Wednesday, January 14, 2026

Awareness Programme on “100 Days Bal Vivah Mukt Bharat” at JMI




 Awareness Programme on “100 Days Bal Vivah Mukt Bharat” held at Faculty of Law, Jamia Millia Islamia

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के फैकल्टी ऑफ लॉ में “100 दिन बाल विवाह मुक्त भारत” पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

  

जामिया मिल्लिया इस्लामियानई दिल्ली के लॉ फैकल्टी ने साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA), साकेत कोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ मिलकर, NALSA की देखरेख मेंमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय के "100 दिनबाल विवाह मुक्त भारत" पहल के तहत NALSA स्कीम ASHA (जागरूकतासमर्थनमदद और कार्रवाई) के क्रम में "बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सेवाएं" पर एक जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया।

 

 

कार्यक्रम की शुरुआत फैकल्टी ऑफ लॉ के डीनडॉ. गुलाम यज़दानी के उद्घाटन संबोधन से हुईजिन्होंने बाल विवाह जैसे गहरी जड़ें जमा चुके सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने में कानूनी शिक्षा और कानूनी जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने सामाजिक सुधार में योगदान देने और हाशिये पर पड़े समुदायों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने में कानून के छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।

 

इसके बाद सत्र को सम्मानित अतिथियों द्वारा आगे बढ़ाया गया। सुश्री प्रियंका रैनालीगल एड काउंसलसाउथ-ईस्ट दिल्ली लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने कानूनी सेवा प्राधिकरणों की भूमिका और कामकाज और भारत में मुफ्त कानूनी सहायता के महत्व को समझाते हुए एक व्यापक और जानकारीपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानोंजिसमें निवारकसुरक्षात्मक और उपचारात्मक तंत्र शामिल हैंपर विस्तार से बताया और इस बात पर ज़ोर दिया कि बाल विवाह से संबंधित मामलों की पहचानरोकथाम और समाधान में मुफ्त कानूनी सेवाएं कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके वक्तव्य ने छात्रों को कानून के व्यावहारिक आयामों और बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में कानूनी सहायता के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाया।

 

इसके बाद एक इंटरैक्टिव विचार-विमर्श सत्र हुआजिसके दौरान सुश्री प्रियंका रैना ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों का व्यापक जवाब दिया। इस सत्र छात्रों और शोधार्थियों की सक्रिय और सार्थक भागीदारी शामिल रहीजिसका समापन बाल विवाह की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सेवाओं के प्रभावी वितरण में शामिल व्यावहारिक चुनौतियोंवैधानिक उपायों और संस्थागत ढांचे पर एक संरचित और बौद्धिक रूप से उत्तेजक चर्चा के साथ हुआ। कार्यक्रम की एंकरिंग B.A. LL.B. तृतीय वर्ष की स्टूडेंट्स सुश्री खुशी अनवर और श्री मुहम्मद शगिल अंसारी ने बहुत अच्छे और दिलचस्प तरीके से कीजिनके तालमेल से कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के हुआ।

 

कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआजिसमें डीनफैकल्टी ऑफ लॉडॉ. गुलाम यज़दानीचीफ प्रॉक्टर और लीगल एड कमेटी के कोऑर्डिनेटरडॉ. असद मलिकऔर प्रोग्राम कोऑर्डिनेटरडॉ. अलीशा खातून को कार्यक्रम के आयोजन में उनके मार्गदर्शनसहयोग और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद दिया गया। सराहना और सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के तौर परडीन ने सम्मानित अतिथियों को पौधे भेंट किएजो विकासजिम्मेदारी और बाल विवाह मुक्त समाज की उम्मीद का प्रतीक थे।

 

इस कार्यक्रम ने फैकल्टी ऑफ लॉजामिया मिल्लिया इस्लामिया की कानूनी जागरूकतासामाजिक न्याय और समुदाय-उन्मुख कानूनी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को फिर से सुदृढ़ किया।

 


Monday, January 12, 2026

DONATION TO AMU STUDENTS BY AMU OLD BOY (ALUMNI) UAE

 


Today had Lunch-on- meeting with AMU Alumni UAE at Lal Qula hotel Dubai. Alumni donated 30000 AED for needy but meritorious students of City High School.

