जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कुलपतिप्रो. मज़हर आसिफ़ की अध्यक्षता में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, दिल्ली मध्य-1(कार्यालय) की तृतीय बैठक का आयोजन
दिनांक 11 जून 2026 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नगर राजभाषा कार्यालय समिति (नराकास) की तृतीय बैठक का आयोजन कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ की अध्यक्षता में किया गया जिसमें केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले सदस्य कार्यालयों के कार्यालय प्रमुख और राजभाषा अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के माननीय कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ़ को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति दिल्ली मध्य -1 की अध्यक्षता का दायित्व सौंपा गया था, उनकी अध्यक्षता में नराकास की यह तृतीय बैठक थी।
इस बैठक में राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संयुक्त निदेशक श्री कुमार पाल शर्मा, संयुक्त निदेशक, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ राजभाषा विभाग के कुछ अन्य पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र क़ुरान के पाठ से की गई| इसके बाद जामिया का तराना प्रस्तुत किया गया| स्वागत समिति ने अथितियों का विधिवत स्वागत किया| कार्यक्रम में जामिया के कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी की गरिमामयी उपस्थिति रही| जामिया के हिंदी विभाग के अध्यक्ष एवं राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रो. नीरज कुमार ने स्वागत वक्तव्य देते हुए सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के उपयोग के महत्त्व पर प्रकाश डाला और नराकास बैठक की प्रासंगिकता और उपयोगिता की चर्चा की |
बैठक में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त निदेशक श्री कुमार पाल शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि "आज जामिया में इस बैठक में आकर मुझे संतोष है की नराकास का दायित्व अब एक ऐसे ऐतिहासिक संस्थान को सौंपा गया है जिससे राजभाषा के कार्यान्वयन को निरंतर गति मिल रही है|" राजभाषा से संबंधित अधिनियमों की चर्चा करते हुए केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों को भेजे जाने वाले वार्षिक कार्यक्रम की जानकारी साझा की और राजभाषा के कार्यान्वयन में वार्षिक कार्यक्रम के महत्त्व को रेखांकित किया| मूल रूप से उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले दस्तावेजों का और उनके द्विभाषी रूप में जारी किए जाने का आह्वान किया| कार्यालयों के बीच किए जाने वाले पत्राचार के सन्दर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि किस आधार पर राजभाषा की दृष्टि से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'क' 'ख' और 'ग' श्रेणी में बाँटा गया है जिससे राजभाषा कार्यान्वयन के कार्य को सुचारू रूप से चलाया जा सके और गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके|
नगर राजभाषा कार्यालय समिति की इस बैठक में केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले सदस्य कार्यालयों के बहुत से प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सभी ने अपना परिचय देते हुए उनके कार्यालयों में राजभाषा के कार्यान्वयन में आने वाली व्यवाहरिक समस्याओं की तरफ ध्यान आकर्षित किया, जिस पर व्यापक चर्चा भी की गई| कार्यालयों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने बहुत स्पष्टता से राजभाषा के कार्यान्वयन में कार्यालयों में आने वाली व्यवाहरिक समस्याओं से नराकास के नवनियुक्त अध्यक्ष को अवगत कराया और उनसे इन समस्याओं के निवारण का अनुरोध किया| जिसे अध्यक्ष महोदय ने गंभीरता से लिया और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया| साथ ही सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का भी अध्यक्ष द्वारा स्वागत किया गया| अध्यक्ष द्वारा दिए गए आश्वासन से सभी सदस्यों द्वारा संतोष व्यक्त किया गया गया|
जामिया के कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ़ ने अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए जामिया की स्थापना, इसकी ऐतिहासिक विरासत का हवाला देते हुए भाषा और संस्कृति के आपसी संबध पर प्रकाश डालते हुए मातृ-मातृभाषा-मातृभूमि के संबध की विशेषता को रेखांकित किया| उन्होंने स्पष्ट किया किया कि "जिन्हें माँ से प्रेम है उन्हें मातृभाषा से भी प्रेम होता है और उन्हें मातृभूमि से निश्चित रूप से प्रेम होता ही है और इसी वजह से तीनों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता जैसे कि बच्चे को माँ से नहीं|" इसी क्रम में उन्होंने NEP 2020 का हवाला दिया जिसमें वह ड्राफ्ट एंड इम्पलीमेंटशन कमेटी के सदस्य भी रहे हैं| उन्होंने NEP 2020 में मातृभाषा को विशेष स्थान दिए जाने और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी भी साझा की|
इस बैठक में राजभाषा के कार्यान्वयन की प्रगति के संबंध में नराकास अध्यक्ष एवं कुलपति की विशेष रूचि दिखाई दी| उन्होंने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। अपने वक्तव्य की अंत में उन्होंने राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारियों, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्यों, कार्यालयों के प्रतिनिधियों और आप सभी विशिष्टजनों का इस बैठक में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि "मैं आशा करता हूँ कि हम सभी मिलकर राजभाषा हिंदी के संवर्धन हेतु निरंतर प्रयासरत रहेंगे।"
ज्ञात हो कि राजभाषा को गति प्रदान करने के लिए जामिया प्रशासन ने अनेक उप-समितियों का गठन किया है जिसमें कुलपति के विशेष कार्याधिकारी श्री ओमप्रकाश आर्या, डीन-छात्र कल्याण प्रोफेसर नीलोफर अफजल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर साइमा सईद, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. विकास सीतारामजी नागराले, हिंदी विभाग के अध्यक्ष एवं राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रो. नीरज कुमार, हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. आसिफ उमर, फारसी विभाग के डॉ. मोहसिन, पर्यावरण अध्ययन विभाग के डॉ. राजीव सिंह, सहायक कुलसचिव श्री नुरुल होदा और सुश्री श्रुति, उद्यान विशेषज्ञ डॉ. भारत भूषण, हिंदी अनुवादक डॉ. यशपाल, यूडीसी पुष्कर कुमार धनौलिया और हिंदी टाइपिस्ट श्री नदीम अख़्तर को उप समितियों का सदस्य नियुक्त किया है।
कार्यक्रम का सरस संचालन हिंदी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार द्वारा किया गया जिन्होंने ‘माँ’ पर स्वरचित काव्य पंक्तियां सुनाकर प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया| जामिया के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. आसिफ़ उमर द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ |
प्रोफेसर साइमा सईद
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी
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