Awareness Programme for Adolescent Girls on International Women’s Day at Department of Community Medicine
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एएमयू के चिकित्सकों ने किशोरियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
अलीगढ़, 11 मार्चः अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी), जवां, अलीगढ़ के निकट स्थित राजकीय जूनियर हाई स्कूल में “इंटरनेशनल वुमेन्स डेः गेन टू गिव” विषय पर स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम सामुदायिक चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष प्रो. उज्मा इरम के मार्गदर्शन तथा डॉ. तबस्सुम नवाब (सहायक प्रोफेसर) की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लगभग 45 प्रतिभागियों, जिनमें किशोरियां और स्थानीय समुदाय के सदस्य शामिल थे, ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. इरम आबिद (सीनियर रेजिडेंट) ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला और किशोरियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, सशक्तिकरण, स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया।
डॉ. रिया दत्त (जूनियर रेजिडेंट-2) ने महिलाओं की शिक्षा को एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि विवाह से पहले शिक्षा पूरी करने से महिलाएं अपने स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय बेहतर ढंग से ले सकती हैं।
मासिक धर्म स्वच्छता के विषय पर डॉ. शाबिया परवीन (जेआर-1) ने प्रतिभागियों को स्वच्छ सेनेटरी पैड या कपड़े के उपयोग, मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा इससे जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी बल दिया।
डॉ. रोहन कौशिक (जेआर-1) ने संक्रमण के प्रसार को रोकने में हाथों की सही तरीके से सफाई के महत्व को समझाया। उन्होंने हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन करते हुए नियमित हाथ स्वच्छता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पोषण संबंधी मार्गदर्शन भी दिया गया, जिसमें किशोरियों में सामान्य रूप से पाई जाने वाली एनीमिया की समस्या की रोकथाम के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, दालें और अंडे जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने संतुलित आहार को शारीरिक विकास, शैक्षणिक प्रदर्शन और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया तथा महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देने में परिवार के सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. इरम आबिद ने प्रतिभागियों को संदेश देते हुए कहा कि “पढ़ी-लिखी स्वस्थ लड़की कृ देश की शक्ति।”
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