Sunday, July 13, 2025

Research Methodology Course in AMU


 Prof Shahab Fazal, Prof Salauddin Qureshi, Prof Mohd Gulrez and Dr Mujibullah Zubairi with participants during the valedictory function of Research Methodology Course Concludes at Department of Geog

एएमयू के भूगोल विभाग में रिसर्च मैथाडालोजी पाठ्यक्रम का समापन


अलीगढ़, 9 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में आज भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित दस दिवसीय सामाजिक विज्ञानों में शोध पद्धति पाठ्यक्रम का समापन हो गया। जिसमें प्रतिभागियों को सर्टीफिकेट वितरित किये गये। इस अकादमिक कार्यक्रम का उद्देश्य शोधार्थियों और शिक्षकों की शोध क्षमताओं को मजबूत करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के पाठ्यक्रम तकनीकी विशेषज्ञता तो बढ़ाते ही हैंसाथ ही बौद्धिक जिज्ञासा को भी प्रोत्साहित करते हैं और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देते हैंजो आज के समय में प्रभावशाली शोध के लिए अत्यंत आवश्यक है।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुजीब उल्लाह जुबेरी ने शोध पद्धति प्रशिक्षण की परिवर्तनकारी शक्ति पर बल देते हुए कहा कि तेजी से बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में इस तरह की पहल अनिवार्य हो गई है ताकि शोधार्थियों को वैज्ञानिक तकनीकों से लैस किया जा सके और अंतर्विषयी अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।

अपने संबोधन में राष्ट्रीय भौगोलिक संघभारत के अध्यक्ष प्रो. सलाहुद्दीन कुरैशी ने सामाजिक विज्ञानों में विकसित हो रही शोध प्रविधियों की चर्चा की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम एक मजबूत शोध संस्कृति को पोषित करते हैं और शोधार्थियों को आधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों से सशक्त बनाते हैं।

समापन भाषण में पाठ्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. शाहाब फजल ने आईसीएसएसआर का आभार व्यक्त किया और सभी विशिष्ट अतिथियों व प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।

पाठयक्रम की सह-समन्वयक डॉ. सालेहा जमाल ने पाठ्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कीजिसमें विभिन्न मॉड्यूलविशेषज्ञ व्याख्यानव्यावहारिक सत्र और फील्ड रिपोर्ट शामिल रहे। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने इन सत्रों से भरपूर लाभ उठाया।

सत्र का संचालन डॉ. अहमद मुजतबा सिद्दीकी ने कियाजिन्होंने औपचारिक विमर्श को प्रभावशाली शेर-ओ-शायरी के साथ जोड़ा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और पाठ्यक्रम से मिली सीख और यादों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। इस पाठयक्रम में देशभर के अनेक विश्वविद्यालयों से तीस से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।


एएमयू में विश्व जनसंख्या दिवस

 

एएमयू में विश्व जनसंख्या दिवस पर व्याख्यान का आयोजन

अलीगढ़, 11 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रौढ़ सतत् शिक्षा एवं विस्तार केन्द्र द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गयाजिसका उद्देश्य वैश्विक जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता फैलाना था। यह व्याख्यान सामाजिक कार्य विभाग के पूर्व अध्यक्षप्रोफेसर नसीम अहमद खान द्वारा प्रस्तुत किया गया।

प्रो. खान ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस प्रतिवर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता हैताकि जनसंख्या वृद्धि और उसके सामाजिक व पर्यावरणीय प्रभावों पर ध्यान आकर्षित किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिवस की शुरुआत 1989 में हुई थी और तब से यह दिन महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों और चुनौतियों को रेखांकित करने का एक प्रमुख मंच बन चुका है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व की जनसंख्या 8 अरब से अधिक हो चुकी हैऔर अनियंत्रित वृद्धि पर्यावरणीय स्थिरतासंसाधनों की उपलब्धता और जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। प्रो. खान ने यह भी बताया कि जनसंख्या वृद्धि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव डालती है। हालांकिविश्व के विभिन्न देशों की सरकारों ने इस समस्या से निपटने के लिए अनेक उपाय अपनाए हैंफिर भी स्वास्थ्य सेवाओंआवासशिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

