Prof. Naima Khatoon addressing the World Heart Day function on dais Prof. Mohd. Mohsin Khan, Mohammad Khalid, Prof. Anjum Parwez Prof. Naiyer Asif, Prof. Asif Hasan, Prof Salam Ahmed and Prof Malik
एएमयू में विश्व हृदय दिवस पर विशेषज्ञों ने बचाव, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली पर दिया जोर
अलीगढ़, 29 सितंबरः हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़े रोगों से बचाव तथा समय पर उपचार के महत्व को रेखांकित करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आज विश्व हृदय दिवस-2026 मनाया गया। इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सभागार में हृदय रोग एवं रेडियोलॉजी विभाग तथा व्यवसाय प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
‘एक भी धड़कन न चूकें’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षकों, रेजिडेंट चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने हृदय रोगों से बचाव, जोखिम कारकों और स्वस्थ जीवनशैली पर चर्चा की। कार्यक्रम में बचाव, समय पर रोग की पहचान, विशेषज्ञ उपचार और जनस्वास्थ्य जागरूकता के साथ गुणवत्तापूर्ण, प्रमाण आधारित और मरीज केंद्रित चिकित्सा सेवाओं पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान भी मौजूद रहे।
प्रो. नइमा खातून ने कहा कि हृदय का स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है और बदलती जीवनशैली के दौर में इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तनाव, अस्वास्थ्यकर खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी से हृदय रोगों का खतरा बढ़ रहा है और इसका प्रभाव कम उम्र के लोगों में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व हृदय दिवस लोगों को बचाव के उपाय अपनाने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने हृदय रोगों की चिकित्सा और सामुदायिक जागरूकता के क्षेत्र में एएमयू की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान के अलावा चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मोहम्मद खालिद, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अंजुम परवेज, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. नैयर आसिफ, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, रेजिडेंट चिकित्सक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्वागत भाषण में प्रो. मलिक मोहम्मद अजहरुद्दीन ने बचाव आधारित हृदय चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला। ‘बचाव आधारित हृदय चिकित्सा के सिद्धांत’ विषय पर उन्होंने जीवनशैली में सुधार और हृदय रोग के जोखिम की शुरुआती जांच को हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने के महत्वपूर्ण उपाय बताया।
वैज्ञानिक सत्रों में हृदय रोगों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रो. आसिफ हसन ने कोरोनरी धमनी रोग से जुड़े आम भ्रमों पर प्रमाण आधारित जानकारी दी। प्रो. मोहम्मद आजम हसीन ने परिधीय धमनी रोग, उसके जोखिम कारकों और बचाव के उपायों पर जानकारी दी।
डॉ. मोहम्मद रियाजुद्दीन ने धूम्रपान छोड़ने के उपायों पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. हामिद अशरफ ने मोटापे को हृदय रोग का एक महत्वपूर्ण और नियंत्रित किया जा सकने वाला जोखिम कारक बताया। प्रो. मेहताब अहमद ने कोरोनरी धमनी में कैल्शियम की जांच की भूमिका और हृदय रोग के जोखिम के आकलन एवं उपचार के बारे में जानकारी दी। डॉ. हुसैनी एस. हैदर मेहदी ने माश रोग तथा चयापचय संबंधी विकारों, यकृत और हृदय के बीच संबंध पर चर्चा की।
कार्यक्रम में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए लगातार बचाव, स्वस्थ जीवनशैली, जोखिम की पहचान और समय पर चिकित्सा देखभाल जरूरी है। साथ ही जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ बचाव आधारित चिकित्सा और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सैयद हादी अली रिजवी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एएमयू के प्रबंधन विभाग की अध्यक्ष प्रो. सलमा अहमद ने किया।
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