Dr. Syed Ziaur Rahman
एएमयू के फार्माकोलॉजिस्ट ने स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषयक राष्ट्रीय एफडीपी में दिया व्याख्यान
अलीगढ़, 12 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. सैयद जियाउर रहमान को लखनऊ स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वर्चुअल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया।यह कार्यक्रम “नेक्स्ट-जनरेशन थेरेप्यूटिक्सः हार्नेसिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर प्रिसीजन मेडिसिन एंड ड्रग डिलीवरी” विषय पर केंद्रित था। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रहमान ने फार्माकोविजिलेंस में सिग्नल डिटेक्शन हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसी एआई आधारित तकनीकें बड़े पैमाने पर वास्तविक स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर दवा सुरक्षा निगरानी प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं।
उन्होंने दुर्लभ तथा पहले से अज्ञात दुष्प्रभावों (एडवर्स ड्रग रिएक्शन्स) की पहचान में एआई की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्व की अग्रणी संस्थाएं, जैसे उप्साला मॉनिटरिंग सेंटर, यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी तथा अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएस-एफडीए), उन्नत फार्माकोविजिलेंस मॉडल का उपयोग कर रही हैं।
डॉ. रहमान ने इस बात पर भी जोर दिया कि यद्यपि एआई सिग्नल डिटेक्शन को अधिक प्रभावी बना सकता है, फिर भी महत्वपूर्ण नियामक निर्णय वैज्ञानिक विवेक और मानवीय विशेषज्ञता के आधार पर ही लिए जाने चाहिए।
व्याख्यान में देशभर से 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न संस्थानों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य शामिल थे। डॉ. रहमान को कार्यक्रम के समापन सत्र में मानद् अतिथि के रूप में भी आमंत्रित किया
No comments:
Post a Comment