अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय राइडिंग फील्ड की भूमि से जुड़े मामले को सभी संबंधित मंचों पर पूरी गंभीरता से उठा रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से किए गए अनुरोधों के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने तथा अलीगढ़ नगर निगम द्वारा वहां कोई कार्य नहीं किए जाने के निर्देश दिए हैं।
कुलपति प्रो. नइमा खातून के निर्देश पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 20 अगस्त, 2026 से इस मामले को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं। प्रॉक्टर प्रो. एम. नवेद खान, मेंबर इंचार्ज, यूनिवर्सिटी प्रॉपर्टी ऑफिस प्रो. मोहम्मद आसिफ तथा प्रॉपर्टी ऑफिसर मोहम्मद आरिफ के प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले कोल के उपजिलाधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ से संबंधित एक मामला लगभग एक वर्ष से एसडीएम की अदालत में लंबित है और इसमें राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी (नगर) और कोल के एसडीएम की मौजूदगी में जिलाधिकारी से मुलाकात की और भूमि से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए। इनमें तहसील अभिलेखों में उपलब्ध वह पंजीकृत दस्तावेज भी शामिल है, जिसके अनुसार तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद उक्त भूमि को 1925 में विश्वविद्यालय को हस्तांतरित किया गया था। इसके अलावा 1925 से वर्तमान समय तक विश्वविद्यालय के दावे के समर्थन में उपलब्ध सभी संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत किए गए।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने कोल के एसडीएम को मामले को औपचारिक रूप से दर्ज करने, सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने, उनका पक्ष सुनने और राजस्व अभिलेखों से संबंधित मामले के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि मामले का निर्णय होने तक भूमि पर यथास्थिति बनाए रखी जाए।
21 अगस्त, 2026 को मीडिया को दिए जिलाधिकारी के बयान में भी कहा गया कि उपजिलाधिकारी की अदालत ने मामले का संज्ञान लिया है और विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार तथा अलीगढ़ नगर निगम को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने अलीगढ़ के मेयर श्री प्रशांत सिंघल से भी मुलाकात की और उन्हें विश्वविद्यालय का पक्ष तथा उसके समर्थन में उपलब्ध दस्तावेजी रिकॉर्ड से अवगत कराया। मेयर ने मामले में सहयोग का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय इस मामले में प्रतिदिन आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहा है। राइडिंग फील्ड की भूमि से संबंधित 1925 से अब तक के सभी अभिलेख संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी संपत्ति और हितों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
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