एएमयू ने जर्मन भाषा सर्टिफिकेट कोर्स शुरू


 Prof. Naima Khatoon, Prof. Mohd Mohsin Khan, Prof. Aasim Zafar, Prof. Aftab Alam, Dr Ajax Mohamed and Mr Imran Ahmad during the launching German Language Certificate Courses 

एएमयू ने जर्मन भाषा सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के लिए जर्मनी एलुमनी एसोसिएशन के बीच करार पर हस्ताक्षर

अलीगढ़, 10 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा विभाग के जर्मन अनुभाग ने जर्मनी में अध्ययन और कार्य करने के इच्छुक छात्रों के लिए शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एएमयू एलुमनी एसोसिएशन जर्मनी ई.वी. तथा ए एंड बी रिक्रूटिंग जीएमबीएचजर्मनी के साथ एक लेटर ऑफ इंटेंट करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत एएमयू में जर्मन भाषा के केरिटीफिकेटे कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे।

एलओआई पर कुलपति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातूनसहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खानरजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफरअंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रो. आफताब आलमएएमयू एलुमनी एसोसिएशन जर्मनी के अध्यक्ष डॉ. अजाक्स मोहम्मद तथा उपाध्यक्ष इमरान अहमद उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. नइमा खातून ने छात्रों के वैश्विक अनुभव और रोजगार क्षमता को बढ़ाने में पूर्व छात्रों द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय सहयोगों के महत्व पर बल दिया। प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने विभिन्न विषयों में विदेशी भाषा दक्षता की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित कियाजबकि प्रो. आसिम जफर ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को टिकाऊ बनाए रखने में औपचारिक शैक्षणिक ढांचे की भूमिका पर प्रकाश डाला।

प्रो. आफताब आलम ने इस समझौते को एएमयू के अंतरराष्ट्रीयकरण प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम बताया और जर्मन अनुभाग के निरंतर शैक्षणिक प्रदर्शन की सराहना की। डॉ. अजाक्स मोहम्मद ने कहा कि एलुमनी एसोसिएशन भाषा प्रशिक्षणमार्गदर्शन और पेशेवर सलाह के माध्यम से एएमयू छात्रों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैजबकि इमरान अहमद ने कहा कि संरचित प्रमाणन छात्रों को जर्मन शैक्षणिक और रोजगार बाजार के लिए बेहतर रूप से तैयार करेगा।

जर्मन के सहायक प्रोफेसर डॉ. सैयद सलमान अब्बास ने बताया कि प्रस्तावित पाठ्यक्रम भाषाई दक्षता और अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ाएंगेजो जर्मनी में शैक्षणिक और व्यावसायिक एकीकरण के लिए आवश्यक हैं।

इस सहयोग के अंतर्गत जर्मन भाषा प्रमाणनअंतर-सांस्कृतिक अभिमुखीकरण और करियर मार्गदर्शन की सुविधाएं प्रदान की जाएंगीविशेष रूप से इंजीनियरिंगकंप्यूटर एप्लीकेशंसपॉलिटेक्निक और नर्सिंग से जुड़े छात्रों के लिए। यह एलओआई एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आधार बनेगा और प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा।

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Sunday, January 11, 2026

AMU Vice-Chancellor Releases University Calendars for 2026


एएमयू कुलपति ने 2026 का विश्वविद्यालय कैलेंडर जारी किए

अलीगढ़, 10 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने आज अपने कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष 2026 के लिए विश्वविद्यालय के वॉल कैलेंडर जारी किए। इनमें सात पन्नों वाला और एक पन्ने वाला कैलेंडर शामिल है।

इस अवसर पर सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खानरजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफरपरीक्षा नियंत्रक डॉ. मुजीब उल्लाह जुबैरीप्रॉक्टर प्रो. एम. वसीम अलीडीन छात्र कल्याण प्रो. रफीउद्दीन और वित्त अधिकारी श्री नूरुस सलाम उपस्थित रहे।

कैलेंडर जारी करते हुए कुलपति प्रो. नइमा खातून ने कहा कि विश्वविद्यालय का कैलेंडर केवल तारीखें देखने का माध्यम नहीं हैबल्कि यह एएमयू की शैक्षणिकसांस्कृतिक और संस्थागत विरासत को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसमें दिए गए चित्र और डिजाइन कैंपस की जीवंतता को दिखाते हैं और विश्वविद्यालय की परंपराओं तथा आधुनिक गतिविधियों को एक साथ प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कैलेंडर समिति और जनसंपर्क कार्यालय की सराहना की।

सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान ने कहा कि विश्वविद्यालय कैलेंडर एएमयू समुदाय को उसकी विरासत और वर्तमान शैक्षणिक कार्यों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि इसमें विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों को सुंदर ढंग से दिखाया गया है।

