JMI hosts National Seminar on 'Special and Inclusive Education Initiatives in New Era'जामिया ने ‘स्पेशल एंड इनक्लूसिव एजुकेशन इनिशिएटिव्स इन न्यू एरा’ पर राष्ट्रीय सेमिनार का किया आयोजन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में दिव्यांग व्यक्तियों की शिकायत निवारण शाखा ने डॉ. ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी और शिक्षा संकाय, जेएमआई के शिक्षक प्रशिक्षण और अनौपचारिक शिक्षा विभाग (IASE) के सहयोग से कल विश्वविद्यालय के 'सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज' के कॉन्फ्रेंस हॉल में "नए दौर में विशेष और समावेशी शिक्षा की पहल" विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का संयुक्त रूप से आयोजन किया।
सेमिनार के उद्घाटन सत्र की शुरुआत श्री आफताब आलम द्वारा पवित्र कुरान के पाठ से हुई, जिसने एक शांत और खुशनुमा माहौल बनाया। एंकर ने गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का औपचारिक रूप से स्वागत किया, जिनमें विशेष अतिथि डॉ. करतार सिंह, मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजन पटेल, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर फराह फारूकी, शैक्षणिक मामलों की डीन प्रोफेसर तनुजा, संकाय सदस्य प्रोफेसर भारती शर्मा, संयोजक डॉ. मोहम्मद फैजुल्ला खान और सह-संयोजक डॉ. सौरभ रे शामिल थे।
संयोजक डॉ. मोहम्मद फैजुल्ला खान ने सेमिनार और सतत पुनर्वास शिक्षा (CRE) कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कुल 90 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें 40 शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले और 50 CRE प्रतिभागी शामिल थे।
सह-संयोजक डॉ. सौरभ रे ने सेमिनार के विषय का परिचय दिया और इसके उस उद्देश्य पर ज़ोर दिया जिसके तहत शिक्षकों और पेशेवरों को विशेष और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में समकालीन चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान किया जाता है।
संकाय सदस्यों का भी हार्दिक स्वागत किया गया, जिनमें डॉ. इरम नासिर, डॉ. तौसीफ आलम, डॉ. पटेला रामा कृष्णा, डॉ. आर. जमुना, श्री मोहम्मद ज़ुबेर, डॉ. असजद, डॉ. डोरी लाल, डॉ. सुमिता भांगू और डॉ. मुमताज़ बानो शामिल थे। यह सेमिनार विश्वविद्यालय के विभिन्न स्थानों पर ऑफ़लाइन मोड में आयोजित किया गया था। इसमें चार मुख्य सत्र शामिल थे, जिनका फोकस दृष्टि-बाधा, ब्रेल और पुनर्वास; समावेशी शिक्षा और मूल्यांकन; चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप; ASD और SLD के लिए एकीकृत दृष्टिकोण; और AI-आधारित सहायक प्रौद्योगिकियों पर था।
सेमिनार का समापन, समापन सत्र के साथ हुआ, जिसकी शुरुआत पवित्र कुरान के पाठ से हुई। इसके बाद संयोजक डॉ. मोहम्मद फैजुल्ला खान ने स्वागत वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने सेमिनार में सक्रिय भागीदारी और इसके सफल आयोजन के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। शैक्षणिक मामलों की डीन, प्रोफेसर तनुजा ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक शिक्षा और पुनर्वास पद्धतियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और गुणवत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला।
रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई और सेमिनार के सफल आयोजन की सराहना की। उन्होंने आयोजन टीम को बधाई दी और प्रतिभागियों को शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही समर्पण और निरंतर सीखने पर ज़ोर दिया।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर फराह फारूकी ने एक ज्ञानवर्धक वक्तव्य दिया। उन्होंने अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता साझा करते हुए शिक्षक शिक्षा, समावेशी शिक्षा और विशेष शिक्षा में एक समग्र, प्रगतिशील और सामाजिक रूप से उत्तरदायी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
मान्य अतिथिगणों के बहुमूल्य योगदान की कृतज्ञतास्वरूप उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। कार्यक्रम का समापन सह-संयोजक डॉ. सौरभ रे द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी हितधारकों के प्रयासों को सराहा और औपचारिक रूप से सेमिनार के सफल समापन की घोषणा की।
प्रो. साइमा सईद
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी
जामिया ने ‘स्पेशल एंड इनक्लूसिव एजुकेशन इनिशिएटिव्स इन न्यू एरा’ पर राष्ट्रीय सेमिनार का किया आयोजन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में दिव्यांग व्यक्तियों की शिकायत निवारण शाखा ने डॉ. ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी और शिक्षा संकाय, जेएमआई के शिक्षक प्रशिक्षण और अनौपचारिक शिक्षा विभाग (IASE) के सहयोग से कल विश्वविद्यालय के 'सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज' के कॉन्फ्रेंस हॉल में "नए दौर में विशेष और समावेशी शिक्षा की पहल" विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का संयुक्त रूप से आयोजन किया।
सेमिनार के उद्घाटन सत्र की शुरुआत श्री आफताब आलम द्वारा पवित्र कुरान के पाठ से हुई, जिसने एक शांत और खुशनुमा माहौल बनाया। एंकर ने गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का औपचारिक रूप से स्वागत किया, जिनमें विशेष अतिथि डॉ. करतार सिंह, मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजन पटेल, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर फराह फारूकी, शैक्षणिक मामलों की डीन प्रोफेसर तनुजा, संकाय सदस्य प्रोफेसर भारती शर्मा, संयोजक डॉ. मोहम्मद फैजुल्ला खान और सह-संयोजक डॉ. सौरभ रे शामिल थे।
संयोजक डॉ. मोहम्मद फैजुल्ला खान ने सेमिनार और सतत पुनर्वास शिक्षा (CRE) कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कुल 90 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें 40 शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले और 50 CRE प्रतिभागी शामिल थे।
सह-संयोजक डॉ. सौरभ रे ने सेमिनार के विषय का परिचय दिया और इसके उस उद्देश्य पर ज़ोर दिया जिसके तहत शिक्षकों और पेशेवरों को विशेष और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में समकालीन चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान किया जाता है।
संकाय सदस्यों का भी हार्दिक स्वागत किया गया, जिनमें डॉ. इरम नासिर, डॉ. तौसीफ आलम, डॉ. पटेला रामा कृष्णा, डॉ. आर. जमुना, श्री मोहम्मद ज़ुबेर, डॉ. असजद, डॉ. डोरी लाल, डॉ. सुमिता भांगू और डॉ. मुमताज़ बानो शामिल थे। यह सेमिनार विश्वविद्यालय के विभिन्न स्थानों पर ऑफ़लाइन मोड में आयोजित किया गया था। इसमें चार मुख्य सत्र शामिल थे, जिनका फोकस दृष्टि-बाधा, ब्रेल और पुनर्वास; समावेशी शिक्षा और मूल्यांकन; चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप; ASD और SLD के लिए एकीकृत दृष्टिकोण; और AI-आधारित सहायक प्रौद्योगिकियों पर था।
सेमिनार का समापन, समापन सत्र के साथ हुआ, जिसकी शुरुआत पवित्र कुरान के पाठ से हुई। इसके बाद संयोजक डॉ. मोहम्मद फैजुल्ला खान ने स्वागत वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने सेमिनार में सक्रिय भागीदारी और इसके सफल आयोजन के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। शैक्षणिक मामलों की डीन, प्रोफेसर तनुजा ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक शिक्षा और पुनर्वास पद्धतियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और गुणवत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला।
रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई और सेमिनार के सफल आयोजन की सराहना की। उन्होंने आयोजन टीम को बधाई दी और प्रतिभागियों को शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही समर्पण और निरंतर सीखने पर ज़ोर दिया।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर फराह फारूकी ने एक ज्ञानवर्धक वक्तव्य दिया। उन्होंने अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता साझा करते हुए शिक्षक शिक्षा, समावेशी शिक्षा और विशेष शिक्षा में एक समग्र, प्रगतिशील और सामाजिक रूप से उत्तरदायी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
मान्य अतिथिगणों के बहुमूल्य योगदान की कृतज्ञतास्वरूप उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। कार्यक्रम का समापन सह-संयोजक डॉ. सौरभ रे द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी हितधारकों के प्रयासों को सराहा और औपचारिक रूप से सेमिनार के सफल समापन की घोषणा की।
प्रो. साइमा सईद
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी
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