Wednesday, January 7, 2026

MI's Faculty of Dentistry, organizes the “Indian Board of Orthodontics (IBO) Awareness Programme


3-Inauguration Ceremony_ Registrar Prof. Mahtab Alam Rizvi inaugurates the IBO Awareness Programme 

MI's Faculty of Dentistry, organizes the “Indian Board of Orthodontics (IBO) Awareness Programme- Blueprint to Board Certification” in association with Orthodontic Study Group of Delhi & Indian Orthodontic Society

जामिया की दंतचिकित्सा संकाय ने ऑर्थोडॉन्टिक स्टडी ग्रुप ऑफ़ दिल्ली और इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसाइटी के सहयोग से इंडियन बोर्ड ऑफ़ ऑर्थोडॉन्टिक्स (IBO) जागरूकता कार्यक्रम- ब्लूप्रिंट टू बोर्ड सर्टिफिकेशन” का आयोजन किया

  

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के दंतचिकित्सा संकाय ने इंडियन बोर्ड ऑफ़ ऑर्थोडॉन्टिक्स (IBO), इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसाइटी (IOS) और ऑर्थोडॉन्टिक स्टडी ग्रुप ऑफ़ दिल्ली (OsGOD) के सहयोग से 5 जनवरी, 2026 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के FTK-CIT कॉन्फ्रेंस हॉल में “IBO जागरूकता कार्यक्रम- बोर्ड सर्टिफिकेशन का ब्लूप्रिंट” का आयोजन किया।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन जामिया के रजिस्ट्रारप्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने दंतचिकित्सा संकाय के कार्यवाहक डीन,  प्रो. आशु भारद्वाज और अन्य गणमान्य व्यक्तियोंफैकल्टी सदस्योंऑर्थोडॉन्टिक प्रैक्टिशनर्सपोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट्स और छात्रों की उपस्थिति में किया। अपने उद्घाटन संबोधन मेंरजिस्ट्रारप्रो. रिज़वी ने नैतिक क्लिनिकल प्रैक्टिससाक्ष्य-आधारित उपचार मानकोंअनुशासित दस्तावेज़ीकरण और आजीवन पेशेवर लर्निंग पर ज़ोर दियाजिन्हें जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मुख्य मूल्यों के रूप में माना जाता है।

 

इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के विभिन्न डेंटल कॉलेजों के फैकल्टी सदस्योंनिजी प्रैक्टिशनर्स और पोस्टग्रेजुएट छात्रों सहित 90 से अधिक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

वैज्ञानिक चर्चाओं में IBO बोर्ड के सदस्यों — प्रो. (डॉ.) माला राम मनोहरप्रो. (डॉ.) अजीत कालियाडॉ. आशीष गर्गडॉ. किरण कुमार एच. सी.और प्रो. (डॉ.) सुनंदा रॉयचौधरी द्वारा IBO सर्टिफिकेशन कैटेगरी से पर संरचित प्रस्तुतियाँ शामिल थीं।

 

कार्यक्रम की शुरुआत OsGOD के संयोजकप्रो. मनिंदर एस. सिद्धू के संबोधन से हुईजिन्होंने संयोजक का अपडेट प्रस्तुत किया और औपचारिक रूप से प्रो. (डॉ.) माला राम मनोहर को उद्घाटन व्याख्यान देने के लिए मंच पर आमंत्रित किया। अपने परिचयात्मक व्याख्यान में, IBO की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) माला राम मनोहर ने दर्शकों को हाल ही में प्रकाशित IBO इंडेक्स से परिचित करायाऔर इसकी संरचनाप्रासंगिकता और क्लिनिकल केस मूल्यांकन और दस्तावेज़ीकरण में इसके अनुप्रयोग के बारे में विस्तार से बताया। सेशन में IBO कैटेगरी से पर केस सिलेक्शन प्रोटोकॉलट्रीटमेंट रिकॉर्डमूल्यांकन मानदंड और प्रेजेंटेशन स्टैंडर्ड पर फोकस किया गयाजिससे प्रतिभागियों को सर्टिफिकेशन की तैयारी के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी मिली।

 