उन्होंने एक न्यायपूर्ण और आशावान विश्व में युवा अपनी पसंद का परिवार बना सकें- युवाओं को सशक्त बनाना” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं को प्रजनन से जुड़े निर्णयों के लिए अधिकारसंसाधन और अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।

कार्यक्रम का समापन केंद्र के निदेशक डॉ. शमीम अख्तर के औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

Friday, July 11, 2025

जेएमआई में नए मूल्यांकन हॉल का उद्घाटन

 


परीक्षा परिणाम की घोषणा में तेजी लाने के लिए जेएमआई में नए मूल्यांकन हॉल का उद्घाटन80% प्रवेश परिणाम पहले ही घोषित करके जेएमआई निकला अन्य संस्थानों से आग

 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं दोनों के परिणाम घोषणा प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय में एक नया मूल्यांकन हॉल का उद्घाटन किया। नए मूल्यांकन हॉल का उद्घाटन जेएमआई के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ़ और रजिस्ट्रारप्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने परीक्षा नियंत्रक (सीओई)जेएमआईप्रो. पवन कुमार शर्मा और उप-परीक्षा नियंत्रकजेएमआईप्रो. एहतेशामुल हक की उपस्थिति में किया। यह ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया के दौरानजेएमआई पहले ही 80% से अधिक प्रवेश परिणाम घोषित करके अन्य संस्थानों से काफी आगे है।

 

सीओई कार्यालय भवन की दूसरी मंजिल पर नवनिर्मित बहुउद्देश्यीय हॉल को पर्यवेक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। हॉल पूरी तरह से वातानुकूलित है और इसमें स्टोरेज रैक और बैठने की व्यापक व्यवस्था हैजो एक ही छत के नीचे सभी प्रवेश मूल्यांकन और उससे संबंधित गतिविधियों के लिए एक समर्पितपेशेवर और वांछित स्थान प्रदान करता है।

 

परीक्षा परिणाम जारी होने की तीव्र गति पर अपनी खुशी और संतुष्टि व्यक्त करते हुए और मूल्यांकन उद्देश्यों के लिए एक भव्य सुविधा के त्वरित बदलाव की सराहना करते हुएप्रो. आसिफ़ ने कहा, "मैं सीओईडिप्टी सीओई और सीओई कार्यालय में अत्यधिक कुशल प्रशासनिक और कार्यालय कर्मचारियों का आभारी हूंजिनकी पिछले महीनों की कड़ी मेहनत ने 2025 के प्रवेश की घोषणा को संभव बनाया है।" प्रो. आसिफ ने कहा, "मैं जेएमआई पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मकताअखंडता और खुशी का माहौल बनाना चाहता हूं।" उन्होंने कहा कि एनईपी मसौदा समिति के सदस्य के रूप मेंउन्होंने महसूस किया, "समय पर वेतन का वितरण और सही समय पर पदोन्नतिदो ऐसे कारक थे जो विश्वविद्यालय के संकाय और कर्मचारियों को प्रेरित करने के केंद्र में थे ताकि उनकी क्षमता को अधिकतम किया जा सके। यह वह दर्शन है जिसके साथ मेरा प्रशासन काम कर रहा है। परिणाम सभी के सामने हैं।" उन्होंने कहा।

 

प्रो. रिज़वी ने कहा, "हमारा आदर्श वाक्य 'एक जामियाएक परिवारहोना चाहिएजो तभी साकार होगा जब हमारे शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी विश्वविद्यालय के लिए सर्वश्रेष्ठ देने के लिए हाथ मिलाएंगे ताकि बहुत जल्द जेएमआई अपनी एनआईआरएफ रैंकिंग में तीसरे से दूसरे स्थान पर पहुंच सके।" प्रो. रिज़वी ने अपना विश्वास व्यक्त किया कि, "नए हॉल की शुरुआत साथअब हमारे मूल्यांकनकर्ताओं को सर्वोत्तम सुविधाएँ उपलब्ध होंगी ताकि पूरी परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को और तेज़ और सुव्यवस्थित किया जा सके।" प्रो. रिज़वी ने इस प्रवेश प्रक्रिया में बनाए गए उच्च स्तर की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए पूरे प्रो. शर्मा, प्रो. हक़ तथा जेएमआई बिरादरी को बधाई दीउन्होंने कहा "यह उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय ने अपनी इन-हाउस सुविधा और कर्मचारियों का उपयोग करके और किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी के बिना पूरी मल्टी-सिटी प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया को स्वयं ही संचालित किया। न केवल यह जेएमआई के लिए एक बड़ी उपलब्धि हैबल्कि यह अभूतपूर्व भी है।" प्रो. रिज़वी ने दोहराया। उन्होंने सी.ओ.ई.डिप्टी सी.ओ.ई., सभी डीन, विभागाध्यक्षों, निदेशकों, फैकल्टी मेम्बर्स, नॉन टीचिंग स्टाफ और सी.ओ.ई. कार्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा की गई कड़ी मेहनत की सराहना भी की।