इस अवसर पर ओएसडी (वीसी कार्यालय) प्रो. असफर अली खानविश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. निशात फातिमाडिप्टी प्रॉक्टर प्रो. इफ्फत असगरकैलेंडर समिति की सदस्य प्रो. विभा शर्मा (संयोजक)प्रो. शाफे किदवईप्रो. बदर जहाँडॉ. फायजा अब्बासी और जनसंपर्क अधिकारी उमर एस पीरजादा भी मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय के ये वॉल कैलेंडर प्रकाशन विभाग (पब्लिकेशंस डिवीजन) में आम बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। सात पन्नों वाला और एक पन्ने वाला कैलेंडर क्रमशः 100 और 25 रूपये में क्रिय किये जा सकते हैं।


Friday, January 9, 2026

Prof Adam Malik Khan Appointed Chairman, Department of Islamic Studies, AMU


Prof. Adam Malik Khan 

Prof Adam Malik Khan Appointed Chairman, Department of Islamic Studies, AMU

ALIGARH, January 9: Prof Adam Malik Khan of the Department of Islamic Studies, Aligarh Muslim University (AMU), has been appointed as Chairman of the Department of Islamic Studies for a period beginning January 9, 2026, and extending up to May 10, 2028, the date of his superannuation.

Prof Khan is a senior academic with more than 26 years of teaching and research experience at Aligarh Muslim University. An accomplished scholar, Prof Khan has published several books and research papers in reputed journals and edited volumes. His notable books include works on the development of sciences in Muslim Spain and Islam in Iran. He has also contributed extensively to academic journals in India and abroad and prepared study material for distance education programmes at AMU.

He has successfully supervised a large number of doctoral and postdoctoral researchers on diverse themes, and guided a postdoctoral fellow under a UGC-funded programme for women researchers.

In addition to his academic contributions, Prof Khan has rendered extensive administrative and institutional service to the University. He has served as a Provost of a Hall of Residence, Assistant Proctor and Deputy Proctor, and has held key responsibilities related to examinations, admissions and university-level committees.

 

AMU Vice-Chancellor Unveils MSW Placement Brochure for 2024–26 Batch

                                     


Prof. Naima Khatoon with Prof. Mohd Mohsin Khan, Prof. Ikram Hussain, Dr. Mohammad Tahir, Dr. Mohd Arif Khan, Dr Andleeb, Dr Mohd Uzair and Dr Sameera Khanam releasing the MSW Placement Brochure 

AMU Vice-Chancellor Unveils MSW Placement Brochure for 2024–26 Batch

ALIGARH, January 9: The Vice-Chancellor of Aligarh Muslim University (AMU), Prof. Naima Khatoon, along with Pro Vice-Chancellor Prof. Mohd Mohsin Khan, unveiled the Placement Brochure for Master of Social Work (MSW) IV Semester students of the 2024–26 batch at a function held at the Vice-Chancellor’s Secretariat.

The brochure highlights the academic training and fieldwork exposure of the outgoing batch and formally marks the beginning of the placement process. Addressing the gathering, Prof. Naima Khatoon congratulated the Department of Social Work and the students, stating that the MSW programme at AMU continues to produce socially committed professionals equipped to meet contemporary challenges.

Prof. Mohd Mohsin Khan noted that the dynamically updated curriculum enables graduates to effectively align professional competence with social responsibility.

Dean, Faculty of Social Science and Chairperson, Department of Social Work, Prof. Ikram Hussain briefed about the specialisations offered to the 2024–26 batch, including Human Resource Management, Industrial Relations and Community Development, and expressed confidence in the students’ role as change agents.

Coordinator, Training and Placement Cell, Dr. Mohammad Tahir highlighted the extensive field training undertaken by students and the proactive engagement of the Placement Cell with national and international organisations.

The event was attended by faculty members Dr. Mohd Arif Khan, Dr Andleeb, Dr Mohd Uzair and Dr Sameera Khanam, along with volunteers of the Training and Placement Cell of the Department of Social Work.

