Wednesday, November 19, 2025

JMI Researchers Granted Patent for Breakthrough in Green


                            जेएमआई के शोधकर्ताओं को प्रदान किया गया ग्रीन में ब्रेकथ्रू के लिए पेटेंट 

सस्टेनबल केमिकल मैन्यूफॅक्चरिंग को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयासों के अनुरूपजामिया मिल्लिया इस्लामिया के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. तौकीर अहमद और डॉ. फरहा नाज़ को नैनोकैटेलिटिक ग्रीन केमिस्ट्री में एक बड़ी सफलता का पेटेंट प्रदान किया गया है। पेटेंट प्राप्त यह नवाचारपी-नाइट्रोबेंजोइक एसिड सिंथेसाइज़िंग के लिए एक नवीन सेरिया नैनोकैटेलिस्ट- बेस्ड मेथड प्रस्तुत करता हैजो एक मूल्यवान रसायन है जिसका व्यापक रूप से दवा और रासायनिक उद्योगों में उपयोग किया जाता है। यह पहली बार है जब सेरिया नैनोकैटेलिस्ट का इस परिवर्तन के लिए सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। न्यूली डेवेलप्ड कॅटलिटिक प्रोसेस डेमॉन्स्ट्रेट्स 100% रूपांतरण और 99.29% सिलेक्टिविटी प्रदर्शित करती हैजो मौजूदा पारंपरिक ऑक्सीकरण तकनीकों से कहीं बेहतर है।

 

यह विधि लागत-प्रभावीस्केलेबल और पर्यावरण के अनुकूल हैजो सस्टेनबल केमिकल मैन्यूफॅक्चरिंग को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयासों के अनुरूप है। इस प्रक्रिया से उत्पादित पी-नाइट्रोबेंज़ोइक एसिडएक महत्वपूर्ण पेन-रिलीफ कॉंपाउंडफेनासेटिनफार्मास्यूटिकल्स में प्रयुक्त अमीनोबेंज़ोइक एसिड और अमीनोसैलिसिलिक एसिडविभिन्न चिकित्सीय योगों के लिए आवश्यक फोलिक एसिड इंटरमीडियेट्सडाइज़पिगमेंट्स और अन्य वेल्यू-एडेड इंडस्ट्रियल केमिकल्स के लिए प्रमुख के रूप में कार्य करता है। यह पेटेंट प्राप्त तकनीक नैनोटेक्नोलॉजीकैटलिसिस और ग्रीन इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री के संयोजन में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करती हैजो हाइ-वॅल्यू केमिकल्स के लिए स्वच्छसुरक्षित और अधिक सस्टेनबल प्रोडक्शन रूट्स प्रदान करती है। यह एड्वान्स्ड मेटीरियल्स एंड ग्रीन सिंथेसिस रिसर्च में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बढ़ते नेतृत्व को रेखांकित करता है।

 

प्रोफ़ेसर तौकीर अहमद एक विश्व-प्रसिद्ध शोधकर्ता हैंजिन्हें क्लाइमॅटिक आंड सस्टेनबल एनर्जी एप्लिकेशन्स में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी, CO2 न्यूनीकरण और नाइट्रोजन फिक्सेशन के लिए कार्यात्मक विषम संरचनाओं के डिज़ाइन में विशेषज्ञता प्राप्त है। प्रो. अहमद ने 16 पीएचडी, 10 परियोजनाओं का पर्यवेक्षण किया है, 234 व्याख्यान दिए हैं, 1 पेटेंट, 236 लेख और 3 पुस्तकें लिखी हैंजिनमें लगभग 10,850 शोध उद्धरण, 61 का एच-इंडेक्स और 199 का आई10-इंडेक्स शामिल है। प्रो. अहमद को सीआरएसआई/ एमआरएसआई/ एसएमसी/ आईएससीएएस पदकइंस्पायर्ड टीचर्स प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया सम्मानडीएसटी-डीएफजी पुरस्कारविशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कारडॉ. एस.एस. देशपांडे राष्ट्रीय पुरस्कारमौलाना अबुल कलाम आज़ाद शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार आदि सहित कई पदक और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वे भारत की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के निर्वाचित सदस्य और रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के फेलो भी हैं।

 

प्रो. अहमद ने इस पेटेंट की अन्य आविष्कारक डॉ. फरहा नाज़सहयोगियों और अनुसंधान निधि एजेंसियों (एएनआरएफसीएसआईआर) को इस अभिनव कार्य के लिए धन्यवाद दिया।

 

प्रोफ़ेसर तौकीर ने इस नई तकनीक को विकसित करने की पूरी यात्रा में उनके अटूट सहयोगउत्कृष्ट अवसंरचनात्मक सुविधाओं और शोध वातावरण के लिए जेएमआई के माननीय कुलपति प्रोफ़ेसर मज़हर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रोफ़ेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी के प्रति विशेष आभार व्यक्त कियाजिससे पेटेंट संभव हो सका।

 

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