 

परीक्षा नियंत्रक प्रो. शर्मा ने सीओई कार्यालय में प्रवेश और परीक्षा से संबंधित दो अनुभागों में चल रहे कार्यों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं के समय पर मूल्यांकन और अंक जमा करने के लिए जेएमआई बिरादरीविशेष रूप से संकाय सदस्यों को धन्यवाद दियाजिससे परिणामों की शीघ्र घोषणा संभव हो सकी।

 

अपने स्वागत भाषण मेंपरीक्षा उप नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक ने उपस्थित लोगों को बताया कि मूल्यांकन हॉल की स्थापना और जीर्णोद्धार का विचार माननीय कुलपति और रजिस्ट्रारजेएमआई का थाऔर उनके अटूट समर्थन और प्रतिबद्धता के कारण यह रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया। प्रो. हक ने यह भी बताया कि सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और देश के अन्य विश्वविद्यालयों से बहुत आगे है।

 

उद्घाटन से पहले कुलपतिरजिस्ट्रारसीओई और डिप्टी सीओई ने सीओई कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील ने किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. खालिद रजा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

DR. Aftab Alam

 

एएमयू शिक्षक डॉ. आफताब आलम की यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क (यूके) में ग्लोबल साउथ फेलो के रूप में की प्रतिष्ठित शैक्षणिक यात्रा

अलीगढ़, 10 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडीइतिहास विभाग में प्राचीन भारतीय इतिहास और पुरातत्व के सहायक प्रोफेसर डॉ. आफताब आलम ने हाल ही में यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक दौरा पूरा किया। यह यात्रा उन्होंने ग्लोबल साउथ फेलो के रूप में आमंत्रित किए जाने के तहत की।

अपने प्रवास के दौरान डॉ. आलम ने यॉर्क विश्वविद्यालय के पुरातत्व तथा पर्यावरण और भूगोल विभागों के वर्तमान और आगामी प्रमुखों सहित कई फैकल्टी सदस्यों से अकादमिक संवाद किया। उन्होंने इन विभागों से संबद्ध सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञ डॉ. एडम एस. ग्रीन के साथ भी शोध सहयोग किया। उनका यह अंतःविषयक शोध प्राचीन पुरातात्विक निष्कर्षों को आधुनिक पर्यावरणीय चुनौतियों से जोड़ते हुए सतत विकास की दिशा में नई अंतर्दृष्टियाँ प्रदान करता है।

डॉ. आलम ने यॉर्क विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल पार्टनरशिप्स की डीन डॉ. हीदर निवेन से भी मुलाकात कीजिसमें संस्थागत सहयोग को स्थायी रूप से आगे बढ़ाने के संभावित मार्गों पर चर्चा हुई।

यॉर्क में उन्होंने सिंधु मैदान का पहला नगरीकरण और गंगा मैदान का दूसरा नगरीकरणः संबंधोंविरासतों और मानव-पर्यावरण अंतःक्रिया की समझ’ विषय पर बायोआर्क टीम को एक व्याख्यान भी दिया।

दक्षिण एशियाई धरोहर अध्ययनजीआईएस (ज्योग्राफिक इंफारमेशन सिस्टम्स) और रिमोट सेंसिंग में विशेषज्ञता रखने वाले डॉ. आलम गंगा मैदान और सिंधु घाटी में व्यापक क्षेत्रीय अध्ययन कर चुके हैं। उनका शोध भारतीय उपमहाद्वीप में प्रारंभिक नगरीकरण और मानव-पर्यावरण संबंधों की समझ में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

