Prof. Syed Ziaur Rahman felicitated during the Pharmacovigilance Awareness Programme at City Girls’ High School
एएमयू सिटी गर्ल्स हाई स्कूल में फार्माकोविजिलेंस जागरूकता कार्यक्रम
अलीगढ़, 19 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सिटी गर्ल्स हाई स्कूल द्वारा भारत के फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम (पीवीपीआई) के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, एएमयू के रीजनल ट्रेनिंग सेंटर (आरटीसी) के सहयोग से 6वें राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अवसर पर फार्माकोविजिलेंस जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।“फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देनाः सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक कदम” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दवाओं की सुरक्षा, दवाओं के तर्कसंगत उपयोग तथा प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की पहचान और उनकी रिपोर्टिंग के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
आरटीसी के कोऑर्डिनेटर जेएन मेडीकल कालिज के फार्माकालोजी विभाग के प्रो. सैयद जियाउर रहमान ने बताया कि जहां दवाएं स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती हैं, वहीं कुछ लोगों में इनके प्रतिकूल प्रभाव भी हो सकते हैं। उन्होंने संदिग्ध प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की रिपोर्ट करने के महत्व पर जोर दिया और विद्यार्थियों को ऐसी प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के लिए पीवीपीआई हेल्पलाइन की जानकारी दी। संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं से जुड़े प्रतिकूल प्रभावों के अपने अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
प्रो. रहमान और उनकी टीम का स्वागत करते हुए प्रधानाचार्य मोहम्मद जावेद अख्तर ने इस जागरूकता पहल के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने एडीआर से संबंधित आंकड़ों के व्यवस्थित संग्रह और रिपोर्टिंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी जानकारी स्वास्थ्य पेशेवरों और दवा कंपनियों को समस्याओं की पहचान करने तथा दवाओं की सुरक्षा में सुधार करने में मदद कर सकती है।
कार्यक्रम का प्रबंधन नाजिश सिद्दीकी, कल्चरल कोऑर्डिनेटर ने किया, जबकि संचालन उरूजा खान ने किया। इस सत्र से विद्यार्थियों को फार्माकोविजिलेंस, दवाओं के जिम्मेदार उपयोग और प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के महत्व के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिली।
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