 

Public Relations Office

Aligarh Muslim University

AMU Shooter Zuhair Khan Wins Men’s Trap Gold at National Championship

 


एएमयू के शूटर जुहैर खान ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता

अलीगढ़, 5 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शूटर जुहैर खान ने फरीदाबाद स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिताओं (शॉटगन) में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।

जुहैर जो एएमयू में बीटेक (फूड टेक्नालोजी) तृतीय वर्ष के छात्र हैं ने इससे पहले जूनियर पुरुष ट्रैप स्पर्धा में कांस्य पदक जीता थासीनियर वर्ग में आत्मविश्वास के साथ उतरे और दबाव में उल्लेखनीय निरंतरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में 43 सटीक हिट्स के साथ अपनी पहली सीनियर राष्ट्रीय उपाधि हासिल की। जुहैर ने जूनियर विग्स टीम में भी कांस्य पदक हासिल किया।

पूरे फाइनल के दौरान स्थिर लय और शांत संयम बनाए रखते हुए जुहैर ने निर्णायक क्षणों का भरपूर लाभ उठायाजब कई अनुभवी शूटर चूक गए। जूनियर स्तर की सफलता से सीनियर राष्ट्रीय विजय तक उनका सहज संक्रमण उनकी बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है और राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में उत्तर प्रदेश की मजबूत मौजूदगी को भी सुदृढ़ करता है।

कोचों और अधिकारियों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की। इस जीत के साथ जुहैर आगामी राष्ट्रीय शिविरों और अंतरराष्ट्रीय चयन ट्रायल्स के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं।

Thursday, January 8, 2026

Dr Najish Begum (centre)with Justice MarkandeyKatju honoured for Contributions to Women’s Education




 
Dr Najish Begum (centre)with Justice MarkandeyKatju honoured for Contributions to Women’s Education

डॉ. नाजिश को शुक्ल, सुश्री रोशनी रावत, अधिवक्ता ज्ञान मित्रा लिए न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने किया सम्मानित

अलीगढ़, 7 जनवरीः अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीमेंस कालिज में हिन्दी की एसोसिएट प्रोफेसरडॉ. नाजिश बेगमको महिला शिक्षा एवं सशक्तिकरण विषय पर एचकेएस सुरजीत हॉलसमीप राउज एवेन्यू कोर्ट दिल्ली में क्रिएटिव फाउंडेशन दिल्ली द्वारा महान समाज सुधारकों सावित्रीबाई फुले एवं फातिमा शेख की जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में महिला शिक्षाअकादमिक नेतृत्व और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिऐ न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजूपूर्व न्यायाधीशसर्वोच्च न्यायालय द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन और संवैधानिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बौद्धिक स्वतंत्रता प्राप्त किए बिना वास्तविक समानता संभव नहीं है। उन्होंने सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख के संघर्ष को आज के संदर्भ में भी उतना ही प्रासंगिक बताया।

इस अवसर पर डॉ. नाजिश बेगम ने कहा कि फातिमा शेख ने न केवल लड़कियों को शिक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य कियाबल्कि उन्होंने सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर अपने ही घर में एक विद्यालय की स्थापना भी की। उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब सावित्रीबाई फुले के योगदान को स्मरण किया जाएगातब-तब फातिमा शेख का नाम भी समान सम्मान और आदर के साथ लिया जाना चाहिएक्योंकि दोनों ने मिलकर भारत में महिला शिक्षा की मजबूत नींव रखी।

संगोष्ठी का उद्देश्य भारत में महिला शिक्षा की ऐतिहासिक विरासतसंवैधानिक अधिकारों और समकालीन सामाजिक चुनौतियों के संदर्भ में लैंगिक न्याय को सुदृढ़ करना था। सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख द्वारा आरंभ किए गए शैक्षिक आंदोलन को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इन दोनों विभूतियों ने न केवल महिला शिक्षा की नींव रखीबल्कि सामाजिक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त किया।

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Advanced Ultrasound System to Strengthen Cancer Care at JNMC, AMU

 


Prof Naima Khatoon with Dr Shams Iqbal’s, Prof Mohd Khalid, Prof Mohd Akram and other Advanced Ultrasound System to Strengthen Cancer Care at JNMC

एएमयू के पूर्व छात्र ने जेएनएमसी को अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन दान की

अलीगढ़, 8 जनवरीः कैंसर की जांच और इलाज को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग को अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन प्राप्त हुई है। यह मशीन एडवांस्ड कलर डॉप्लर तकनीक से लैस हैजिसे एएमयू के पूर्व छात्र डॉ. शम्स इकबाल (एमबीबीएस, 1997 बैच) ने दान किया है। डॉ. इकबाल अमेरिका के हार्वर्ड मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में कंसल्टेंट इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट हैं।

