोहम्मद ने आयोजित किया। JPALC, जेएमआई के आर्किविस्ट आमिर ने प्रो. गोपी चंद नारंग, जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अध्यक्ष और वक्ता थे, उनका भी परिचय दिया। कार्यक्रम का समापन  JPALC जेएमआई की असिस्टेंट आर्किविस्ट सुश्री श्रद्धा शंकर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने इस मौके पर मौजूद सभी पार्टिसिपेंट्स को धन्यवाद दिया।

 

कार्यक्रम में जेएमआई के प्रेमचंद आर्काइव्स एवं लिटरेरी केंद्र के मुख्य हॉल में छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों की एक बड़ी संख्या ने भागीदारी की।

 

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