उनकी यह यात्रा यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क के ग्लोबल साउथ एशिया प्रोग्राम के तहत प्रायोजित थीजो समानता पर आधारित अकादमिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोगात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है।

सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडीइतिहास विभाग के अध्यक्ष और समन्वयक प्रो. हसन इमाम ने कहा कि डॉ. आलम की यह भागीदारी एएमयू की वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता और अंतःविषयक अनुसंधान की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Wednesday, July 9, 2025

Registration in UP Govt : Para Medical College, AMU, Aligarh

 


एएमयू के पैरामेडिकल कॉलेज को मिला पंजीकरण

अलीगढ़, 9 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पैरामेडिकल कॉलेज को उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टीलखनऊ द्वारा पंजीकरण प्राप्त हो गया हैजो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह कॉलेज वर्ष 2021 में स्थापित हुआ था और निरंतर प्रयासों के साथ इसने अब औपचारिक मान्यता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. काजी एहसान अली ने जानकारी दी कि पंजीकरण की प्रक्रिया में कई चरणों में पूर्ण हुई। सर्वप्रथमकॉलेज ने मेडिकल एजुकेशन के निदेशक (लखनऊ) से एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त कियाजिसके लिए विस्तृत दस्तावेजीकरण और विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा किया गया।

प्रो. अली ने बताया कि यह प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज बाद में यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी को सौंपे गएजिसके बाद कॉलेज का पंजीकरण किया गया। अब यह पंजीकरण पैरामेडिकल कॉलेज और इसमें चल रहे बीएससी कोर्सों जैसे ऑप्टोमेट्रीफिजियोथेरेपीमेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजीडायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजीमेडिकल लैब साइंसेज और ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी को औपचारिक रूप से मान्यता प्रदान करता है। यह पंजीकरण पिछली तिथि सेयानी सत्र 2021-2022 सेप्रभावी होगाजिससे पहले और बाद की बैचों को लाभ मिलेगा। प्रो. अली ने बताया कि कॉलेज को सत्र 2021-2022 से 2024-2025 तक के लिए पंजीकृत किया गया है और सत्र 2025-2026 से आगे के लिए अंतिम पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन विशेष रूप से माननीय कुलपतिमेडिसिन संकाय के डीन और रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार

 


जामिया में पूर्वोत्तर छात्रों के छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए जामिया के वीसी और रजिस्ट्रार ने माननीय केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार से की मुलाकात

 जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ और जेएमआई के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने कल माननीय केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार जी के साथ बैठक की और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए 400 बिस्तरों वाले छात्रावास के निर्माण पर चर्चा की।

 

माननीय मंत्री डॉ. मजूमदार ने कुलपति और जेएमआई के रजिस्ट्रार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की और वादा किया कि उनका मंत्रालय इसका समर्थन करेगा।

 

प्रो. आसिफ़ ने कहा, "माननीय मंत्री डॉ. मजूमदार जी के साथ हमारी बैठक बहुत ही उपयोगी रही और हम पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए एक पूर्ण छात्रावास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया उन्हें परिसर में रहने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक बेहतरीन और अनुकूल स्थान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह छात्रावास पूर्वोत्तर के उन छात्रों के लिए घर से दूर एक घर होगा जो अपना करियर बनाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए दिल्ली आते हैं।" प्रो. आसिफ ने आगे कहा, " "हमारा उद्देश्य देश के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा प्रदान करने और उनके विकास और उन्नति में योगदान देने के विश्वविद्यालय के मिशन को आगे बढ़ाना है।" 

 

प्रो. रिज़वी ने कहा, "डॉ. मजूमदार जी के साथ हमारी बैठक महत्वपूर्ण रही और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों के लिए जामिया को एक केंद्र बनाने के हमारे प्रयासों में एक नया अध्याय शुरू करती है। जामिया में हमारे पास पूर्वोत्तर अध्ययन और नीति अनुसंधान के लिए एक विशिष्ट और समर्पित केंद्र भी है और हमें उम्मीद है कि हम पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों के बीच शिक्षण और अनुसंधान के प्रसार को और बढ़ावा देंगे।" प्रो. रिज़वी ने आगे कहा, "जेएमआई पूर्वोत्तर के छात्रों को सर्वोत्तम सुविधाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और आगामी शैक्षणिक सत्र में इस क्षेत्र के और अधिक छात्रों को परिसर में देखने की उम्मीद करता है।"