इस नई अल्ट्रासाउंड मशीन से जेएनएमसी में आधुनिक कैंसर उपचार को काफी मदद मिलेगी। यह मशीन रियल टाइम और उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग प्रदान करती हैजिससे प्रोस्टेट और सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य कठोर ट्यूमर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इमेज-गाइडेड ब्रैकीथेरेपी को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा। इससे रेडियोधर्मी चीजों को सही स्थान पर लगाने में मदद मिलेगीइलाज के जोखिम कम होंगे और मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी।

मशीन के उद्घाटन अवसर पर एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून ने डॉ. शम्स इकबाल के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह दान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की अपने संस्थान के प्रति जिम्मेदारी और जुड़ाव का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करते हैंबल्कि दुनिया भर में फैले अन्य पूर्व छात्रों को भी एएमयू के विकास में योगदान के लिए प्रेरित करते हैं।

इस अवसर पर डॉ. शम्स इकबाल ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें उस संस्थान को कुछ लौटाने पर गर्व हैजिसने उनके मेडिकल करियर की नींव रखी। उन्होंने अल्ट्रासाउंड मशीन के क्लिनिकल उपयोगों का प्रदर्शन भी किया और आधुनिक कैंसर उपचार में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद अकरम ने डा. शम्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व छात्रों के सहयोग से जेएनएमसी में कैंसर उपचार सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे सहयोग से भविष्य में यहां एक समर्पित व्यापक कैंसर केंद्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

कार्यक्रम में चिकित्सा संकाय के डीन प्रोफेसर मोहम्मद खालिदजेएनएमसीएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रोफेसर नैयर आसिफअतिरिक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जिया सिद्दीकीरेडियोडायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मेहताब अहमद के अतिरिक्त डॉ. सैफुल्लाह खालिदडॉ. मोहम्मद शादाब आलमडॉ. समरीन जहीरवीएएम अंसारी तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के अन्य चिकित्सक और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

VC and Registrar, JMI, launch Jamia Schools Admission Prospectus 2026-27


 VC and Registrar, JMI, launch Jamia Schools Admission Prospectus 2026-27; Online applications open from today; No fee hike for session 2026-27

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वाइस-चांसलर और रजिस्ट्रार ने जामिया स्कूलों का एडमिशन प्रॉस्पेक्टस 2026-27 लॉन्च कियाऑनलाइन आवेदन आज से शुरूसत्र 2026-27 के लिए फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं

 

नई दिल्ली, 8 जनवरी, 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के स्कूलों के आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कल जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी नेपरीक्षा नियंत्रक (CoE) प्रो. एहतेशामुल हक और प्रॉस्पेक्टस ड्राफ्ट कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में एडमिशन प्रॉस्पेक्टस जारी किया। नर्सरीप्रिपरेटरी, I, VI, IX और XI कक्षाओं में एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया की वेबसाइट https://admission.jmi.ac.in पर उपलब्ध हैं।

 

आवेदकजिनमें विदेशी नागरिक और NRI वार्ड उम्मीदवार शामिल हैंअब जामिया के निम्नलिखित स्कूलों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैंजिसमें भारतीयों के लिए आवेदन शुल्क 500/- रुपये और विदेशी नागरिकों और NRI वार्डों के लिए 1500/- रुपये है: मुशीर फातिमा नर्सरी स्कूलजामिया मिडिल स्कूलजामिया सीनियर सेकेंडरी स्कूलसैयद आबिद हुसैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल (स्व-वित्तपोषित)और जामिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सेल्फ-फाइनेंस)।

 

इनमें से प्रत्येक स्कूल से संबंधित विस्तृत एडमिशन शेड्यूलजिसमें ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथिउपलब्ध सीटों की संख्यालॉटरी और लिखित परीक्षा की तारीखें (जहां लागू हो)चयनित उम्मीदवारों की सूची प्रदर्शित करने की तारीखऔर कक्षाओं के शुरू होने की तारीख शामिल हैजामिया स्कूल प्रॉस्पेक्टस 2026-27 में शामिल किया गया है और जेएमआई वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले इसे ध्यान से पढ़ें।

 