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण विशेष इंटरैक्टिव सेशन था, "IBO सर्टिफिकेशन और मैं - आकांक्षा से उपलब्धि तक," जिसे प्रो. (डॉ.) पुनीत बत्रापूर्व प्रेसिडेंट, IOS और ग्रुप कैप्टन (डॉ.) मोहित शर्मा ने संबोधित कियाजिन्होंने अपनी प्रोफेशनल यात्रा और बोर्ड सर्टिफिकेशन के परिवर्तनकारी मूल्य पर अपने विचार साझा किए।

 

कार्यक्रम का समापन एक समापन सत्र के साथ हुआजिसमें वक्ताओंआयोजकों, OsGOD सदस्योंसंस्थागत सहायता टीमों और प्रतिभागियों के योगदान को स्वीकार किया गया। धन्यवाद ज्ञापन जामिया मिलिया इस्लामिया में ऑर्थोडॉन्टिक्स की प्रोफेसर और ऑर्थोडॉन्टिक स्टडी ग्रुप ऑफ़ दिल्ली (OsGOD) की संयोजक प्रो. हरनीत कौर ने दियाजिन्होंने प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियोंफैकल्टी सदस्यों और प्रतिनिधियों को उनके उत्साहपूर्ण भागीदारी और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

 

Tuesday, January 6, 2026

प्रो. नईमा खातून ने विश्वविद्यालय समुदाय को स्वस्थ और समृद्ध नये वर्ष की शुभकामनाएं दीं


#अलीगढ़_मुस्लिम_यूनिवर्सिटी की ।कुलपति प्रो. नईमा खातून ने विश्वविद्यालय समुदाय को स्वस्थ और समृद्ध नये वर्ष की शुभकामनाएं दींउन्होंने कहा, “नये वर्ष में कदम रखते हुए मैं आप सभी को स्वास्थ्य, खुशी और सफलता की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह समय हमारी उपलब्धियों पर चिंतन करने और आगे की चुनौतियों को नई ऊर्जा से स्वीकार करने का है।

”विश्वविद्यालय समुदाय की समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए प्रो. खातून ने एनआईआरएफ रैंकिंग में यूनिवर्सिटी की ऊंची स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “2026 हमारे लिए उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशिता की दिशा में एकजुट होकर आगे बढ़ने का वर्ष है। आइए ज्ञान, सहयोग और समाज पर सकारात्मक प्रभाव के लिए प्रयास जारी रखें।


प्रो. इरफान हबीब को इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का उपाध्यक्ष चुना गया


 Prof. Irfan Habib with the prestigious Rajwade Lifetime Achievement Award

84वें इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस सत्र में एएमयू के विद्वानों की उल्लेखनीय भूमिका

अलीगढ़, 5 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विद्वानों ने केरल के कन्नूर जिले के थालास्सेरी स्थित गवर्नमेंट ब्रेन्नन कॉलेज में आयोजित इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस (आईएचसी) के 84वें सत्र में अकादमिक और संगठनात्मक स्तर पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब को ऐतिहासिक अनुसंधानइतिहासलेखन और इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस में उनके आजीवन योगदान के सम्मान में प्रतिष्ठित राजवाड़े लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करने वाली पट्टिका का अनावरण किया। प्रसिद्ध इतिहासकार विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े के नाम पर स्थापित यह पुरस्कार भारतीय इतिहास के क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है।

कांग्रेस के दौरान एएमयू के कई इतिहासकारों का प्रमुख पदों पर चयन या मनोनयन हुआ। प्रो. इरफान हबीब को इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का उपाध्यक्ष चुना गयाजबकि सेवानिवृत्त प्रो. इशरत आलमनिवर्तमान सचिव प्रो. सैयद अली नदीम रेजावी और डॉ. शमीम अख्तर को कार्यकारी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। सेवानिवृत्त प्रो. सैयद जाबिर रजा को मध्यकालीन भारत अनुभाग का अध्यक्ष चुना गयाजबकि पूर्व एएमयू छात्र डॉ. इनायतुल्लाह खान को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया।