 

जेएमआई के कुलपति और रजिस्ट्रार दोनों ने विश्वविद्यालय को पूर्ण समर्थन देने और उनके प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने के लिए माननीय मंत्री के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। प्रो. आसिफ और प्रो. रिज़वी ने आगे कहा कि पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए प्रस्तावित छात्रावास क्षेत्रीयभाषाई और सांस्कृतिक विविधता में और योगदान देगाजिसके लिए जेएमआई जाना जाता है।

Saturday, July 5, 2025

ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, एमवीसी की पुण्यतिथि

 


नौशेरा के हीरो ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान
एमवीसी की पुण्यतिथि पर जामिया ने अर्पित की पुष्पांजलि

 

आज जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कब्रिस्तान में ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मानएमवीसी की स्मृति में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। 50वीं पैरा ब्रिगेड और 10वीं डोगरा रेजिमेंट ने ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मानएमवीसी के पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया था।

 

जेएमआई के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ और जेएमआई के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने देश के प्रति देशभक्तिवीरता और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक बन चुके गैलेंट ऑफिसर की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की।

 

इस कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिकों सहित कुल 25 अधिकारी शामिल हुए। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंहपीवीएसएमएवीएसएमवीएसएमपैराशूट रेजिमेंट के कर्नलसमारोह में मुख्य अतिथि थे। समारोह में शामिल होने वाले अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीर पाल सिंहपीवीएसएमएवीएसएमवीएसएमडीजी एनसीसीलेफ्टिनेंट जनरल निर्भय शर्मापीवीएसएमएवीएसएमवीएसएम (सेवानिवृत्त)पूर्व राज्यपाल मेजर जनरल जयचंद्रनमेजर जनरल आहूजाब्रिगेडियर डबासडिप्टी ब्रिगेड कमांडरब्रिगेडियर सिन्हा (सेवानिवृत्त)कर्नल गोपाल सिंहवीएसएम (वेटेरन)कर्नल विवेक पंडित (सेवानिवृत्त)कर्नल यश श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त)और अन्य शामिल थे।

 

प्रो. आसिफ़ और प्रो. रिज़वी के साथ प्रो. इक्तिदार मोहम्मद खान और जेएमआई के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर अपने हीरो को सम्मान देने के लिए मौजूद थे| मोहम्मद उस्मानएमवीसीपैरा ब्रिगेड ने पाकिस्तानी कबायली ताकतों के खिलाफ नौशेरा शहर की सफलतापूर्वक रक्षा कीऔर बहादुरी से झंगर शहर पर फिर से कब्ज़ा किया। शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मानजिन्हें 'नौशेरा के रक्षकके रूप में भी जाना जाता है, 1947-48 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान झंगर और नौशेरा (जम्मू और कश्मीर) पर फिर से कब्ज़ा करने के नायक थे। गैलेंट ऑफिसर 3 जुलाई, 1948 को शहीद हो गएजब नौशेरा में दुश्मन का एक गोला उनके करीब आकर गिरा।

भारत सरकार : ‘हरित भारत’ अभियान


Prof. Mohammad Gulrez with Prof M Waseem Ali, Prof Adam Malik Khan and others planting the tree at SS Hall North  

एएमयू के एसएस हॉल (नॉर्थ) में वृक्षारोपण अभियान के साथ वन महोत्सव का आयोजन

अलीगढ़, 4 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सर सैयद हॉल (नॉर्थ) में आज एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के हरित भारत’ अभियान के तहत पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति एएमयू की गहरी प्रतिबद्धता और युवाओं में पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

