Friday, June 26, 2026

एएमयू के व्यवसाय प्रशासन विभाग ने पाठ्यक्रम विकास कार्यशाला का अयोजन किया

 


Prof Salma Ahmad, Prof Pervez Talib with participants at the Curriculum Development Workshop

Prof Salma Ahmad, Prof Pervez Talib with participants at the Curriculum Development Workshop

अलीगढ़, 16 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा एमबीए पाठ्यक्रम की समीक्षा एवं अद्यतन करने के उद्देश्य से एक पाठ्यक्रम विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बढ़ती औद्योगिक आवश्यकताओं और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम को अधिक प्रासंगिक बनाना था।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. सलमा अहमद ने बताया कि यह कार्यशाला विभाग द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम पुनरीक्षण की श्रृंखला की आठवीं कड़ी है, जिसका आयोजन मई-जून 2026 के दौरान किया जा रहा है।

कार्यशाला में संचालन प्रबंधन (ऑपरेशंस) एवं सामान्य प्रबंधन (जनरल मैनेजमेंट) विशेषज्ञताओं पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। संचालन प्रबंधन सत्र में उद्योग एवं शिक्षाजगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें मुंजाल शोवा लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (मैटेरियल्स) डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, गुजरात मैरीटाइम विश्वविद्यालय की प्रो. तनुजा कौशिक तथा जागरण लेक सिटी बिजनेस स्कूल के प्रो. किशोर कुमार मौर्य शामिल रहे। इस दौरान स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी), परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) और समकालीन सोर्सिंग प्रथाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विभाग के पूर्व छात्र वकास अहमद बेग (एक्सेंचर) तथा नावल अहमद (कॉगेंट इन्फोटेक) ने भी अपने विचार साझा किए।

सामान्य प्रबंधन सत्र का नेतृत्व विभाग के पूर्व प्रोफेसर प्रो. अजहर काजमी ने किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम विकास के अपने अनुभवों के आधार पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अन्य विशेषज्ञों में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. नसीब अहमद तथा आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल, बेंगलुरु की प्रो. भारती एस. गोपाल शामिल रहीं। वहीं, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े पूर्व छात्र पुरु यशार्थ ने उद्योग जगत के दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

कार्यशाला में विभाग के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। प्रो. सलमा अहमद ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्राप्त सुझाव एमबीए कार्यक्रम की गुणवत्ता और उद्योगोन्मुखी प्रासंगिकता को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।


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