अलीगढ़, 28 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खान तिब्बिया कॉलेज के निस्वां व कबालत विभाग ने अक्टूबर माह में विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। “हर कहानी अनूठी है, हर सफर महत्वपूर्ण है” विषय पर आधारित इन गतिविधियों का उद्देश्य स्तन कैंसर की समय रहते पहचान, शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श और मरीजों को सहयोग देने के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम के तहत बाह्य रोगी विभाग में आने वाली महिलाओं के लिए परामर्श सत्र आयोजित किए गए। इनमें स्तन कैंसर के जोखिम कारकों, चेतावनी संकेतों और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। विभाग के संगोष्ठी कक्ष में दृश्य-श्रव्य जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें स्तनों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, जांच, शुरुआती पहचान और उपचार के महत्व को समझाया गया।
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉ. रोशन परवीन ने “स्तन कैंसर जागरूकताः लक्षण पहचानें, समय पर उपचार लें और एक-दूसरे का साथ दें” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने लक्षणों को पहचानने, समय पर चिकित्सकीय जांच कराने और प्रभावित महिलाओं को भावनात्मक एवं सामाजिक सहयोग देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन निस्वां व कबालत विभाग की अध्यक्ष प्रो. सुबूही मुस्तफा के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि इसका समन्वय डॉ. अबीहा अहमद खान ने किया। यूनानी चिकित्सा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सैयदा आमिना नाज, डॉ. फहमीदा जीनत और विभाग के परास्नातक शोधार्थियों ने भी इस पहल में भाग लिया।
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