इस अभियान का शुभारंभ प्रो. मोहम्मद गुलरेज़ (विभागाध्यक्षपश्चिम एशिया एवं उत्तर अफ्रीकी अध्ययन विभाग)प्रो. एम. वसीम अली (प्रोक्टर)प्रो. मोहम्मद शमीम (अध्यक्षटीबी व चेस्ट रोग विभाग)प्रो. अनवर शहज़ाद (सदस्य प्रभारीभूमि एवं उद्यान) तथा डॉ. मुस्तफा कमाल (एसोसिएट प्रोफेसरसऊदी इलेक्ट्रॉनिक यूनिवर्सिटीदम्मामसऊदी अरब) द्वारा किया गया। हॉल प्रोवोस्ट प्रो. आदम मलिक खानवरिष्ठ अधीक्षक आमिर सुहैलहॉल स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं ने मिलकर परिसर में विभिन्न पौधे लगाएजिससे हरियाली को बढ़ावा मिला और वातावरण को अधिक स्वस्थ बनाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर प्रो. मोहम्मद गुलरेज़ ने कहा कि एक पेड़ लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए आशा जाग्रत करना है। आज के हमारे छोटे प्रयास ही कल एक हरित और टिकाऊ भविष्य का आधार बनेंगे।

यह आयोजन वनों के संरक्षणहरित आवरण बढ़ाने और सतत विकास में सार्थक योगदान देने के सामूहिक संकल्प को दर्शाता है।

Professor Mohammad Asif


 एएमयू के वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद आसिफ खान एएमयू के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष नियुक्त  

अलीगढ़, 1 जुलाईः प्रोफेसर मोहम्मद आसिफ खान को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के वाणिज्य विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 1 जुलाई, 2025 से तीन वर्षों की अवधि के लिए होगा।
प्रोफेसर खान एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और प्रशासक हैं, जिन्हें शिक्षण, शोध और विश्वविद्यालय प्रशासन में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनका शैक्षणिक विशेषज्ञता क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विपणन प्रबंधन, उद्यमिता, और मानव संसाधन प्रबंधन है। उन्होंने 15 पीएच.डी. शोधार्थियों और कई पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोज का मार्गदर्शन किया है। उनके नाम तीन पुस्तकें, पांच पुस्तक-अध्याय, और 28 से अधिक शोध पत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
वर्तमान में वे एएमयू के वाणिज्य संकाय के डीन और सेंटर आॅफ प्रोफेशनल स्टडीज़ के निदेशक भी हैं। विश्वविद्यालय की कई शैक्षणिक व प्रशासनिक समितियों का नेतृत्व भी कर रहे हैं। पूर्व में उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है, जिनमें चीफ प्रॉक्टर, नॉन-रेजिडेंट स्टूडेंट्स सेंटर के प्रोवोस्ट, डिप्टी एवं असिस्टेंट प्रॉक्टर, तथा करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस सेंटर के निदेशक शामिल हैं। वे कार्यकारी परिषद, शैक्षणिक परिषद, और विश्वविद्यालय कोर्ट जैसी प्रमुख वैधानिक निकायों के सदस्य भी रहे हैं।

Prof. Mohammad Danish

 


प्रोफेसर मोहम्मद दानिश एएमयू के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के समन्वयक नियुक्त

अलीगढ़, 1 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद दानिश को अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर का समन्वयक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से एक वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।
प्रोफेसर दानिश को रासायनिक अभियांत्रिकी में दो दशकों से अधिक का शिक्षण एवं शोध अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की से पीएच.डी. और एम.टेक. की उपाधि प्राप्त की है। इससे पूर्व, उन्होंने वर्ष 1999 में एएमयू से ही बी.टेक. की डिग्री प्राप्त की थी।
प्रो. दानिश प्रोसेस मॉडलिंग, सिमुलेशन एवं ऐडसॉर्प्शन टेक्नोलॉजीज के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कई एम.टेक. एवं पीएच.डी. शोध प्रबंधों का मार्गदर्शन भी किया है और उनके 35 से अधिक शोध पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें इनवायरनमेंटल साइंस एण्ड पोल्यूशन रिसर्च, कैमिकल इंजीनियरिंग कम्यूनिकेशन्स तथा सेपरेशन एण्ड प्यूरीफिकेशन टेक्नालोजी शामिल हैं। उनका शोध मुख्यतः रासायनिक अभियांत्रिकी समस्याओं के विश्लेषणात्मक एवं संख्यात्मक समाधान तथा प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रयोग पर केंद्रित है।
वह अलीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना में पर्यावरण अनुकूल शवदाह प्रणालियों से संबंधित परियोजना में सह-प्रमुख अन्वेषक (सीओ-पीआई) रहे हैं और कई अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं के लिए सक्रिय समीक्षक भी हैं।

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