स्कूल एडमिशन शैक्षणिक सत्र 2026-27 की एक बड़ी बात यह है कि किसी भी कक्षा या किसी भी स्कूल में भारतीय छात्रों के लिए फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस मौके पर जेएमआई के वी.सी. प्रो. आसिफ़ ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है,” और आगे कहा, “हमारे स्कूल भारत की शिक्षा प्रणाली की नींव और आधार हैं। इसलिए हमने इस बात का बहुत ध्यान रखा है कि जामिया स्कूल सभी को साथ लेकर चलने वाले और सबके लिए बराबर हों और समाज के सभी वर्गोंखासकर लड़कियों और खास ज़रूरतों वाले बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करें। इस एकेडमिक वर्ष सेहम बेहतर सुविधाएं देने के लिए स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर रहे हैं। खास ज़रूरतों वाले बच्चों पर खास ध्यान दिया जा रहा हैजिनके लिए हम खास ट्यूटर और स्पेशल एजुकेशन के क्षेत्र से जेआरएफ स्कॉलर्स को नियुक्त कर रहे हैं ताकि उन्हें साथ मिलकर सीखने में मदद मिल सके।” प्रो. आसिफ़ ने आगे कहा इसके अलावाहम शिक्षा की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद के लिए स्कूल के पूर्व छात्रों से भी एक्टिव सपोर्ट मांग रहे हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुसार वैल्यू-बेस्ड और स्किल-बेस्ड लर्निंग को शामिल करने के लिए हमारे करिकुलम को आज की ज़रूरतों के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है।” प्रो. आसिफ़ ने कहा।

 

प्रोफेसर रिज़वी ने एडमिशन प्रॉस्पेक्टस के समय पर लॉन्च होने पर कमेटी को बधाई देते हुए कहा, “हमें नए एकेडमिक वर्ष 2026-27 के लिए जामिया स्कूलों में एडमिशन शुरू होने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। जामिया स्कूल सिर्फ़ सीखने के संस्थान नहीं हैंवे इस 105 साल पुराने संस्थान के समृद्ध इतिहास और स्थायी विरासत का प्रतीक हैं। सुश्री मुशीर फातिमा और सुश्री गिर्दा फिलिप्सबॉर्न जैसी जानी-मानी हस्तियों का जीवन और योगदान हमारे शिक्षकों को प्रेरित करता रहता है और हमारी शैक्षिक सोच का मार्गदर्शन करता है। हमारे प्रिंसिपल और शिक्षक यह सुनिश्चित करते हैं कि जामिया स्कूलों मेंयुवा प्रतिभा न केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त करें बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रति भी जागरूक हों। हम शिक्षापाठ्यक्रम और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और खेल में उत्कृष्टता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैंताकि ऐसे सर्वांगीण छात्रों और भविष्य के नागरिकों का पोषण हो सके जो समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे। यह समग्र दर्शन जामिया स्कूलों के लिए एक मार्गदर्शक का काम करता है।

 

इस एडमिशन की एक खास बात क्लास VI, IX और XI (साइंसआर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम) के लिए मल्टी-सिटी एंट्रेंस टेस्ट की सुविधा हैजो दिल्लीलखनऊपटनाकोलकाता और श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल ही प्रोफेसर आसिफ और प्रोफेसर रिज़वी ने मल्टी-सिटी एडमिशन टेस्ट सेंटर का विचार रखा था ताकि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले आवेदकों के लिए जेएमआई में आवेदन करना आसान हो सके और जामिया स्कूलों की क्षेत्रीय विविधता के साथ-साथ बहुलवादी चरित्र को और बढ़ाया जा सके।

 

बालक माता केंद्रों के लिए ऑफलाइन आवेदन पत्र 5 मार्च, 2026 से उपलब्ध होंगे और आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 50/- रुपये की फीस के साथ 20 अप्रैल, 2026 है। बालक माता केंद्रों में एडमिशन के लिए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी मटिया महलकस्साबपुरा और बेरीवाला बाग में उपलब्ध होंगी और संबंधित केंद्रों पर जमा की जानी चाहिए। प्रोफेसर हक ने कहा, “CoE होने के नातेमैं यह पक्का करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं कि एडमिशन और परीक्षा प्रक्रियाएं निष्पक्ष और समय पर हों। सभी एडमिशन प्रक्रियाएं जामिया मिलिया इस्लामिया के स्कूल बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के एक्टकानूनोंअध्यादेशोंनियमों और फैसलों और उसके दिशानिर्देशों के अनुसार सख्ती से की जा रही हैंजिसमें ईमानदारीपारदर्शिता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखा जा रहा है।

 

प्रोफेसर हक ने जेएमआई के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार की उनके अटूट समर्थन के लिए तारीफ की और कमेटी के सदस्योंडीनस्कूल प्रिंसिपल और डिप्टी रजिस्ट्रार (स्कूल) को उनके सक्रिय प्रयासों के लिए धन्यवाद दियाजिससे प्रोस्पेक्टस को समय पर लॉन्च करना संभव हो पाया।

 

 

प्रोफेसर साइमा सईद

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

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