Professor Qazi Ehsan Ali addressing the brain storming session at KGMU Lucknow
एएमयू के प्रोफेसर ने राज्य स्तरीय सत्र में ट्रॉमा और इमरजेंसी के समेकित प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया
अलीगढ़, 24 मार्चः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के एनेस्थेसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के प्रोफेसर क़ाज़ी एहसान अली ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के “ट्रॉमा टास्क फोर्स” द्वारा आयोजित एक ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में अपने विचार प्रस्तुत किए।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार, राज्य में ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने के प्रयास कर रही है। इस इस संबंध में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में मुख्य रूप से यह चर्चा हुई कि क्या केवल स्वतंत्र ट्रॉमा केंद्र पर्याप्त होंगे, या पूरे राज्य में ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं के समेकित मॉडल की स्थापना की जानी चाहिए, साथ ही मौजूदा सुविधाओं को लेवल 1 ट्रॉमा सेंटर में अपग्रेड और सुसज्जित किया जाना चाहिए।
प्रोफेसर अली ने ट्रॉमा और इमरजेंसी मेडिसिन के समेकित कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इस दृष्टिकोण से संसाधनों की अनावश्यक दोहराव को कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गंभीर स्थिति वाले मरीजों का तुरंत इलाज किया जाना चाहिए, चाहे वे ट्रॉमा के शिकार हों या अन्य मेडिकल या सर्जिकल इमरजेंसी में हों। प्रारंभिक इमरजेंसी उपचार के बाद मरीजों को ट्रायेज किया जाता है और आवश्यकतानुसार संबंधित विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है।
सत्र के दौरान देशभर के विशेषज्ञों ने भी इमरजेंसी मेडिसिन के समर्पित विभागों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया।
No comments:
Post a Comment