इसके अतिरिक्तएएमयू के दो दर्जन से अधिक शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने विभिन्न सत्रों में शोध पत्र प्रस्तुत किए और अकादमिक विचार-विमर्श में भाग लिया। इनमें प्रो. इशरत आलमडॉ. शमीम अख्तरप्रो. शादाब बानोडॉ. अर्शिया शफकतडॉ. फराह आबेदीनडॉ. लुबना इरफानडॉ. गुलरुख खानडॉ. सिद्धांत और डॉ. असरा अल्वी प्रमुख रहे। शोधार्थियों में जैनब नकवीसहरिश हिलालविलायत और मुजतबा ने भी शोध पत्र प्रस्तुत किए।

एएमयू के पाँच छात्रों की सऊदी अरब, यूएई और ओमान में नियुक्ति

 एएमयू के पाँच छात्रों की सऊदी अरब, यूएई और ओमान में नियुक्ति

अलीगढ़, 5 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पाँच छात्रों ने विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कार्यालय (जनरल) के समन्वय से आयोजित भर्ती अभियान के तहत किंगडम ऑफ सऊदी अरब (केएसए)संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान में अंतरराष्ट्रीय नियुक्तियाँ प्राप्त की हैं।

अंतरराष्ट्रीय भर्ती अभियानों के दौरान इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के शाहवैज और सुहैब कमाल का चयन केएसए की ईएफएसआईएम फैसिलिटीज मैनेजमेंट कंपनी में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में हुआ। प्रबंधन संकाय से अफजल सिद्दीकी को केएसए स्थित वैश्विक रिटेल और हॉस्पिटैलिटी समूह लैंडमार्क ग्रुप में मैनेजमेंट ट्रेनी के पद पर नियुक्ति मिलीजबकि असजद अली खान का चयन दुबई स्थित ऑटोमोटिव और औद्योगिक लुब्रिकेंट्स में विशेषज्ञ वैश्विक संगठन मैग लुब्रिकेंट्स में सेल्स ऑफिसर के रूप में हुआ।

ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कार्यालय द्वारा सुविधाजनक कराए गए एक अन्य ऑफ कैंपस भर्ती अभियान में सेंटर ऑफ प्रोफेशनल कोर्सेज के शारिक राजा ने तेल और गैस क्षेत्र की ओमान स्थित अग्रणी कंपनी जलमूद नेशनल में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के रूप में अंतरराष्ट्रीय नियुक्ति हासिल की।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर (जनरल) साद हमीद ने कहा कि ये चयन एएमयू छात्रों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाते हैं और अंतरराष्ट्रीय नियोक्ताओं के साथ विश्वविद्यालय की बढ़ती सहभागिता को रेखांकित करते हैं।

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World Braille Day Observed at Child Guidance Centre

 

चाइल्ड गाइडेंस सेंटर में मनाया गया विश्व ब्रेल दिवस 

डॉ. ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी, जेएमआई के तहत चाइल्ड गाइडेंस सेंटर (CGC) ने 05 जनवरी 2026 को अपने कैंपस में "एम्पावरमेंट थ्रू नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी" थीम के साथ विश्व ब्रेल दिवस मनाया।

 

यह कार्यक्रम डॉ. मोहम्मद फैजुल्लाह खानकार्यवाहक महासचिवडॉ. ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। सत्र के दौरानकर्मचारियों को ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल के जीवन और योगदान के बारे में बताया गया। दृष्टिबाधित होने के बावजूद उनकी असाधारण लगन ने पढ़ने और लिखने की एक क्रांतिकारी प्रणाली के विकास को जन्म दियाजिसने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा और सूचना तक पहुंच में काफी सुधार किया है।

 

इस सत्र में ब्रेल के साथ-साथ आधुनिक सहायक तकनीकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गयाजो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को सशक्त बनाने और समाज में उनकी स्वतंत्रता और भागीदारी को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।

 

इस अवसर परचाइल्ड गाइडेंस सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री नसीम अहमद ने जागरूकतासमावेशिता और ज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के महत्व पर जोर दिया ताकि विकलांग व्यक्तियों के लिए एक सक्षम वातावरण बनाया जा सके। उन्होंने समान अवसरों और समावेशी प्रथाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता को दोहराया।

