विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर एएमयू में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
अलीगढ़, 2 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), अर्थशास्त्र विभाग, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के औषधि विज्ञान (फार्माकोलॉजी) विभाग तथा अब्दुल्ला स्कूल द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), एएमयू द्वारा तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी एवं भूगोल विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मंसूर आलम सिद्दीकी ने तंबाकू सेवन और निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालते हुए जन-जागरूकता, धूम्रपान-मुक्त सार्वजनिक स्थलों और तंबाकू छोड़ने के लिए सहायता सेवाओं के महत्व पर बल दिया। एनएसएस के कार्यवाहक समन्वयक डॉ. अब्दुल जब्बार ने तंबाकू मुक्त परिसर और समाज के निर्माण के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया, जबकि डॉ. फौजिया फरीदी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नाहिद अकबरी ने किया।
अर्थशास्त्र विभाग द्वारा ‘नो टोबैको प्लेज’ (तंबाकू निषेध शपथ) कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। विभागाध्यक्ष प्रो. शहरोज आलम रिजवी ने सभी को शपथ दिलाई और तंबाकू के व्यक्ति एवं परिवार के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों को दर्शाने वाले पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए।
जेएनएमसी के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा एक जनव्याख्यान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. ब्रह्मांकर नचिकेत अरुण ने तंबाकू सेवन से उत्पन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए हृदय रोगों, श्वसन संबंधी बीमारियों, स्ट्रोक और विभिन्न प्रकार के कैंसर से इसके संबंध की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने निष्क्रिय धूम्रपान, निकोटीन की लत और समय रहते हस्तक्षेप तथा तंबाकू छोड़ने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन पर फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सैयद जियाउर्रहमान ने तंबाकू जनित रोगों को कम करने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।
अब्दुल्ला स्कूल में अधीक्षिका उमरा जहीर के मार्गदर्शन में कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कर्मचारियों को तंबाकू सेवन के स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। साथ ही राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन (नेशनल टोबैको क्विटलाइन) का नंबर भी साझा किया गया, ताकि लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
इन सभी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सार्वजनिक स्वास्थ्य संवर्धन तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के प्रति एएमयू की प्रतिबद्धता को दोहराया।
No comments:
Post a Comment