AMU Women’s College History Study Circle Hosts ‘Historia’ Two-Day National Conference Showcases Student Research and Historical Inquiry
वीमेन्स कालिज हिस्ट्री स्टडी सर्किल द्वारा ‘हिस्टोरिया’ का आयोजन
अलीगढ़,29 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीमेन्स कॉलेज के इतिहास अध्ययन मंडल (डब्लूसीएचएससी) द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘हिस्टोरिया’ का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य ऐतिहासिक अध्ययन के प्रति गहन रुचि विकसित करना तथा विभिन्न संस्थानों के छात्रों एवं शोधार्थियों में आलोचनात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना था।
सम्मेलन का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसमें इतिहास विभाग, एएमयू की प्रो. शादाब बानो ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। सत्र का विवरण डब्लूसीएचएससी की अध्यक्ष नाज खान द्वारा प्रस्तुत किया गया।
मुख्य वक्तव्य देते हुए इतिहास विभाग, एएमयू के प्रो. सैयद अली नादिम रेजावी ने मध्यकालीन मुगल भारत को धार्मिक समन्वय और साम्प्रदायिक सौहार्द का काल बताया। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि विभिन्न समुदाय आपसी सम्मान और समझ के साथ सह-अस्तित्व में रहते थे।
अपने व्याख्यान में प्रो. रेजावी ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम विभाजन मध्यकालीन चेतना का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह मुख्यतः औपनिवेशिक काल की निर्मिति है।
सत्र की अध्यक्षता इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. हसन इमाम ने की, जिन्होंने छात्रों को ऐसे शैक्षणिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन में चार अकादमिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें “औपनिवेशिक शासन, कानून एवं संस्थागत शक्ति”, “अर्थव्यवस्था, पर्यावरण एवं कृषक प्रतिरोध”, “इतिहासलेखन, पहचान एवं सांस्कृतिक कथाएँ” तथा “लैंगिकता, समाज एवं जीवनानुभव” जैसे विषय शामिल थे। इन सत्रों में छात्राओं के विविध शोध-पत्र और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए गए।
इन सत्रों की अध्यक्षता क्रमशः डॉ. सलीम जावेद, डॉ. फराह सैफ आबेदीन, डॉ. लकी खान और डॉ. शिवांगिनी टंडन ने की।
सत्रों में सानिया, नजरा अदील, नगमा यूसुफ, गुंजन खरवार, स्वर्णिमा भारती, रेशमा खातून, शिजा शोएब, उजमा गुल, असावरी शर्मा, शाजिया अस्मत, समाहीर, अफलहा, इल्मा यूसुफ, मरियम खान, लीजा कमाल और फरवाह सहित कई छात्राओं ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए।
समापन सत्र में प्रो. शादाब बानो ने मुख्य वक्तव्य दिया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. सलीम जावेद ने की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डब्लूसीएचसएससी की उपाध्यक्ष जैनब फायजा इस्लाम ने प्रस्तुत किया।
सम्मेलन का आयोजन शिक्षक-प्रभारी डॉ. जफर मिन्हाज के मार्गदर्शन में किया गया। इतिहास अध्ययन मंडल की छात्र पदाधिकारियों अध्यक्ष नाज खान, उपाध्यक्ष जैनब फायजा इस्लाम तथा सचिव तहूरा शकील ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
No comments:
Post a Comment