 

विश्व ब्रेल दिवस का यह आयोजन शिक्षाजागरूकता और सहायक सेवाओं के माध्यम से विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों की वकालतसंवेदीकरण और सशक्तिकरण की दिशा में चाइल्ड गाइडेंस सेंटर के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

  

प्रोफेसर साइमा सईद

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

Sunday, January 4, 2026

AMU OLD BOY'S (ALUMNI) ASSOCIATION KE KUCHH KAM

 


ISLAMIC CULTURE CENTRE DELHI  MEIN JANAB  MOHAMMAD ASIF HABIB SB DR.  AZAM MEER KI TAREEF KARTE HUE. OLD BOYS NRI KO ASSOCIATION KI PROGRESS DEKHNE KELIYE ALIGARH AANE KI  DAWAT DETE HUE CEC AMU OLD BOY'S (ALUMNI)  ASSOCIATION DR. MASOOD AHMAD 





INTER SCHOOL DISTRICT TAEKWONDO CHAMPIONSHIP 25 NOV. 2023

ALL INDIA SIR SYED ROLLER HOCKY TOURNAMENT 


JASHAN E EID MEELAD UN NABI


Saturday, January 3, 2026

AMU MINORITI CHARECTOR KA RESTORATION 2025 KA TOHFA

 





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Friday, January 2, 2026

GENERAL BODY MEETING OF AMU OLD BOY'S (ALUMNI) ASS0CIATION

 GENERAL BODY MEETING OF AMU OLD BOY'S (ALUMNI) ASS0CIATION  ON 28 DECEMBER 2025

DR MASOOD AHMAD IS PRESENTING AMUOBA REPORT ON BEHALF OF          GENERAL SECRETARY DR. AZAM MEER KHAN SB



 




Thursday, January 1, 2026

एएमयू में कनाडाई पूर्व छात्र प्रतिनिधिमंडल


एएमयू के कनाडाई पूर्व छात्र प्रतिनिधिमंडल वीसी से मिलता है, वैश्विक मशालबीर के रूप में पूर्व छात्रों को हाइलाइट करता है

अलीगढ़, 29 दिसंबर: पूर्व छात्रों और उनके अल्मा मेटर के बीच स्थायी बंधन की पुष्टि करते हुए, इंजीनियरिंग। एएमयू एलुमनाई एसोसिएशन ऑफ कनाडा (एएसी) के अध्यक्ष सैयद फैसल पी, और फेडरेशन ऑफ अलीगढ़ एलुमनाई एसोसिएशन (एफएए) की सचिव सुश्री नैला सईद ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में शिष्टाचार भेंट की और कुलपति प्रो से मुलाकात की। नाइमा खातून बैठक को गर्मजोशी से आदान-प्रदान और एएमयू की शैक्षणिक प्रगति और वैश्विक संलग्नता पर सार्थक संवाद द्वारा चिह्नित किया गया था।

बातचीत के दौरान, आगंतुकों ने प्यार से अपने छात्र दिनों की कक्षा सीखने, छात्रावास के जीवन और साथियों को याद किया जिसने उनकी पहचान को आकार दिया और उनकी पेशेवर यात्राओं को निर्देशित किया।

विदेश में एएमयू स्नातकों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, विशेष रूप से कनाडा, इंग्लैंड में। फैसल और सुश्री सईद ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्व छात्र देश के मशाल वाहक और एएमयू के मूल्यों के राजदूत के रूप में काम करना जारी रखते हैं, तकनीकी नवाचार, सामुदायिक नेतृत्व और बहुसांस्कृतिक सद्भाव में योगदान देते हैं।

प्रो. नैमा खातून ने वैश्विक पूर्व छात्र नेटवर्क के योगदान को स्वीकार किया और विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय प्रोफाइल को और बढ़ाने के लिए शैक्षणिक सहयोग और पूर्व छात्रों के सगाई को मजबूत करने के लिए एएमयू की प्रतिबद्धता को दोहराया।


