Prof. Tamkin Khan Dr. Mohammed Salman Shah Dr. Tabassum Nawab and Dr. Bushra Siddiqui with participants at the Doodle Doc’ to Promote Creativity and Student Well-being programme organized by SANGAM
संगम समिति, जेएनएमसी द्वारा ‘डूडल डॉक’ का आयोजन
अलीगढ़, 29 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज की संगम समिति ने शैक्षणिक सत्र के अपने प्रथम आयोजन के रूप में ‘डूडल डॉक’ नामक रचनात्मक डूडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल छात्रों में कल्पनाशीलता, सहजता और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना था, ताकि वे अपने विचारों को आकर्षक दृश्य रूप में प्रस्तुत कर सकें।
यह समिति जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद के नेतृत्व में गठित की गई है, जो खेल, कला, कथा, खेलकूद और संगीत जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में सह-पाठ्यक्रम सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
प्रतियोगिता में दो-दो छात्रों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें कुल 33 टीमों ने हिस्सा लिया। ‘डूडल डॉक’ में एमबीबीएस, एमडी, पैरामेडिकल कार्यक्रमों और कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रथम स्थान माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रेजिडेंट डॉ. कुनिका बत्रा और पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉ. शोभित सक्सेना ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान बीएससी नर्सिंग की छात्राओं आयिशा रुफैदा और समीरा साजिद खान को मिला, जबकि तृतीय स्थान एमबीबीएस छात्रों सदफ नाज और मोहम्मद सबूर को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साह, ऊर्जा और सहजता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस आयोजन का नेतृत्व संगम समिति की संयोजक डॉ. तबस्सुम नवाब ने किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन विशिष्ट निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा मेडिकल एजुकेशन यूनिट की समन्वयक प्रो. तमकीन खान, सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद सलमान शाह, और पैथोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. बुशरा सिद्दीकी शामिल थीं।
कार्यक्रम का संचालन तृतीय वर्ष के मेडिकल छात्रों आर्यन प्रताप सिंह और पलक गुप्ता ने किया। आयोजन की व्यवस्था द्वितीय वर्ष के छात्र स्वयंसेवकों आर्यान तारिक और वारिशा बहार तथा प्रथम वर्ष की छात्रा अलीशरा के सहयोग से सुनिश्चित की गई।
चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद ने इस रचनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन के सफल संचालन के लिए शिक्षकों और छात्रों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। वहीं, जेएनएमसी के प्राचार्य एवं सीएमएस प्रो. अंजुम परवेज ने समिति को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
डूडलिंग एक प्रभावी माध्यम है, जो एकाग्रता बढ़ाने, शैक्षणिक तनाव कम करने और रचनात्मक सोच को विकसित करने में सहायक होती हैकृये सभी गुण चिकित्सा शिक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। संगम समिति ऐसे आयोजनों के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समग्र छात्र कल्याण को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
संगम समिति के सदस्यों डॉ. नेमा उस्मान (सहायक प्रोफेसर, एनाटॉमी), डॉ. शाहना अली (सहायक प्रोफेसर, एनेस्थीसिया), डॉ. दीबा खानम (सहायक प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग), डॉ. समरीन जहीर (सहायक प्रोफेसर, रेडियोथेरेपी), डॉ. हिबा सामी (सहायक प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी) और डॉ. समीना अहमद (सहायक प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा) ने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कर छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
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