Thursday, March 23, 2023

AMU PVC Prof Mohd Gulrez being honoured at the annual fest of begum sultan jahan hall

                                         बेगम सुल्तान जहां हाल का वार्षिकोत्सव संपन्न

 पिछले कई दिनों से चल रहे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बेगम सुल्तान जहां हॉल का वार्षिक समारोह ‘इंतिसार’ का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।

रंगारंग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एएमयू रजिस्ट्रार श्री मोहम्मद इमरान (आईपीएस) ने छात्र जीवन में कड़ी मेहनत, दृढ़ता और समय प्रबंधन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एएमयू में छात्रों के पास बेहतरीन सुविधाएं हैं और उन्हें अपने व्यक्तित्व को निखारने और जीवन में उत्कृष्टता और सफलता हासिल करने के लिए इनका उपयोग करना चाहिए।

मानद अतिथि, एएमयू प्रॉक्टर, प्रो. वसीम अली और विशिष्ट अतिथि प्रो. नईमा खातून (प्रिंसिपल, महिला कॉलेज), प्रो. निशात फातिमा (विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन) और डॉ. एम. अतहर अंसारी (एनेस्थिसियोलॉजी विभाग, जेएनएमसी) ने समारोह की शोभा बढ़ाई।

हॉल की प्रोवोस्ट प्रोफेसर सायरा महनाज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की पहली चांसलर बेगम सुल्तान जहां के शानदार जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हॉल फेस्ट ‘इंतिसार’ के दौरान छात्रों ने गजल, नज्म, कव्वाली और समकालीन बॉलीवुड गीतों जैसे लोक और पारंपरिक संगीत कार्यक्रमों सहित कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए और हॉल के रेजीडेंट सदस्यों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया।

उत्सव के दौरान आयोजित अन्य साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक्सटेम्पोर, स्पेलिंग बी, एकल और युगल गायन, भित्तिचित्र, रंगोली बनाना, वाद-विवाद, बैतबाजी, ओपन माइक, बिना आग के भोजन, पेपर ड्रेसिंग, मेकअप, समूह नृत्य और फैशन शो शामिल थे।

फेस्ट के दौरान आयोजित खेल गतिविधियों में 100 मीटर दौड़, रिले रेस, टेबल टेनिस, कैरम, रस्साकशी, बास्केटबॉल, शतरंज, लेमन रेस, उड़ी पतंग और 3-लेग्ड रेस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थीं।

बेगम सुल्तान जहां हाल पत्रिका के 2022 संस्करण का विमोचन मुख्य अतिथि श्री मोहम्मद इमरान ने किया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि, एएमयू प्रो-वाइस चांसलर, प्रो. मोहम्मद गुलरेज, मानद अतिथि प्रो. नईमा खातून (प्रिंसिपल, विमेंस कॉलेज) की उपस्थिति में फेस्ट का उद्घाटन हुआ।

प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने अब्दुल्ला हॉल के संस्थापक शेख अब्दुल्ला और बेगम सुल्तान जहाँ के योगदान पर प्रकाश डालते हुए भारत में महिलाओं की शिक्षा के इतिहास पर एक अंतर्दृष्टिपूर्ण दी।

वार्डन डॉ. देवश्री अखौरी, डॉ. निगहत रशीद, डॉ. नाजिया तबस्सुम, डॉ. फरहीन अंजुम, डॉ. शाजिया फाजली, डॉ. शायना सैफ और डॉ. समीना अहमद ने सीनियर हॉल सुश्री समरा हाशिम और अन्य हॉल मॉनिटर और छात्र सदस्यों के साथ वार्षिक उत्सव के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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