डॉ. रख़्शन्दा रूही मेहदी की पुस्तकों “अलखदास” व “एक ख़्वाब जागती आँखों का...” का विमोचन

 जामिया कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ के कर-कमलों द्वारा डॉ. रख़्शन्दा रूही मेहदी की पुस्तकों “अलखदास” व “एक ख़्वाब जागती आँखों का...” का विमोचन


जामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ ने डॉ. रख़्शन्दा रूही मेहदी की पुस्तकों “अलखदास” और “एक ख़्वाब जागती आँखों का...” का किया  विमोचन 


जामिया मिलिया इस्लामिया के यासर अराफात हॉल में जामिया एलुमनाई अफेयर्स की ओर से प्रसिद्ध फिक्शन लेखिका और सैयद आबिद हुसैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की शिक्षिका डॉक्टर रख़्शन्दा रूही मेहदी की दो किताबों का विमोचन कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ  दिसंबर के तीसरे सप्ताह में किया गया। पहली किताब अलखदास” शेख अब्दुल कुद्दूस गंगोही (रह.) के हिंदी साहित्य में योगदान पर है और दूसरी किताब एक ख्वाब जागती आँखों का…” हिंदी कहानियों का संग्रह है।


उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति महोदय ने की जबकि विशेष अतिथि के रूप में प्रोफेसर मेहताब आलम रिज़वीरजिस्ट्रारजामिया मिलिया इस्लामिया उपस्थित हुए। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्षउर्दू विभाग तथा पूर्व डीनफैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड लैंग्वेजेज प्रोफेसर वहाजुद्दीन अलवी ने कहा कि सूफीवाद पर इस दौर में ऐसी व्यापक किताब लिखना किसी करिश्मे से कम नहीं है। सूफी अल्लाह से इश्क करता है और यही इश्क वह कायनात के हर कण में महसूस करता है। सूफी कभी किसी के दिल को ठेस नहीं पहुँचा सकता।


प्रोफेसर मेहताब आलम रिज़वी ने अलखदास” किताब को वर्तमान दौर की महत्वपूर्ण किताब बताते हुए कहा कि सूफीवाद आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है। सूफी के आस्ताने पर सभी धर्मों और मिल्लतों के मानने वाले श्रद्धा से एकत्र होते हैं। इसी अर्थ में रख़्शन्दा रूही मेहदी की किताब महत्वपूर्ण है और इसे पढ़ा जाना चाहिए।


अध्यक्षीय भाषण में कुलपतिजामिया मिलिया इस्लामिया ने बहुत विचारपूर्ण और विस्तृत बातचीत की। उन्होंने “” नाम की सूफीवाद की रोशनी में व्याख्या कीकुरान की कई आयतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सूफी को अपने महबूब यानी खुदा से करीब होने का रास्ता दीन व ईमान और सच्चे इश्क के बिना संभव नहीं है।


डीन एलुमनाई अफेयर्स प्रोफेसर आसिफ हुसैन ने दोनों किताबों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोहतरमा रख़्शन्दा रूही मेहदी उर्दू और हिंदी अदब का एक बड़ा नाम हैं। उनकी लिखी किताबें प्रशंसनीय हैं। इसी वजह से हमने इन दोनों किताबों के विमोचन की यह समारोह आयोजित किया।


सम्मेलन के अंत में किताब की लेखिका डॉक्टर रख़्शन्दा रूही मेहदी ने कहा कि सूफी अदब को पढ़ना या लिखना तब तक कोई अर्थ नहीं रखता जब तक सूफी तस्लीमात पर अपनी जिंदगी न गुजारी जाए। इकबाल के शेर को पढ़ते हुए उन्होंने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।


डॉक्टर जावेद हसनअसिस्टेंट प्रोफेसरउर्दू विभागजामिया मिलिया इस्लामिया ने कार्यक्रम की संचालन बहुत बेहतरीन अंदाज में किया। उन्होंने दोनों किताबों से चुने हुए उद्धरण पढ़कर सुनाए और अपने खास अंदाज में कई शेर भी पढ़े। राष्ट्रगान के बाद शानदार चाय के साथ यह समारोह अपने समापन पर पहुँचा।

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