Prof Shah Alam addressing the students during the Counselling Session at Sarojini Naidu Hall on Prof Urus Ilyas and Dr. Ruquiya Afrose
एएमयू के सरोजिनी नायडू हॉल में अधिक सोचने की समस्या और समाधान पर परामर्श सत्र
अलीगढ़, 19 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सरोजिनी नायडू हॉल की ओर से “मानसिक स्वास्थ्यः अधिक सोचने की समस्या और उसके समाधान” विषय पर परामर्श सत्र आयोजित किया गया। मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाह आलम ने विशेषज्ञ के रूप में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
प्रोवोस्ट प्रो. उरूस इलियास के मार्गदर्शन में आयोजित सत्र में अधिक सोचने से होने वाले भावनात्मक प्रभाव और उससे निपटने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई। प्रो. शाह आलम ने स्वस्थ चिंतन और बार-बार नकारात्मक विचारों में उलझे रहने के बीच अंतर समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से अतीत से सीखने, भविष्य की योजना बनाने और वर्तमान में रहने की सलाह दी।
उन्होंने बेरोजगारी, आर्थिक अनिश्चितता, तकनीकी बदलाव और अत्यधिक डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल को आज के समय में तनाव के प्रमुख कारणों में बताया। उन्होंने संतुलित दिनचर्या, सकारात्मक संबंधों और अपनी चिंताओं को भरोसेमंद लोगों के साथ साझा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की भी सलाह दी।
आत्मचिंतन की एक गतिविधि के तहत विद्यार्थियों से अपने अंदर की पांच सकारात्मक खूबियों और सुधार की जरूरत वाले पांच क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता और सकारात्मक आत्मचिंतन को बढ़ावा देना था।
प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अधिक सोचने, तनाव, संबंधों और भविष्य को लेकर चिंताओं से जुड़े सवाल पूछे और अपनी समस्याओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में हॉल के वार्डन डॉ. मोहम्मद असलम, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. रुकैया अफरोज और वरिशा भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में प्रो. शाह आलम को सम्मानित किया गया। डॉ. मोहम्मद असलम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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